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राष्ट्रपति चुनाव: बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक, किसके नाम पर लगेगी मुहर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्या इस बार भी कोई चौंकाने वाला नाम सामने लाएंगे ?

Amitesh Amitesh Updated On: Jun 19, 2017 01:34 PM IST

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राष्ट्रपति चुनाव: बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक, किसके नाम पर लगेगी मुहर?

राष्ट्रपति पद के लिए बीजेपी की तरफ से उम्मीदवार कौन होगा, इससे जल्द ही पर्दा उठ सकता है. दिल्ली में बीजपी दफ्तर में पार्टी संसदीय बोर्ड की बैठक में उम्मीदवार के नाम पर मुहर लग सकती है.

बीजेपी नेताओं की तरफ से लगातार अलग-अलग दलों के नेताओं से बातचीत का सिलसिला जारी रहा है. बीजेपी की तीन सदस्यीय समिति ने पिछले हफ्ते अलग-अलग दलों के नेताओं से मुलाकात कर इस पर आम सहमति बनाने की कोशिश भी की थी.

समिति के सदस्य गृह मंत्री राजनाथ सिंह और सूचना प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और लेफ्ट नेताओं से मुलाकात की थी. जबकि, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर इस सिलसिले में शिवसेना के समर्थन लेने की कोशिश की. गौरतलब है कि शिवसेना का रुख राष्ट्रपति चुनाव को लेकर पहले से ही कड़ा रहा है.

शिवसेना के समर्थन पर संशय

Amit Shah meets Uddhav Thackeray

सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना इस बात को लेकर खुश नहीं है कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फैसला करें. हालांकि, शिवसेना की तरफ से एक बार फिर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और कृषि वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन का नाम सुझाया भी गया है.

दरअसल शिवसेना का इतिहास पहले से ही इस मामले में भरोसेमंद नहीं रहा है. इसके पहले दो राष्ट्रपति चुनावों के वक्त शिवसेना ने एनडीए का साथ छोड़कर यूपीए के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी और प्रतिभा पाटिल को समर्थन दिया था.

लेकिन, उम्मीद की जा रही है कि बीेजेपी अध्यक्ष अमित शाह के साथ उद्धव ठाकरे की मुलाकात के बाद शिवसेना के रूख में परिवर्तन देखने को मिलेगा.

लेकिन, बीजेपी की कोशिश है कि शिवसेना के साथ-साथ टीएमसी, बीजेडी और समाजवादी पार्टी को अपने पाले में लाकर विपक्ष की एकता में टूट डाली जाए. बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने टीएमसी नेताओं से बात भी की है. माना जा रहा है कि अगर बीजेपी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का नाम आगे करती है तो ममता बनर्जी इस पर राजी हो सकती हैं.

SushmaSwaraj

पार्टी नेताओं को लगता है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के नाम को आगे किया जाता है तो शिवसेना भी उस पर राजी हो सकती है. गौरतलब है कि 2014 के लोकसभा चुनाव के पहले सुषमा स्वराज के नाम को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर भी शिवसेना ने ही उछाला था.

आम सहमति बनाने की कोशिश

बीजेपी नेताओं की तरफ से समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव से भी बात  हुई है. उनकी तरफ से भी साफ कहा गया है कि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर किसी राजनीतिक व्यक्ति को ही लाया जाना चाहिए. समाजवादी पार्टी के इस रूख के बाद बीजेपी किसी राजनैतिक व्यक्ति को एक बार फिर से इस पद के लिए आगे कर सकती है.

बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक से पहले संघ के नेताओं से भी बीजेपी आलाकमान की बात हुई है. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का नागपुर का दौरा संघ की रायशुमारी के लिए ही किया गया था. संघ चाहता है कि कोई भी ऐसा व्यक्ति राष्ट्रपति के पद पर बैठे जो विचारधारा से जुड़ा हो.

ऐसी सूरत में बीजेपी की कोशिश है कि सबको साधने के लिए एक ऐसी राजनीतिक हस्ती को आगे किया जाए जो न केवल विचारधारा के करीब हो, बल्कि, बाकी दलों और खासतौर से विपक्ष को भी स्वीकार्य हो.

इन नामों पर हो सकती है चर्चा

बीजेपी की तरफ से जिन नामों पर चर्चा हो रही है, उनमें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. सुषमा स्वराज के नाम को अगर बीजेपी आगे करती है तो इसके जरिए बीजेपी अपनी सहयोगी शिवसेना को साथ लाने के साथ-साथ टीएमसी को भी अपने पाले में ला सकती है.

इसके अलावा झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मु भी दावेदार मानी जा रही हैं. द्रौपदी मुर्मु ओडिशा की रहने वाली हैं और अनुसूचित जनजाति समुदाय से आती हैं. ऐसा कर बीजेपी पहली बार किसी अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को राष्ट्रपति के पद पर लाने का दांव चल सकती है.

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत का नाम भी चर्चा में है. गहलोत दलित समुदाय से आते हैं और उनका आरएसएस से गहरा नाता रहा है. ऐसे में बीजेपी एक दलित समुदाय के गहलोत को राष्ट्रपति पद के तौर पर आगे कर सकती है.

इन सभी नामों के अलावा बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी और केरल के गवर्नर पी सदाशिवम का नाम भी चर्चा में है.

क्या एक बार फिर सबको चौंकाएंगे मोदी ?

बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में उम्मीदवार के नाम पर चर्चा तो जरूर होगी. लेकिन, हो सकता है कि बैठक के तुरंत बाद राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार के नाम का एलान न हो. बीजेपी संसदीय बोर्ड इस बाबत फैसला लेने की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के उपर छोड़ सकता है.

सबकी नजरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरप्राइज फैक्टर पर टिकी हैं. मोदी हमेशा अपने फैसलों से सबको चौंकाते रहे हैं. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं क्या मोदी इस बार उन्हीं नामों में से किसी एक पर मुहर लगाएंगे जो नाम चर्चा में है या फिर, किसी ऐसे नाम को सामने लाएंगे जो सबको चौंका दे.

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