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शाह ने किया 50 सालों तक शासन का दावा, मोदी ने दिया अजेय भारत, अटल भाजपा का नारा

बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आखिरी दिन पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने दावा किया कि बीजेपी 2019 में भी चुनाव जीतेगी और उसके बाद अगले पचास सालों तक उन्हें कोई नहीं हरा सकता

Updated On: Sep 09, 2018 08:46 PM IST

Amitesh Amitesh
विशेष संवाददाता, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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शाह ने किया 50 सालों तक शासन का दावा, मोदी ने दिया अजेय भारत, अटल भाजपा का नारा

दिल्ली के अंबेडकर सेंटर में चल रही बीजेपी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अंतिम दिन अपने समापन भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नया नारा दिया, 'अजेय भारत, अटल भाजपा.' हालाकि यह नारा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के उस नारे से थोड़ा अलग है, जो उन्होंने बैठक के पहले दिन दिया था. शाह का नारा था 'अजेय भाजपा.' प्रधानमंत्री के भाषण के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने बताया कि पार्टी का अपने सिद्धांतों के प्रति समर्पण ही है जिसे 'अटल भाजपा' का नाम दिया गया है.

कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की नीतियों की तारीफ करते हुए विपक्ष पर जमकर हमला बोला. मोदी ने कहा कि हमारे पास नीति भी है और रणनीति भी. लेकिन, हमारी नीति हमेशा एक रहती है. रणनीति बदलती रहती है.

बीजेपी को अगले पचास सालों तक कोई नहीं हरा सकता

2019 के चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री ने किसी भी तरह की चुनौती से इनकार कर दिया. उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग सत्ता में विफल रहे , अब विपक्ष के तौर पर भी विफल ही हैं. 2019 को लेकर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी कार्यकारिणी के दूसरे दिन बड़ा बयान दिया. शाह ने दावा किया कि हम 2019 में भी चुनाव जीतेंगे और फिर उसके बाद अगले पचास सालों तक हमें कोई नहीं हरा सकता.

बीजेपी अध्यक्ष ने कार्यकारिणी के सदस्यों को संबोधित करते हुए साफ कर दिया कि हम पचास सालों तक चुनाव जीतने की बात अहंकार से नहीं बल्कि काम के आधार पर कह रहे हैं. खासतौर से गुजरात में 2001 नरेंद्र मोदी के प्रदेश की कमान संभालने के बाद से लेकर पिछले 2014 के लोकसभा चुनाव तक का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि अबतक मोदी जी के नेतृत्व में लगातार जीत ही हुई है.

बीजेपी अध्यक्ष का आत्मविश्वास दिखा रहा है कि पार्टी 2019 को लेकर अपने कार्यकर्ताओं के बीच उर्जा का संचार करना चाह रही है. उनके भीतर बड़ी जीत का भरोसा दिला रही है, लिहाजा पार्टी अध्यक्ष ने हर स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने का निर्देश दिया है.

एनआरसी के मुद्दे पर भी पार्टी अध्यक्ष ने एकबार फिर से अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए अवैध घुसपैठ बंद करने की बात दोहराई. हालाकि एससी-एसटी एक्ट पर पूछे गए सवाल के जवाब में रविशंकर प्रसाद ने खुलकर कुछ नहीं बोला, लेकिन उन्होंने कहा कि जब हम समावेशी की बात करते हैं तो चाहे अनुसूचित जाति हो जनजाति हो, सबकी बात आती है. हमारा दृष्टिकोण खंडों में बांटने का नहीं है.

प्रधानमंत्री ने भी कहा कि हम विजय का विश्वास लेकर चल पडे हैं. इसका आधार 125 करोड़ लोगों का आशीर्वाद है. उन्होंने हर बूथ को मजबूत करने और उस पर जीतने की बात कही है. उन्होंने कहा कि बूथ ही हमारी चौकी है जिस पर संगठन का किला खड़ा होता है.

48 साल बनाम 48 महीने

प्रधानमंत्री ने एक बात बिल्कुल साफ कर दी है कि  सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ विपक्ष की नाकामी को भी उजागर करना होगा. 48 साल बनाम 48 महीने की बात कर मोदी ने रोज उनसे सवाल कर रही कांग्रेस से ही सवाल कर दिया है. उन्होंने 48 साल एक परिवार और 48 महीने हमारे कार्यकाल की तुलना कर कांग्रेस से सवाल किया है कि आखिरकार आपने क्या काम किया और किसके लिए किया.

आजकल कांग्रेस की तरफ से कई मुद्दों पर लगातार सरकार पर आरोप लगाए जा रहे हैं. चाहे राफेल डील का मुद्दा हो या फिर कोई और मुद्दा, बीजेपी इसे झूठ का पुलिंदा बता रही है. प्रधानमंत्री ने भी अपने कार्यक्रम में यही बात फिर दोहराई. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि रोज उनकी तरफ से नया झूठ गढ़ा जा रहा है. लेकिन, हम नीति के तहत लड़ने वाले हैं हमें झूठ पर लड़ना नहीं आता. लेकिन, उन्होंने पार्टी नेताओं को रणनीति के तहत इस पर लड़ने को कहा है जिससे तर्कों के आधार पर कांग्रेस के झूठ का पर्दाफाश किया जा सके.

मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने के नाम पर आजकल सभी विपक्षी दल एक होने की बात कर रहे हैं. मोदी ने इसे अपनी सफलता बताते हुए कहा कि जो एक-दूसरे को देख नहीं सकते वही, अब गले लग रहे हैं. यही हमारी सफलता है, क्योंकि जनता के बीच हम लोकप्रिय हैं. हमारे पास पार्टी, लीडरशीप, प्रोग्राम है, लेकिन, उधर तो कांग्रेस के नेतृत्व को कोई स्वीकार करने के लिए ही कोई तैयार नहीं है. कई तो उसे बोझ मानते हैं. मोदी ने कहा कि महागठबंधन में नेतृत्व का ठिकाना नहीं, नीति अस्पष्ट, नीयत भ्रष्ट.

एक देश एक चुनाव पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर किसी पर दबाव नहीं होना चाहिए. लेकिन, इस पर चर्चा होनी चाहिए. हमने वन कंट्री वन टैक्स, वन पावर ग्रिड करके दिखाया है, अब एक देश एक चुनाव पर भी चर्चा होनी चाहिए.

अब भी मोदी ही पार्टी के स्टार प्रचारक और सबसे बड़ा चेहरा हैं 

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद अब पार्टी पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गई है. पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से 22 करोड़ लोगों से संपर्क करने का प्लान किया है. इसके अलावा पार्टी के 9 करोड़ कार्यकर्ताओं की मदद से भी लोगों से संपर्क किया जाएगा. अगर पार्टी का एक कार्यकर्ता भी चार लोगों से संपर्क करता है तो इस लिहाज से कार्यकर्ता 36 करोड़ लोगों से संपर्क कर सकते हैं.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिना रुके, बिना थके काम करने का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने 300 लोकसभा क्षेत्रों का दौरा कर लिया है. इनमें अगर विधानसभा चुनाव प्रचार को हटा भी दें तो भी उनकी तरफ से 100 लोकसभा क्षेत्रों में किसी न किसी कार्यक्रम में दौरा हुआ है. अब लोकसभा चुनाव से पहले बाकी बचे हुए लोकसभा क्षेत्रों में प्रधानमंत्री का दौरा करने की योजना बनाई जा रही है.

बीजेपी को पता है कि पार्टी के स्टार प्रचारक और सबसे बड़ा चेहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी ही हैं. ऐसे में पार्टी की तरफ से उनके अधिकतर दौरे कराने की तैयारी हो रही है. दूसरी तरफ, बूथ स्तर पर मैनेजमेंट और चुनावी रणनीति पर लगातार ध्यान रखने वाले अमित शाह माइक्रोमैनेजमेंट पर फोकस कर रहे हैं. बीजेपी ने कार्यकारिणी की बैठक के बाद लोकसभा चुनाव तक अब अपने-आप को अभी से ही चुनावी मोड में लाकर खड़ा कर दिया है.

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