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सवर्णों की नाराजगी के साये में होगी बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक

बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक दिल्ली के जनपथ रोड स्थित अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में ऐसे वक्त में होने जा रही है, जब देश भर में सवर्ण आंदोलन कर रहे हैं.

Updated On: Sep 07, 2018 05:41 PM IST

Amitesh Amitesh
विशेष संवाददाता, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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सवर्णों की नाराजगी के साये में होगी बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक

बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक दिल्ली के जनपथ रोड स्थित अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में ऐसे वक्त में होने जा रही है, जब देश भर में सवर्ण आंदोलन कर रहे हैं. उनके भीतर नाराजगी है. नाराजगी सरकार और बीजेपी से है, जिसने एससी-एसटी एक्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए कानून में ही बदलाव कर दिया है.

बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है. बीजेपी मंथन कर रही है कि आखिर कैसे उसके परंपरागत वोटर रहे सवर्णों को मनाया जाए. क्योंकि उनकी नाराजगी और नोटा दबाने की अपील का असर हुआ तो नुकसान सिर्फ और सिर्फ बीजेपी को ही होगा.

बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, 8 और 9 सितंबर को दिल्ली की कार्यकारिणी की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है. खासतौर से बीजेपी के सवर्ण नेता इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी दिखा चुके हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री और देवरिया से बीजेपी सांसद कलराज मिश्र ने अपनी नाराजगी पहले ही दिखा दी है. यूपी के बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने भी एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ खुलकर बोला है. सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया था कि यह कानून अब बिजनेस हो गया है. बीजेपी विधायक का आरोप है कि इस कानून के तहत दर्ज होने वाले अधिकांश मुकदमे फर्जी ही होते हैं.

bharat band

सवर्णों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के दौरान की एक तस्वीर

अब बीजेपी जबकि इस मुद्दे पर गंभीर है. पार्टी की तरफ से डैमेज कंट्रोल की कोशिश हो रही है. इस मुद्दे पर बीजेपी के नेता किसी तरह की बयानबाजी करने से बच रहे हैं. लेकिन, आगे इस मुद्दे पर सवर्ण समाज में बेहतर संदेश कैसे दिया जाए. उनकी नाराजगी कैसे दूर की जाए. इस मुद्दे पर चर्चा कर आगे की रणनीति के लिए पार्टी नेताओं को कार्यकारिणी की बैठक में एक संदेश दिया जा सकता है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने एसएसी एसटी एक्ट और उस पर मचे बवाल पर बोलते हुए  कहा, ‘राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हर वर्तमान राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा होगी.’

विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा

मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में विधानसभा का चुनाव अक्टूबर-नवंबर में ही होना है. उधर, तेलंगाना में भी विधानसभा भंग होने के बाद माना जा रहा है कि इन चार राज्यों के साथ ही तेलंगाना में भी चुनाव कराया जा सकता है. लेकिन, बीजेपी के लिहाज से सबसे ज्यादा फोकस मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ चुनाव पर ही रहने वाला है. इन तीनों ही राज्यों में बीजेपी सत्ता में है. राजस्थान में पांच सालों से बीजेपी सत्ता पर काबिज है, जबकि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में पार्टी पिछले पंद्रह सालों से सरकार में है.

पार्टी के लिए चुनौती भी यही है. चुनौती है सत्ता विरोधी माहौल यानी एंटीइंकंबेंसी फैक्टर से निपटने की. छत्तीसगढ़ में बीजेपी को लगता है कि ज्यादा चुनौती नहीं है. लेकिन, मध्यप्रदेश में सवर्ण आंदोलन और विरोध के बाद बीजेपी थोड़ी चिंतित जरूर है. फिर भी पार्टी नेताओं को लग रहा है कि बेहतर संगठन, प्रबंधन और शिवराज सिंह चौहान की छवि के आधार पर वो कांग्रेस से फिर बाजी मार लेगी.

उधर, राजस्थान में पार्टी को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर लोगों में गुस्सा है. बीजेपी आलाकमान के साथ भी उनकी कुछ मामलों को लेकर तनातनी होती रही है. खासकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के मामले में भी यह देखने को मिला था. लेकिन, अब महारानी फिर से रथयात्रा के जरिए जनता के बीच संवाद कर रही हैं. फिर भी, बीजेपी के लिए राजस्थान बड़ी चुनौती है.

बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा होनी है.

अटल जी को श्रद्धांजलि

Former prime minister Atal Bihari Vajpayee

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद बीजेपी की यह पहली बैठक है लिहाजा इस बैठक में शोक प्रस्ताव भी पारित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी. गौरतलब है कि बीजेपी की यह बैठक पहले 18 और 19 अगस्त को ही होनी थी. लेकिन, 16 अगस्त को अटल जी के निधन के कारण कार्यकारिणी की बैठक को स्थगित करना पड़ा था. बीजेपी अटल जी के निधन के एक महीने पूरा होने के मौके पर 16 सितंबर को  बीजेपी मासिक पुण्यतिथि के तौर पर मना रही है. इस दिन देश भर में लगभग चार हजार स्थानों पर अटल जी की कविताओं की रिकॉर्डिंग जारी की जाएगी. इसके अलावा अटल जी के सम्मान में कवि-सम्मेलन का आयोजन भी किया जाएगा.

इसके अगले ही दिन 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है. बीजेपी ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन 17 सितंबर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिन 25 सितंबर तक सेवा सप्ताह मनाने का फैसला किया है. पार्टी की तरफ से देश भर में करीब बीस हजार जगहों पर सेवा सप्ताह के दौरान मेडिकल कैंप लगाया जाएगा.

इस कैंप में गरीबों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी. साथ ही सफाई अभियान भी चलया जाएगा. सप्ताह भर चलने वाले इस कार्यक्रम के दौरान बीजेपी बच्चों के टीकाकरण का अभियान भी चलाएगी. साथ ही मोदी सरकार की तरफ से शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना की बारीकियों से भी लोगों को अवगत कराया जाएगा.

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी की तरफ से आगामी सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर उस पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी.

बीजेपी ने इस पूरी कार्यकारिणी को अटलमय बनाने का फैसला किया है. अटल जी के निधन के बाद यह पहली कार्यकारिणी है, लिहाजा उनके विचारों और उनके आदर्शों पर आगे बढ़ने की बात कर पार्टी ने इस कार्यकारिणी को अटलमय बनाने का फैसला किया है.

लोकसभा चुनाव में भी अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है. विधानसभा चुनावों के बाद अगले साल लोकसभा चुनाव की भी रणभेरी बजने वाली है. ऐसे में पार्टी की तरफ से हर मुद्दे पर चर्चा भी होगी और रणनीति के केंद्र में विधानसभा के साथ-साथ लोकसभा का चुनाव भी होगा.

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