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नीतीश की दावत में बीजेपी नेताओं की मौजूदगी से बिहार की राजनीति गरमाई!

यह दावत किसी विशिष्ट दल को नहीं बल्कि व्यक्तिगत तौर पर मुख्यमंत्री ने विधानमंडल के सभी सदस्यों को दी है

Updated On: Mar 28, 2017 09:40 AM IST

Bhasha

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नीतीश की दावत में बीजेपी नेताओं की मौजूदगी से बिहार की राजनीति गरमाई!

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दावत में बीजेपी के कुछ नेताओं के शामिल होने पर विपक्षी एनडीए से उनके मेलजोल बढ़ने को लेकर एक बार फिर से प्रदेश में राजनीति गरमा गई है.

नीतीश की इस दावत में जहां बिहार विधान परिषद में प्रतिपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी सहित अन्य बीजेपी के नेता शामिल हुए.

दूसरी तरफ बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता प्रेम कुमार और नंदकिशोर यादव के दूर रहने से इस दावत में शामिल होने को लेकर बीजेपी के भीतर दरार सामने आ गयी.

बिहार विधानमंडल के बजटीय सत्र के अंतिम दौर में पहुंचने के मौके पर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के 1-अणेमार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर दोनों सदनों के सदस्यों के लिए सोमवार को रात्रिभोज का आयोजन किया था.

इस मौके पर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री और उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव, उनकी मां और बिहार विधान परिषद में पार्टी विधायक दल की नेता राबड़ी देवी वहां मौजूद थे.

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और शिक्षामंत्री सहित सत्तापक्ष और विपक्ष के अन्य विधानमंडल सदस्यगण मौजूद थे लेकिन इस दावत की चर्चा बीजेपी सदस्यों में से कुछ के शामिल होने और न होने के कारण हो रही है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

खास दल के लिए न्योता नहीं

इस दावत में शामिल होने को लेकर अपनी दलील पेश करते हुए बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि, 'यह दावत किसी खास दल को नहीं बल्कि व्यक्तिगत तौर पर मुख्यमंत्री ने विधानमंडल के सभी सदस्यों को दी है इसलिए इसको लेकर पार्टी व्हिप जारी नहीं किया जा सकता.' यह व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है कि वे जाएं अथवा न जाएं.

बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता प्रेम कुमार ने स्वयं के मुख्यमंत्री की इस दावत में शामिल नहीं होने का कारण भी बताया.

प्रेम कुमार के अनुसार अपनी विभिन्न समस्याओं के निपटारे की मांग कर रहे शिक्षकों और होमगार्ड पर जिस तरह से पुलिस ने लाठीचार्ज किया है, वैसी स्थिती में उनकी आत्मा उन्हें इसमें शामिल होने की अनुमति नहीं देती.

वहीं इस दावत में शामिल नहीं हुए बीजेपी के एक दूसरे बड़े नेता नंदकिशोर यादव ने कहा कि वे मुजफ्फरपुर में होने के कारण इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए.

ये महत्वपूृर्ण है कि साल 2009 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोसी त्रासदी को ध्यान में रखते हुए जो जो आर्थिक सहायता बिहार सरकार को दी उसका विज्ञापन अखबारों में छपवा दिया था.

इससे नाराज नीतीश कुमार ने पटना में आयोजित बीजेपी की राष्ट्रीय बैठक के दौरान बीजेपी के नेताओं को दिए गए भोज को रद्द करते हुए गुजरात सरकार द्वारा बाढ़ पीडितों के लिए भेजी गयी राशि को लौटा दिया था.

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