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राजीव गांधी की हत्या सुपारी किलिंग का केस, होनी चाहिए जांच: स्वामी

सुब्रमण्यम स्वामी ने राहुल गांधी के बयान का हवाला देते हए कहा कि राजीव गांधी की हत्या आर्थिक लाभ उठाने के लिए सुपारी किलिंग या योजनाबद्ध हत्या का संदेह उठाती है

Updated On: Mar 12, 2018 01:11 PM IST

FP Staff

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राजीव गांधी की हत्या सुपारी किलिंग का केस, होनी चाहिए जांच: स्वामी

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या पर बहुत गंभीर बयान दिया है. स्वामी ने उनकी हत्या को सुपारी किलिंग यानी पैसे देकर हत्या करवाने का केस बताया है.

सुब्रमण्यम स्वामी ने सोमवार को एएनआई से बातचीत के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सिंगापुर में दिए उस बयान का हवाला देते हए कहा कि ऐसे में राजीव गांधी की हत्या आर्थिक लाभ उठाने के लिए सुपारी किलिंग या योजनाबद्ध हत्या का संदेह उठाती है. स्वामी ने इस मामले में जांच की मांग की है.

राहुल गांधी ने सिंगापुर में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की एलुमनी में संवाद के दौरान कहा कि उन्होंने और उनकी बहन प्रियंका गांधी ने उनके पिता के हत्यारों को पूरी तरह से माफ कर दिया है, क्योंकि उन्हें किसी से घृणा करना बहुत मुश्किल लगता है. हालांकि, अपने पिता की हत्या से वो कई सालों तक गुस्से और दर्द में रहे.

राहुल के इस बयान पर स्वामी ने कहा कि राजीव गांधी के हत्यारों की ओर दिखाई गई इतनी उदारता संदेह पैदा करती है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा राहुल गांधी के बयान में देशभक्ति का अभाव है.

स्वामी ने कहा, 'राजीव गांधी एक सच्चे देशभक्त थे और उनकी हत्यारों की तरफ जरा भी उदारता नहीं दिखाई जानी चाहिए. लेकिन हत्यारों में से एक नलिनी की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया. मुझे समझ नहीं आता कि हमें पूर्व प्रधानमंत्री के हत्यारों के प्रति इतनी उदारता दिखाने की क्या जरूरत है. राहुल गांधी के बयान में देशभक्ति का अभाव है. उन्हें समझना चाहिए कि सजा पूर्व प्रधानमंत्री के हत्यारों को दी गई थी, उनके पिता के नहीं.'

स्वामी ने कहा, 'एलटीटीई (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) ने राजीव गांधी की हत्या के पीछे कारण गांधी द्वारा श्रीलंका में उनसे लड़ने के लिए भारतीय सेना को भेजना बताया था. हालांकि, राजीव गांधी बस संसद में पास उस मोशन पर कार्यवाही कर रहे थे, जिसमें कहा गया था श्रीलंका ने खुद लिट्टे से लड़ने के लिए भारत की मदद मांगी थी क्योंकि वो ये अकेले नहीं कर सकता था.'

उन्होंने कहा, 'प्रियंका गांधी ने दोषियों से जेल में जाकर मुलाकात क्यों की थी? जबकि उनसे बस उनके परिवार वाले ही मिल सकते थे. वो तो परिवार नहीं थीं. इसके अलावा सोनिया गांधी ने नलिनी की बेटी की इंग्लैंड में हुई शिक्षा का खर्च उठाया. यहां तक की नलिनी को इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करने के लिए स्कॉलरशिप दी गई. मुझे समझ नहीं आता कि वो इतनी उदारता क्यों दिखा रहे हैं. मुझे लगता है कि कुछ गड़बड़ है. राजीव गांधी की हत्या से सबसे ज्यादा फायदा सोनिया गांधी को हुआ था.'

मई, 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री की तमिलनाडु के श्रीपेरुम्बदुर में एलटीटीई के संदिग्ध मानव बम ने हत्या कर दी थी.

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