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बीजेपी के मुख्यमंत्रियों की बैठक : बड़ा सवाल, योजनाएं लोगों तक पहुंचेंगी कैसे ?

28 फरवरी को होने जा रही मुख्यमंत्रियों की बैठक का पूरा एजेंडा 2019 के चुनाव होंगे

Amitesh Amitesh Updated On: Feb 23, 2018 03:17 PM IST

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बीजेपी के मुख्यमंत्रियों की बैठक : बड़ा सवाल, योजनाएं लोगों तक पहुंचेंगी कैसे ?

बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक 28 फरवरी को होने जा रही है. बीजेपी के नए दफ्तर 6 ए दीनदयाल उपाध्याय मार्ग में होने वाली इस बैठक में बीजेपी की सरकारों के मुखिया दिनभर माथापच्ची करेंगे. कोशिश है केंद्र सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने की, क्योंकि अब सरकार के पास ज्यादा वक्त नहीं बचा है.

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी की कोशिश है कि केंद्र सरकार की अबतक की सभी योजनाओं को बीजेपी शासित राज्यों में ठीक ढंग से लागू किया जाए. इसके अलावा इन योजनाओं को जनता के बीच जाकर प्रचारित भी किया जाए.

इस वक्त देश के 19 राज्यों में बीजेपी की खुद की या फिर सहोयगियों के साथ सरकारें हैं. अगर इन सभी राज्यों में भी केंद्र सरकार की योजनाओं को अमली जामा पहना दिया जाए तो फिर इसका व्यापक असर पड़ेगा.

हेल्थ बीमा को लागू करने की चुनौती

2018-19 के आम बजट में केंद्र सरकार ने गांव, गरीब और किसान पर सबसे ज्यादा फोकस किया है. देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए मुफ्त में पांच लाख रुपए तक का हेल्थ बीमा देने की सरकार की घोषणा को सरकार क्रांतिकारी कदम मान रही है. सरकार को लगता है कि अगर इस योजना को ठीक ढंग से अमल में ला दिया गया तो इससे देश भर की करीब 50 करोड़ आबादी को सीधा फायदा होगा. अगले साल लोकसभा चुनाव से पहले सरकार इस योजना को जमीन पर उतारने की कोशिश में लगी है.

किसानों को पटाने की तैयारी

Kashmiri farmers walk through a mustard field on the outskirts of Srinagar

इसके अलावा देशभर के किसानों को फसल के उत्पादन लागत के डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी देने के फैसले को भी किसानों की नाराजगी दूर करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा कर चुके हैं. मौजूदा बजट में किए गए इस प्रावधान को उनके उसी वादे पर अमल की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. बीजेपी को लगता है कि इस योजना से किसानों के बीच उसकी पैठ बनी रहेगी.

हाल के गुजरात विधानसभा चुनाव में ग्रामीण क्षेत्रों में बीजेपी की हार का कारण किसानों की नाराजगी को ही माना गया था. अब कोशिश देश के दूसरे हिस्सों में भी किसानों की नाराजगी को खत्म करने की हो रही है.

बीजेपी चाहती है कि लोकसभा चुनाव से पहले कम से कम बीजेपी शासित राज्यों में केंद्र सरकार की इन योजनाओं को जनता तक पहुंचाया जाए. 29 में से 19 राज्यों में भी केंद्र की इन दोनों बड़ी योजनाओं का फायदा जमीन पर दिखने लगे तो अगले लोकसभा चुनाव से पहले यह गेम चेंजर साबित हो सकता है.

योजनाओं को लागू करने पर जोर

बीजेपी के मुख्यमंत्रियों की बैठक के दौरान मोदी सरकार की पहले चार साल की योजनाओं को भी अपने प्रदेशों में लागू करने की तैयारी की समीक्षा होगी. प्रधानमंत्री अलग-अलग मंचों से लगातार केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना, जन-धन योजना को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि के तौर पर प्रचारित करते रहे हैं. अब बीजेपी चाहती है कि केंद्र सरकार के एक साल के बचे हुए कार्यकाल के भीतर ही राज्य सरकारें इन योजनाओं के क्रियान्वयन में और तेजी लाएं.

हालांकि पहले भी बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक होती रही है. उस दौरान भी कोशिश यही होती है कि सभी राज्य एक-दूसरे की बेहतर योजना को अपने राज्य में ठीक से लागू करें.

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लेकिन, इस बार की बैठक का महत्व ज्यादा है. अब बीजेपी चुनावी मोड में आ गई है. बीजेपी सरकार के केंद्र मे लगभग चार साल पूरा होने जा रहे हैं. लिहाजा सभी लूप होल को दुरुस्त कर अब आगे बड़ी लड़ाई के लिए तैयार होने की कोशिश हो रही है.

हालांकि इसके पहले 2018 के आखिर में भी बीजेपी शासित राज्य मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ में विधानसभा चुनाव होने हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ मे बीजेपी 2003 से लगातार सत्ता में है, जबकि राजस्थान में वसुंधरा राजे के खिलाफ इस वक्त माहौल दिख रहा है. इन राज्यों  में केंद्र की योजनाओं को लागू करने के लिए अब ज्यादा वक्त भी नहीं बचा है. लिहाजा एंटीइंकंबेंसी की काट के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं को व्यापक प्रचार देने की भी कोशिश हो रही है.

एक देश एक चुनाव पर चर्चा !

PM Modi  inaugurates the new BJP headquarters

हालांकि चर्चा इस बात की भी है कि एक देश एक चुनाव को लेकर बीजेपी देश भर में एक सकारात्मक माहौल बनाने की तैयारी में है. बीजेपी को लगता है कि देश के अलग-अलग भागों से इस मुद्दे पर जनता का रुझान उसके सुझाव के पक्ष में है, तो क्यों न इसके लिए देश भर में एक माहौल तैयार किया जाए.

तैयारी इस बात की हो रही है कि बीजेपी शासित राज्यों के मंत्रियों के साथ-साथ पार्टी के नेता-कार्यकर्ता भी इस मुद्दे पर अपने-अपने इलाके में व्यापक बहस कराएं. माना जा रहा है इस बैठक के दौरान भी देश भर में एक साथ चुनाव कराए जाने के मुद्दे पर देश भर में बहस को आगे बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है.

बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद रहेंगे. अमित शाह दिन भर के इस सत्र का उद्घाटन करेंगे, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी दिन शाम को सत्र का समापन करेंगे.

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