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बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी: हिंसा के कीचड़ में बीजेपी का कमल कैसे खिलेगा?

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने 2019 के लिए 350 से ज्यादा सीटें अपने दम पर जीतने का लक्ष्य रखा है

Updated On: Sep 25, 2017 04:15 PM IST

Amitesh Amitesh

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बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी: हिंसा के कीचड़ में बीजेपी का कमल कैसे खिलेगा?

बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बोलते हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने दावा किया कि ‘हिंसा के कीचड़ में बीजेपी का कमल खिलेगा.’ अपने अध्यक्षीय भाषण में अमित शाह ने केरल और बंगाल में हो रही राजनीतिक हिंसा और उसके शिकार संघ-बीजेपी कार्यकर्ताओं के संदर्भ में यह बात कही.

अमित शाह को बंगाल के बड़े नेता और ममता की करीबी मुकुल रॉय के टीएमसी से इस्तीफा देने की खबर से भी बल मिला होगा. मुकुल रॉय जल्द ही बीजेपी का दामन थाम सकते हैं.

दरअसल बीजेपी लगातार केरल और बंगाल में हो रही हिंसा को मुद्दा बनाती रही है. केरल में पी विजयन के नेतृत्व में वामपंथी सरकार है, इस नई सरकार के आने के बाद से हालात और खराब ही हुए हैं.

सीपीएम के कैडर्स पर संघ-बीजेपी समर्थकों पर हमले करने और हिंसा के आरोप पहले से लगते रहे हैं लेकिन अब बीजेपी ने इस तरह की हिंसा पर अपनी रणनीति बदल दी है. बीजेपी अब काफी आक्रामक होकर केरल की हिंसा को लेकर पटलवार के मूड में है.

Kerala RSS Worker Murder

पार्टी को लगता है कि इन दोनों राज्यों में पैर जमाने का इससे बेहतर वक्त नहीं हो सकता क्योंकि दोनों ही जगहों पर आरएसएस काफी मजबूत है. संघ के संगठन का विस्तार पहले से है. अब बीजेपी की तरफ से भी इन दोनों राज्यों में संघ के सहयोग से अपनी पार्टी के जनाधार को मजबूत बनाने की कोशिश हो रही है.

केरल, बंगाल में लगातार हो रही है हिंसा

केरल में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली का दौरा हो या फिर संघ के बड़े नेताओं का लगातार केरल जाना, बीजेपी की रणनीति का ही हिस्सा है जिसके तहत वो पार्टी कार्यकर्ता के मनोबल को बड़ा रखना चाहती है. बीजेपी को लगता है कि इस बार पार्टी अपने जनाधार को बढ़ाकर केरल में लोकसभा से लेकर विधानसभा चुनाव तक अपनी ताकत दिखा सकती है.

अमित शाह ने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में बीजेपी कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए केरल जैसे वामपंथी गढ़ में पार्टी के पांव जमाने की नीति का संकेत भी दे दिया. अब बीजेपी कार्यकर्ता 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक केरल में पदयात्रा कर वामपंथी हिंसा के खिलाफ लोगों को जागरुक करते दिखेंगे.

दूसरी तरफ बंगाल में लगातार हो रही हिंसा और उस हिंसा के बाद हो रही सियासत ने बीजेपी की उम्मीद बढ़ा दी है. बीजेपी को लगता है कि बंगाल में ममता बनर्जी की तरफ से की जा रही तुष्टीकरण की सियासत का सीधा फायदा उसे ही होने वाला है. हिंसा के बाद सामाजिक तौर पर ध्रुवीकरण होने पर भी बीजेपी को ही फायदे की उम्मीद है.

बीजेपी ने 2019 के लिए 350 से ज्यादा सीटें अपने दम पर जीतने का लक्ष्य रखा है. पार्टी को लगता है कि केरल और बंगाल समेत दक्षिण और उत्तर-पूर्व के राज्यों में पार्टी का विस्तार किए बगैर इस लक्ष्य को हासिल कर पाना मुश्किल है. लिहाजा तैयारी उसी को लेकर हो रही है.

मुकुल रॉय की होगी बीजेपी में एंट्री!

जिस दिन दिल्ली में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी हो रही है उसी दिन बंगाल में टीएमसी के राज्यसभा सांसद और पूर्व मंत्री मुकुल रॉय के टीएमसी छोड़ने की खबर आ गई. टीएमसी के कद्दावर नेता रहे मुकुल रॉय ने इस बात का ऐलान कर दिया कि दुर्गा पूजा के बाद वो टीएमसी को अलविदा कह देंगे. लेकिन, उसके तुरंत बाद मुकुल रॉय को टीएमसी ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया.

रॉय जल्दी ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. वो किसी जमाने में ममता बनर्जी के बेहद करीबी थे और बंगाल की राजनीति में एक बड़े नेता  के तौर पर जाने जाते हैं. ऐसे में अगर वो बीजेपी में शामिल होते हैं तो यह अमित शाह की विरोधियों को तोड़ने की रणनीति का बड़ा हिस्सा होगा.

amit shah- modi

उधर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले नारायण राणे भी बीजेपी कार्यकारिणी की बैठक के बाद अमित शाह से मिलने वाले हैं. राणे ने भी कांग्रेस से इस्तीफ़ा दे दिया है. माना जा रहा है कि वो बीजेपी में जल्द ही शामिल हो सकते हैं. शिवसेना में रह चुके नारायण राणे के नाम पर शिवसेना को ऐतराज है. पहले से ही शिवसेना बीजेपी के खिलाफ आग उगलती रही है. ऐसे में बीजेपी में राणे की एंट्री कांग्रेस के साथ-साथ शिवसेना के लिए भी बड़ा झटका होगा.

इसके पहले असम विधानसभा चुनाव से पहले हेमंत बिस्वसर्मा जैसे कद्दावर कांग्रेसी नेता को अपने पाले में लाकर कांग्रेस ने असम के साथ-साथ पूरे नॉर्थ-ईस्ट की सियासी तस्वीर ही बदल कर रख दी थी. बीजेपी ने उत्तराखंड में सतपाल महाराज से लेकर विजय बहुगुणा तक सभी मजबूत कांग्रेसी नेताओं का अपने पाले में लाकर कांग्रेस को बड़ा झटका दे दिया था.

दिल्ली की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अमित शाह की तरफ से दिया यह बयान उसी तैयारी का हिस्सा है जिसमें वो हिंसा के बावजूद ममता और वामपंथ के गढ़ में सेंधमारी की तैयारी में हैं.

New Delhi: BJP president Amit Shah with External Affairs Minister Sushma Swaraj, and Union Law and IT Minister Ravi Shankar Prasad among others at the BJP parliamentary party meeting, in New Delhi on Tuesday. PTI Photo by Shahbaz Khan (PTI8_1_2017_000052B)

2019 में पूरे देश में कमल खिलाने की तैयारी में शाह

बीजेपी कार्यकारिणी की बैठक में अमित शाह ने पार्टी के साथ-साथ सरकार भी खूब पीठ थपथपाई है. दुनिया की नंबर वन पार्टी हो चुकी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के ऊपर जिम्मेदारी 2019 में बड़ी विजय की है, तो हर कदम पर विरोधियों के मुकाबले अपनी सरकार की वाहवाही भी उन्होंने खूब की.

लेकिन 2019 में फिर से पूरे देश में कमल खिलाने की तैयारी में लगे अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को बड़ा मंत्र दिया. शाह ने साफ कर दिया कि बिना रुके-बिना थके फिर से हमें पार्टी के विस्तार में लगे रहना है. पिछले एक साल में दीनदयाल उपाध्याय विस्तारक योजना की सफलता ने पार्टी के विस्तार में मदद की है. अब इसे आगे भी जारी रखने का फैसला किया गया है.

पार्टी के विस्तार में लगे अमित शाह को उम्मीद है इस बार केरल और बंगाल जैसे राज्यों में भी हो रही राजनीतिक हिंसा के बावजूद पार्टी का विस्तार होगा और यहां भी कमल खिलेगा.

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