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BJD MP बैजयंत पांडा ने पार्टी छोड़ी, लोकसभा से भी देंगे इस्तीफा

बैजयंत जय पांडा इस समय ओडिशा की केंद्रपाड़ा सीट से लोकसभा सांसद हैं, पांडा को बीजेडी से जनवरी में निलंबित कर दिया गया था

Updated On: May 28, 2018 05:42 PM IST

FP Staff

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BJD MP बैजयंत पांडा ने पार्टी छोड़ी, लोकसभा से भी देंगे इस्तीफा

बीजेडी के लोकसभा सांसद बैजयंत 'जय' पांडा ने पार्टी और पार्टी प्रमुख नवीन पटनायक से लंबे तनातनी के दौर के बाद सोमवार को बीजेडी से इस्तीफा दे दिया है. पांडा को बीजेडी से जनवरी में निलंबित कर दिया गया था. जय पांडा पर आरोप था कि वो पार्टी को कमजोर कर रहे हैं. जनवरी महीने में बीजू जनता दल (बीजेडी) की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किए गए लोकसभा सांसद सांसद बैजयंत पांडा ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का भी ऐलान किया है. जय पांडा ने बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक को एक भावनात्मक पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने यह कहा है कि यह साफ है कि पार्टी अब मुझे बाहर करना चाहती है.

पांडा ने पत्र में लिखा है कि मैं यह गहरी पीड़ा, चोट और दुःख के साथ कह रहा हूं कि जिस तरह की राजनीति में हमारा बीजेडी उतर गया है, उसे छोड़ने का फैसला किया है. पांडा ने आगे लिखा है कि यह पार्टी द्वारा दिखाई गई गहरी अमानवीयता थी कि न तो आपने और न बीजेडी से किसी ने मेरे पिता डॉ. बंशीधर पांडा को अंतिम श्रद्धांजलि देने आया, जिसने बारे में सबको पता है कि वो बीजू अंकल (बीजू पटनायक) के करीबी दोस्त और समर्थक थे और दशकों तक उनके साथ रहे.

पांडा ने कहा , ‘यह अमानवीयता की पराकाष्ठा है जब न तो आप और न ही बीजेडी का कोई सदस्य मेरे पिता डॉ . बंशीधर पांडा को श्रद्धांजलि देने आया , जिनके बारे में सभी जानते हैं कि वह दशकों तक बीजू अंकल (बीजू पटनायक) के बेहद करीबी दोस्त , समर्थक और सहयोगी रहे. ’ सांसद ने यह भी कहा कि उन्हें यह देखकर काफी दुख हुआ कि बीजद के कई नेताओं को अंतिम - संस्कार में शामिल होने से ‘रोका गया.’

jay panda letter

पांडा ने नवीन पटनायक को यह भी लिखा है कि वैसे कई नेता जो पटनायक के नेतृत्व को लेकर आलोचना करते रहे हैं वे अब भी पार्टी का हिस्सा बने हुए हैं और पार्टी में उन्हें महत्वपूर्ण पद भी मिले हुए हैं, जबकि आपको (नवीन पटनायक) संकट के निकालने में जिन्होंने मदद की उन्हें आपने त्याग दिया है.

बीजेपी के करीब होने के आरोप में हुए थे पार्टी से सस्पेंड

पांडा को जब पार्टी से निलंबित किया गया था तब उनपर बीजेपी के करीब होने का आरोप लगा था. इसके अलावा पांडा ने पंचायत चुनावों में यहां तक कि अपने क्षेत्र में भी पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार नहीं किया था. उनपर इन चुनावों में विपक्षी उम्मीदवारों का समर्थन करने का आरोप लगा था.

पांडा ने इसके साथ-साथ लोकसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा देने की घोषणा की है. सांसद ने कहा कि वह लोकसभा की सदस्यता छोड़ने के अपने फैसले से स्पीकर सुमित्रा महाजन को अवगत करा देंगे.

उन्होंने कहा, 'बीजद और आप (पटनायक) ने जब पर्याप्त रूप से स्पष्ट कर ही दिया है कि मेरी जरूरत नहीं है तो मेरे लिए पार्टी से अलग होना ही सही रहेगा. मैं लोकसभा की माननीय स्पीकर को भी औपचारिक तौर पर अपने इस फैसले से अवगत करा दूंगा ताकि वह उस पवित्र संस्था से मेरा इस्तीफा स्वीकार करें.’

पांडा के फैसले पर फिलहाल बीजेडी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. जय पांडा इस समय ओडिशा की केंद्रपाड़ा सीट से लोकसभा सांसद हैं. इससे पहले वो 2000 से 2009 तक राज्यसभा के सांसद भी रह चुके हैं. जय पांडा बीजेडी के तेज-तर्रार नेताओं में शुमार किए जाते हैं. संसद में रहने के दौरान भी वो कई प्राइवेट मेंबर बिल लेकर आ चुके हैं. राजनीति के अलावा वो कई तरह के सामाजिक सरोकार की गतिविधियों में शामिल रहते हैं.

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