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बिहार: RLSP ने रखी JDU से अधिक सीटों की डिमांड, उपेन्द्र कुशवाहा बनें NDA का चेहरा

आरएलएसपी की ये भी डिमांड है कि बिहार में एनडीए के चेहरे के तौर पर नीतीश कुमार की बजाए उपेन्द्र कुशवाहा को सामने लाया जाए

Updated On: Jul 18, 2018 11:33 AM IST

FP Staff

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बिहार: RLSP ने रखी JDU से अधिक सीटों की डिमांड, उपेन्द्र कुशवाहा बनें NDA का चेहरा

बिहार में एनडीए के घटक दलों के बीच 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर अब भी एक राय नहीं है. एक दिन पहले ही सीएम नीतीश कुमार ने कहा था कि एक महीने के भीतर सीटों का मसला सुलझा लिया जाएगा और इस पर कोई विवाद नहीं है. लेकिन अब एनडीए में शामिल उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएसपी ने जेडीयू से अधिक सीटों की डिमांड रख दी है.

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी की तरफ से कहा गया है कि पिछले चार वर्षों में आरएलएसपी का सपोर्ट बेस बढ़ा है, इसलिए 2019 के चुनाव में उन्हें जेडीयू से ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए. आरएलएसपी की ये भी डिमांड है कि बिहार में एनडीए के चेहरे के तौर पर नीतीश कुमार की बजाए उपेन्द्र कुशवाहा को सामने लाया जाए. आरएलएसपी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में तीन सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे और तीनों पर ही उसे जीत मिली थी.

आरएलएसपी के उपाध्यक्ष और पार्टी के प्रवक्ता जीतेन्द्र नाथ ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा है कि 'एनडीए के भीतर जहां बीजेपी और जेडीयू के बीच सीट बंटवारे पर बहुत बातें हो रही हैं, वहीं एनडीए के सहयोगी दलों आरएलएसपी और एलजेपी की चर्चा भी नहीं हो रही है. हम जेडीयू से ज्यादा सीटों पर लड़ना चाहते हैं क्योंकि पिछले चार वर्षों में बिहार में हमारा सपोर्ट बेस बढ़ा है. हमारे नेता उपेन्द्र कुशवाहा बिहार का भविष्य हैं. उनकी स्वीकार्यता हाल के दिनों में बढ़ी है. ये सही वक्त है कि उपेन्द्र कुशवाहा को एनडीए का चेहरा बनाया जाए.'

जीतेन्द्र नाथ ने कहा है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में हमने तीन सीटों पर चुनाव लड़ा था. तीनों ही सीटों पर जीत हासिल की. हालांकि पार्टी के एक सांसद अरुण कुमार ने साथ छोड़ दिया है लेकिन फिर भी आरएलएसपी के दो सांसद है. जबकि जेडीयू के सिर्फ दो सांसद जीतकर आए हैं.

उनका कहना है कि बिहार में नीतीश कुमार भले ही नॉन यादव ओबीसी नेता के तौर पर बड़े चेहरे हैं. लेकिन उपेन्द्र कुशवाहा ने हाल के दिनों में अपनी समर्थकों की संख्या में इजाफा किया है. वो कोयरी जाति से आते हैं. कोयरी- कुर्मी और ईबीसी की धानुक जैसी जातियों का कुल 20 फीसदी वोट शेयर है. इसको ध्यान में रखते हुए अब नीतीश के बजाए उपेन्द्र कुशवाहा को एनडीए का चेहरा बनाया जाना चाहिए.

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