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बिहार: रामविलास और उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी 2014 जितनी सीटों पर लड़ना चाहती हैं चुनाव

एलजेपी के बिहार प्रमुख पशुपति पारस ने 34 सीटों पर बीजेपी-जेडीयू और बाकी बची 6 सीटों पर एलजेपी और आरएलएसपी के लड़ने की संभावनाओं को खारिज किया है

Updated On: Nov 09, 2018 11:04 AM IST

FP Staff

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बिहार: रामविलास और उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी 2014 जितनी सीटों पर लड़ना चाहती हैं चुनाव
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बिहार में 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए एनडीए में सीट शेयरिंग का मसला अब तक नहीं सुलझा है. अब एनडीए की साझीदार एलजेपी और आरएलएसपी की तरफ से इस मसले पर नया बयान आया है. एलजेपी और आरएलएसपी ने कहा है कि वो उतनी ही सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जितनी पर उन्होंने 2014 में चुनाव लड़ा था. उनके इस बयान के बाद बीजेपी और जेडीयू का 50-50 फॉर्मूला फेल होता दिख रहा है.

पिछले दिनों बीजेपी और जेडीयू के बीच सीट शेयरिंग के मसले पर अमित शाह और नीतीश कुमार की मुलाकात हुई थी. इसके बाद सीट शेयरिंग का मसला सुलझा लेने की बात कही गई थी. इसी के बाद सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि दोनों पार्टियां मिलकर 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. बाकी बची 6 सीटों में 4 एलजेपी और 2 आरएलएसपी के खाते में जाएंगी.

2014 के चुनाव में बीजेपी ने 22 सीटों पर जीत हासिल की थी. रामविलास पासवान की पार्टी एलजेपी ने 7 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 6 पर जीत हासिल की थी. जबकि उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएसपी ने तीन सीटों पर चुनाव लड़ा था और तीनों ही सीटें जीतीं थी.

पीटीआई के मुताबिक एलजेपी के बिहार प्रमुख पशुपति पारस ने 34 सीटों पर बीजेपी-जेडीयू और बाकी बची 6 सीटों पर एलजेपी और आरएलएसपी के लड़ने की संभावनाओं को खारिज किया है. पशुपति पारस ने सीटें कुर्बान करने की बातों से इनकार किया है. पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सीट शेयरिंग के मसले पर तब तक बात नहीं बन सकती, जब तक एनडीए की साझीदार बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी और आरएलएसपी एकसाथ मिलबैठकर बात नहीं कर लें.

उन्होंने कहा कि हमने 7 सीटों पर लड़कर 6 सीटें जीतीं थी. एक सीट जिस पर हार मिली थी, वो भी 7 हजार वोट के मामूली अंतर से हमने खोई थी. तब से लेकर अब तक हमारा ग्राफ नीचे नहीं गया है. हमारा जो वाजिब हक है वो मिलना ही चाहिए.

बीजेपी-जेडीयू के 50-50 फॉर्मूले पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि 50-50 फॉर्मूले का कुछ भी मतलब निकाला जा सकता है. एक मतलब ये भी हो सकता है कि बीजेपी और जेडीयू 10-10 सीटों पर चुनाव लड़े और बाकी की 20 सीटें अपने सहयोगियों के लिए छोड़ दे.

उधर आरएलएसपी भी 3 सीटों से कम पर मानने को तैयार नहीं है. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद ने पीटीआई से बात करते हुए कहा कि तीन सीट से कम पर मानने का सवाल ही पैदा नहीं होता. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने यही बात बिहार के बीजेपी प्रभारी भूपेन्द्र यादव और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भी बता दी है.

सीट शेयरिंग पर हुई अमित शाह और नीतीश कुमार की मुलाकात के तुरंत बाद उपेन्द्र कुशवाहा के तेजस्वी यादव से मुलाकात की खबर सामने आई थी. इसे नए राजनीतिक समीकरण के बतौर देखा जा रहा था.

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