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बिहार कांग्रेस में पड़ी फूट, कई नेताओं ने की अशोक चौधरी को हटाने की मांग

पार्टी के 27 में से 4 विधायकों ने शुक्रवार को पार्टी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा बुलाई गई बैठक में हिस्सा नहीं लिया

Alok Kumar Updated On: Aug 11, 2017 07:57 PM IST

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बिहार कांग्रेस में पड़ी फूट, कई नेताओं ने की अशोक चौधरी को हटाने की मांग

बिहार कांग्रेस में टूट की खबर के बीच पार्टी के 27 में से 4 विधायकों ने शुक्रवार को पार्टी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा बुलाई गई बैठक में हिस्सा नहीं लिया.

कांग्रेस द्वारा सिंधिया और जेपी अग्रवाल को पार्टी को संगठित रखने के लिए भेजा गया था हालांकि उन्हें कई नेताओं द्वारा आलोचनाओं का सामना करना पड़ा.

सरवत जहां फातिमा ने सबके सामने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी को हटाए जाने की मांग का डाली. उनका आरोप था कि सरकार में रहते हुए उन्होंने निजी फायदे उठाए पर पार्टी संगठन की मजबूती पर ध्यान नहीं दिया.

उन्होंने कहा, 'पार्टी अध्यक्ष का पद बेहद शक्तिशाली होता है और वह तो मंत्री भी थे पर उन्होंने कभी संगठन को मजबूत करने के लिए कुछ नहीं किया.'

इस बैठक के दौरान अररिया, बहादुरगंज, किशनगंज और अमौर के विधायक क्रमशः आबिदुर रहमान, तौसीफ आलम, मोहम्मद जावेद और अब्दुल जलील मस्तान नदारद रहे. ये सभी बिहार से सीमांचल क्षेत्र से आते हैं.

कांग्रेस ने किया फूट से इनकार

हालांकि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी के भीतर फूट की खबरों के इनकार करते हुए कहा कि सभी नीतीश कुमार के महागठबंधन तोड़ने के फैसले के खिलाफ एकजुट हैं. उन्होंने 2019 के चुनावों में नीतीश कुमार द्वारा बीजेपी के पक्ष में खड़े होने फैसले की भी आलोचना की है.

पार्टी ऑफिस में अफरातफरी माहौल का उस वक्त जगजाहिर हो गया जब अशोक चौधरी और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जिलास्तर के नेताओं के साथ, 50 कार्यकर्ताओं को ग्राउंड फ्लोर पर छोड़कर पहली मंजिल पर अलग से एक बैठक करने लगे. इन कार्यकर्ताओं ने भी बैठक में शामिल होने की मांग की. यह मांग ठुकरा दिए जाने पर ये कार्यकर्ता हंगामा करने लगे.

पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार ने कहा, 'यही हाल रहा तो पार्टी खत्म हो जाएगी यहां से.'

भविष्य की रणनीति को लेकर भी कांग्रेस के नेताओं के पास कोई साफ नजरिया नहीं है. जब एक पत्रकार ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से आरजेडी से गठबंधन जारी रखने के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि राज्य यूनिट इस पर फैसला लेगी. जब उनसे 27 अगस्त को आरजेडी द्वारा बुलाई गई रैली में शामिल होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने फिर वही जवाब दिया.

दूसरी तरफ वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सदानंद सिंह ने 'एकला चलो' का नारा देते हुए कहा कि सभी क्षेत्रीय पार्टियों ने कांग्रेस को धोखा दिया है. पार्टी नेताओं ने इस साल अक्टूबर में पटना के गांधी मैदान में एक बड़ी रैली करने का भी ऐलान किया.

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