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जानिए नीतीश कुमार की कहानी कैसे पहुंची इस्तीफे तक?

2014 में बना महागठबंधन आखिरकार नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिखर गया जानिए कैसे कहानी इस्तीफे तक पहुंची

FP Staff Updated On: Jul 26, 2017 09:53 PM IST

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जानिए नीतीश कुमार की कहानी कैसे पहुंची इस्तीफे तक?

नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. जबकि इससे पहले लालू प्रसाद यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफ नहीं देंगे. जानिए कब, क्या हुआ बिहार की सियासत में-

27 जुलाई 2014: नीतीश और लालू ने कांग्रेस के साथ मिलकर महागठबंधन घोषित किया.

5 जून 2015: महागठबंधन में शामिल सभी पार्टियों ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया.

8 नवंबर 2015: महागठबंधन ने बड़े पैमाने पर जनादेश हासिल किया और बिहार में सरकार बनाई. महागठबंधन ने 243 में से 178 सीटें जीतीं.

21 जनवरी 2016: आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर नीतीश कुमार पर निशाना साधा.

10 सितंबर 2016: माफिया डॉन और राजनेता शहाबुद्दीन ने जेल से रिहा होने के कुछ ही मिनटों में लालू प्रसाद यादव को अपना मुख्यमंत्री बताया और नीतीश कुमार को परिस्थिति का मुख्यमंत्री बताया था.

29 सितंबर 2016: नीतीश कुमार ऐसे पहले विपक्षी नेता थे जिन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक जैसे कदम के लिए केंद्र सरकार की सराहना की.

9 नवंबर 2016: विपक्ष के विचारों के विपरीत, नोटबंदी को नीतीश ने काले धन को साफ करने के लिए एक "प्रत्यक्ष" कदम बताया. वहीं उनके गठबंधन के साथी लालू ने इसे केंद्र की चाल और "धोखाधड़ी" कहा.

5 जनवरी 2017: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीतीश कुमार के साथ मंच साझा किया. मोदी ने नशा मुक्ति अभियान के लिए नीतीश की सराहना करते हुए कहा ‘नीतीश का यह कदम दूसरों को प्रेरित करता है.’

26 मई 2017: एक दिन पहले नीतीश सोनिया गांधी द्वारा आयोजित लंच पर नहीं गए. इसमें उन्होंने जेडीयू का एक प्रतिनिधि भेज दिया था.

27 मई 2017: नीतीश ने पीएम मोदी द्वारा आयोजित लंच अटेंड किया. इसमें मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्‍नाथ भी मौजूद थे. नीतीश ने मोदी के साथ प्राइवेट मीटिंग भी की.

21 जून 2017: नीतीश ने रामनाथ कोविंद को समर्थन देने की घोषणा की.

7 जुलाई 2017: पांच राज्यों में लालू के 12 ठिकानों पर सीबीआई की रेड़ पड़ी. यह प्रोपर्टी होटल स्कैम में शामिल थीं. सीबीआई ने लालू के बेटे तेजस्वी यादव को आरोपी बनाया. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और कुछ व्यापारियों के नाम भी इसमें शामिल थे.

8 जुलाई 2017: नई दिल्ली स्थित लालू की बेटी मीसा भारती के ठिकानों पर रेड़ पड़ी. यह रेड़ होटल टेंडर में अनियमितता को लेकर मारी गई थी. यह मामला साल 2006 में रांची और पुरी में होटल के रखरखाव के लिए निजी कंपनी को टेंडर देने से जुड़ा था.

10 जुलाई 2017: आरजेडी ने तेजस्वी यादव पर फैसला करने के लिए बैठक आयोजित की.

15 जुलाई 2017: वर्ल्ड यूथ स्किल डे कार्यक्रम में तेजस्वी यादव नहीं पहुंचे. हालांकि बाद में सफाई देते हुए आरजेडी ने तेजस्वी यादव की तबीयत खराब होने की बात कही. पहले मंच पर तेजस्वी यादव की नेमप्लेट कपड़े से ढकी हुई थी जो कि बाद में हटा ली गई.

18 जुलाई 2017: नीतीश कुमार ने कैबिनेट मीटिंग के बाद तेजस्वी यादव के साथ प्राइवेट मीटिंग की.

26 जुलाई 2017: बिहार के मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार ने इस्तीफा दिया. इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरजेडी प्रमुख ने कहा कि तेजस्वी यादव इस्तीफा नहीं देंगे. लालू ने आगे कहा ‘नीतीश ने भी उनसे इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा’

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