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बिहार: NDA से ज्यादा महागठबंधन के लिए सिरदर्द बना हुआ है सीट बंटवारे का मुद्दा

बिहार महागठबंधन में सभी पार्टियां सीटों को लेकर अपने-अपने दावे ठोक रही हैं

Updated On: Jul 18, 2018 12:30 PM IST

Kanhaiya Bhelari Kanhaiya Bhelari
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं.

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बिहार: NDA से ज्यादा महागठबंधन के लिए सिरदर्द बना हुआ है सीट बंटवारे का मुद्दा

बाहर से देखने और सुनने में ऐसा लग रहा है कि यूपीए गठबंधन, जिनमें 10 पार्टियां- आरजेडी, कांग्रेस, एनसीपी, सीपीआई, सीपीएम, सीपीआई लिबरेशन, बीएसपी, एसपी, जनता दल यू (शरद) और हिंदूस्तान आवाम मोर्चा शामिल है, में सबकुछ ठीक ठाक है. मिल-बैठकर महाभारत 2019 की सारी तैयारी प्रेमवत और मित्रवत भाव से पूरी कर ली गई है. कहीं कोई मसला नहीं है. सीट के सवाल पर सबका कोटा औकात के अनुसार तय हो गया है. सब हिस्सेदारों ने खुशी-खुशी स्वीकार भी कर लिया है. अब केवल लोकसभा क्षेत्रों को चिन्हित कर आपस में बंटवारा कर लेना है.

'गठबंधन नहीं लठबंधन, अंत तक चलेगी मारामारी'

पर, जमीनी हकीकत हिंदू धर्म के अघोर पंथ में वर्णित कहावत- ‘जो दिखता है वो होता नहीं, और जो होता है वो दिखता नहीं’- को चरितार्थ कर रहा है. खेाजबीन करने पर पता चला है कि सीट आवंटन का मसला गठबंधन के किचन में गर्म पानी की तरह खदक रहा है. आरजेडी कोटे से टिकट के एक दावेदार की मजेदार टिप्पणी है- ‘बिहार यूपीए में दस मुंह हैं. यानी यह दशानन है. गठबंधन नहीं बल्कि लठबंधन है. देखिएगा हिस्सेदारी के लिए अंत तक मारा-मारी चलती रहेगी’.

बताया जा रहा है कि कांग्रेस 12 सीटों पर लड़ने के लिए अड़ी हुई है तो वहीं बाकी के घटक दलों ने भी अपनी मन की बात को अव्यवाहारिक तरीके से बढ़ा-चढ़ाकर आरजेडी सुप्रीमो को बता दिया है. अपनी पत्नी की सरकारी आवास में आराम फरमा रहे लालू यादव ने अपने एक अजीज राजनीतिक मित्र से कहा ‘लगता है ई सब अगला मैच न खेलेगा, न खेलने देगा बल्कि खेलवे बिगाड़ देगा’.

कांग्रेस मांग रही है 12 सीटें

वैसे गठबंधन के किचन से बाहर आकर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य अखिलेश प्रसाद सिंह ने पिछले दिनों पार्टी मंच से ऐलान कर दिया कि ‘राज्य के कुल 40 लोकसभा सीटों में 12 पर हमारा स्वाभाविक हक बनता है. इससे कम मिलेगा तो कांग्रेस के साथ अन्याय होगा’. दूसरी तरफ तेजस्वी यादव को सीएम बनाने का ठेका लेने वाले नेता और बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने बीते शुक्रवार को ताल ठोंककर गर्जना की है कि ‘हम (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) लोकसभा की 5 सीटों पर चुनाव लड़ेगी’. हम के प्रवक्ता का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष जीतन राम माझी ने आरजेडी चीफ लालू यादव को उन सीटों की लिस्ट दे दी है जहां से लड़ना है.

भरोसा करने लायक सूत्र बताता है कि जेडीयू (शरद) ने क्रमश: मधेपुरा, सीतामढ़ी और जमुई लोकसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ने की पेशकश की है. मधेपुरा से शरद यादव स्वयं लड़ने की चाहत रखते हैं, जबकि सीतामढ़ी से अर्जुन यादव और जमुई से बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी को कैंडिडेट बनाने की उनकी योजना है. कुछ महीनों से उदय नारायण चौधरी बागी अवतार में आकर सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ आग उगल रहे हैं.

बीएसपी और एसपी भी अपना-अपना हिस्सा मांगने की तैयारी में

वामपंथी दल सीपीआई ने दो सीटों बेगुसराय और मधुबनी पर अपना पुश्तैनी हक जताया है तो वहीं सीपीआईएम ने एक सीट और सीपीआईएम लिबरेशन ने तीन सीटों की मांग लालू दरबार में रख दी है. बहुजन समाज पार्टी को लेकर आरजेडी चीफ के दिल में सॉफ्ट कॉर्नर है क्योंकि यूपी से सटे लोकसभा क्षेत्रों के दलितों पर बीएसपी की अच्छी पकड़ है. बीएसपी के नेता बताते हैं कि उनलोगों ने बहन मायावती को सलाह दी है कि कम से कम 5 लोकसभा सीटों की मांग आप करें. इन नेताओं को विश्वास है कि लालू यादव की प्राथमिकता अपने बेटे तेजस्वी यादव को किसी प्रकार बिहार का सीएम बनाना है इसलिए वो बहन जी की डिमांड की अनदेखी नहीं कर सकते हैं.

एनसीपी के तारिक अनवर का कटिहार सीट से लड़ना पक्का है. लेकिन 2019 महाभारत में इनका भी दिल एक अतिरिक्त सीट की मांग कर रहा है. समाजवादी पार्टी का बिहार में कोई ठोस आधार नहीं है. लेकिन बिहार विंग के कुछ दमदार नेताओं की बतकही पर यकीन किया जाए तो पार्टी के राज्य अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव ने दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को 7 सीटों पर चुनाव लड़ने की सलाह दी है.

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