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बिहार में नीतीश बनाम मोदी: 2019 के चेहरे को लेकर BJP और JDU में तकरार

सीट बंटवारे को लेकर एनडीए के साझेदारों में अभी बातचीत शुरू नहीं हुई है लेकिन जेडीयू ने मोलभाव शुरू कर दिया है. जेडीयू के नेताओं ने हाल में आयोजित योग दिवस समारोहों में हिस्सा नहीं लिया

Updated On: Jun 25, 2018 01:16 PM IST

FP Staff

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बिहार में नीतीश बनाम मोदी: 2019 के चेहरे को लेकर BJP और JDU में तकरार
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बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के बीच दरार सामने आने लगी है. 2019 लोकसभा चुनावों से पहले कौन पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, इसे लेकर मतभेद दिखने लगे हैं. सोमवार को जेडीयू ने बीजेपी को चेताया कि उसे अपने नेताओं को सुर्खियां बनाने की आदतों को नियंत्रण में रखना चाहिए.

जेडीयू के नेता संजय सिंह ने कहा, प्रदेश बीजेपी के जो नेता सुर्खियां बनवाना चाहते हैं, उनपर नियंत्रण लगाना जरूरी है. 2014 और 2019 के चुनाव में काफी अंतर है. बीजेपी जानती है कि वह नीतीश के बिना चुनाव नहीं जीत पाएगी. बीजेपी अगर सहयोगी नहीं चाहती है तो वह 40 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ सकती है.

जेडीयू प्रवक्ता के इस बयान पर बीजेपी ने भी फौरन जवाब दिया. बिहार में बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने न्यूज18 से कहा, बिहार में नीतीश कुमार सिर्फ चेहरा नहीं हैं. बिहार में कोई भी एनडीए का चेहरा हो सकता है. हम पीएम मोदी के नाम पर ही अगला चुनाव लड़ेंगे.

इस बीच बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने महागठबंधन के मुद्दे पर कहा, अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ देते हैं और महागठबंधन में शामिल हो जाते हैं, तो मुझे लगता है बिहार विधानसभा 2020 के लिए तेजस्वी यादव ही हमारा चेहरा होंगे.

एनडीए के साझेदारों में सीट बंटवारे को लेकर बातचीत अभी शुरू नहीं हुई है लेकिन इनके बीच दरार साफ झलकने लगी है. जेडीयू के नेताओं ने नाम नहीं बताने की शर्त पर पीटीआई-भाषा को बताया कि बीजेपी को यह तय करने के लिए आगे आना चाहिए कि सीट बंटवारे पर फैसला जल्द हो ताकि चुनावों के वक्त कोई गंभीर मतभेद पैदा न हो.

साल 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू को राज्य की 243 सीटों में से 71 सीटें हासिल हुई थीं जबकि बीजेपी को 53 और एलजेपी-आरएलएपी को दो-दो सीटें मिली थीं. जेडीयू उस वक्त आरजेडी और कांग्रेस की सहयोगी थी लेकिन पिछले साल वह इन दोनों पार्टियों से नाता तोड़कर एनडीए में शामिल हो गई और राज्य में बीजेपी के साथ सरकार बना ली.

बीजेपी के एक नेता ने जेडीयू की दलील को ‘अवास्तविक’ करार देते हुए कहा कि चुनावों से पहले अलग-अलग पार्टियां ऐसी ‘चाल’ चलती हैं.

साल 2014 के आम चुनावों में बीजेपी को बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से 22 पर जीत मिली थी जबकि इसकी सहयोगी एलजेपी और आरएलएपी को छह और तीन सीटें मिली थीं.

सीट बंटवारे को लेकर एनडीए के साझेदारों में अभी बातचीत शुरू नहीं हुई है लेकिन जेडीयू ने मोलभाव शुरू कर दिया है. जेडीयू के नेताओं ने हाल में आयोजित योग दिवस समारोहों में हिस्सा नहीं लिया. पार्टी ने कहा कि वह इस साल के अंत में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में अपने उम्मीदवार उतारेगी. जेडीयू ने अगले महीने दिल्ली में अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है जिसमें कई मुद्दों पर पार्टी अपना रुख साफ करेगी.

(इनपुट भाषा से)

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