S M L

पन्नीरसेल्वम समेत 11 AIADMK विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग HC से खारिज

विपक्षी पार्टी डीएमके ने कोर्ट में याचिका डाल कर व्हिप नहीं मानने वाले 11 विधायकों को खारिज करने की अपील की थी, इसमें ओ पन्नीरसेल्वम का नाम भी शामिल था

Updated On: Apr 27, 2018 06:37 PM IST

Bhasha

0
पन्नीरसेल्वम समेत 11 AIADMK विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग HC से खारिज

मद्रास हाईकोर्ट ने पिछले साल पलानीस्वामी सरकार के विरुद्ध मतदान करने को लेकर तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम और दस अन्य एआईएडीएमके विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग संबंधी डीएमके की अर्जी आज खारिज कर दी.

चीफ जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस अब्दुल कुड्डहोस की खंडपीठ ने डीएमके के सचेतक सक्कारपानी की याचिका निरस्त कर दी. इसके लिए खंडपीठ ने विधानसभा के अध्यक्ष को निर्देश जारी करने के अदालत के अधिकारों के बारे में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लंबित होने का हवाला दिया.

याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि विश्वास प्रस्ताव के विरुद्ध मतदान कर इन विधायकों ने सत्तारुढ़ दल द्वारा जारी व्हिप का उल्लंघन किया अतएव दल-बदल कानून के तहत वे सदन की सदस्यता के लिए योग्य नहीं हैं.

पन्नीरसेल्वम और अन्य विधायकों ने एआईडीएमके नेतृत्व के विरुद्ध बगावत की थी . उन्होंने 18 फरवरी, 2017 को मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी द्वारा लाए गए विश्वास प्रस्ताव के विरुद्ध वोट डाला था.

पलानीस्वामी ने 11 के मुकाबले 122 मतों के अंतर से विश्वास मत जीता था.

पन्नीरसेल्वम ने यह कहते हुए याचिका का विरोध किया था कि व्हिप रिसॉर्ट में ठहरे 122 विधायकों को ही जारी किया गया था न कि उनके पिछले गुट को.

बाद में दोनों गुटों का विलय हो गया और पन्नीरसेल्वम उपमुख्यमंत्री बनाए गए. इन दोनों गुटों ने विलय के बाद वीके शशिकला और उनके भांजे टीटीवी दिनाकरण को हाशिये पर धकेल दिया था.

बाद में चुनाव आयोग ने पलानीस्वामी-पन्नीरसेल्वम गुट को पार्टी का चुनाव चिह्न आवंटित किया था और दिनाकरण गुट के दावे को खारिज कर दिया था.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Ganesh Chaturthi 2018: आपके कष्टों को मिटाने आ रहे हैं विघ्नहर्ता

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi