S M L

जीएसटी से पहले सर्विस टैक्स का बम गिराने वाली है सरकार?

जीएसटी लागू होने तक सरकार सर्विस टैक्स को मौजूदा 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर सकती है

Updated On: Jan 22, 2017 07:12 PM IST

Sindhu Bhattacharya

0
जीएसटी से पहले सर्विस टैक्स का बम गिराने वाली है सरकार?

सरकार सर्विस टैक्स की दर बढ़ाने के बारे में विचार कर रही है और इसकी एक वजह नोटबंदी हो सकती है.

रिपोर्टों के मुताबिक जब तक गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू नही हो जाता है, तब तक सरकार सर्विस टैक्स को मौजूदा 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने के बारे में सोच सकती है.

बजट की तमाम खबरों के लिए यहां क्लिक करें

इतनी ही दर का एक प्रस्ताव जीएसटी में भी शामिल है. इस तरह का प्रस्ताव आने वाले बजट में पेश किया जा सकता है.

जीएसटी काउंसिल की हालिया बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल एक जुलाई से जीएसटी को लागू करने की समयसीमा तय की है.

पहले इसे अप्रैल से लागू किया जाना था. इस तरह इसमें तीन महीने की देरी हो रही है.

टैक्स विशेषज्ञों को ऐतराज

टैक्स मामलों के विशेषज्ञों ने जीएसटी लागू होने से चंद महीने पहले सर्विस टैक्स की दर को बढ़ाए जाने के किसी भी संभावित कदम को आड़े हाथ लिया है.

उनका कहना है कि उद्योग को अपना सिस्टम बदलना होगा और इस काम में महीनों का समय लगेगा.

टूर ऑपरेटर पहले ही सर्विस टैक्स नोटिस की मार झेल रहे हैं. सरकार की अधिसूचना के अनुसार, इस महीने के अंत से टूर ऑपरेटरों को ग्राहक से लिए गए कुल बिल के 60 फीसदी हिस्से पर सर्विस टैक्स देना होगा.

यह भी पढ़ें बजट 2017: कैशलेस के लिए गांवों को बैंकिंग दायरे में लाना जरूरी

पहले पैकेज टूर देने वाले टूर ऑपरेटरों को बिल के 25 के फीसदी हिस्से पर टैक्स देना होता था.

अगर टूर ऑपरेटर ने टूर के सिलसिले में किसी व्यक्ति के रहने की जगह बुक की है या उसका इंतजाम किया है तो बिल के 10 फीसदी हिस्से पर सर्विस टैक्स देना होता था.

अगर टूर से जुड़ी कोई और सर्विस दी गई है तो बिल के 40 प्रतिशत के हिस्से पर सर्विस टैक्स लगता था.

इस लेख में बताया गया है कि टूर ऑपरेटरों पर टैक्स बढ़ाने से कैसे इस उद्योग पर बुरा असर पड़ेगा.

टैक्स संग्रह घटने से बढ़ेगी मुश्किल

टैक्स के जानकारों का कहना है कि नोटबंदी की वजह से जनवरी-मार्च की तिमाही में कम टैक्स जमा होने की आशंका को देखते हुए भी शायद बजट में सर्विस टैक्स बढ़ाने की बात शामिल हो सकती है.

सर्विस टैक्स को मौजूदा 15 प्रतिशत से बढ़ाकर अगर 18 प्रतिशत किया जाता है तो यह 20 प्रतिशत की वृद्धि होगी.

यह भी पढ़ें बजट में क्या घर खरीदारों को मिलेगी कोई राहत?

सरकार लगभग सभी सेवाओं पर सर्विस टैक्स लगाती है. सरकार ने जिन सेवाओं को ‘नकारात्मक सूची’ में रखा है, सिर्फ उन पर सर्विस टैक्स नहीं लिया जाता. सर्विस मुहैया कराने वाले इस टैक्स को ग्राहकों से वसूलते हैं और आगे सरकार को बढ़ा देते हैं.

भले ही आप किसी टूर ऑपरेटर की सर्विस ले, रेस्त्रां में खाना खाने जाएं, विमान से यात्रा करें या फिर मोबाइल के बिल का भगुतान करें, सब जगह सर्विस टैक्स आपके बिल का हिस्सा होता है.

कुछ ऐसे सेवाएं हैं जो टैक्स के दायरे में नहीं आतीं. इनमें सरकार और स्थानीय अधिकारियों की ओर से दी जाने वाली सेवाएं शामिल हैं.

मौजूदा टैक्स की दरें

taxnea

इस समय प्रभावी सर्विस टैक्स 15 प्रतिशत है जिसमें 0.50-0.5 प्रतिशत कृषि कल्याण सेस और स्वच्छ भारत सेस भी शामिल है.

ईवाई में टैक्स पार्टनर बिपिन सप्रा इस बात को लेकर हैरान है कि टूर ऑपरेटरों पर जीएसटी की डेडलाइन के चंद महीने पहले क्यों बोझ डाला जा रहा है.

वह कहते हैं, 'मुझे उम्मीद है कि सरकार समझदारी से काम लेगी और बजट में सर्विस टैक्स को नहीं बढ़ाया जाएगा क्योंकि इसका मतलब है कि उद्योग को जीएसटी से पहले अपना सिस्टम बदलना होगा. वैसे भी जब कैश की किल्लत हो तो सर्विस सेक्टर लोगों की प्राथमिकता में सबसे नीचे होता है'.

यहां यह बात भी गौर करने वाली है कि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में अप्रत्यक्ष टैक्स कलेक्शन बीते वित्त वर्ष के मुकाबले खासा बढ़ा है.

वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2016 में अप्रैल से दिसंबर तक कुल 1.83 लाख करोड़ रुपए का टैक्स जमा हुआ जबकि पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि के दौरान टैक्स से जमा होने वाली राशि 1.48 लाख करोड़ थी.

इस तरह इसमें 23.9 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. दिसंबर 2016 के दौरान सर्विस टैक्स कलेक्शन में वृद्धि दर 12.4 प्रतिशत रही.

अतिरिक्त हासिल होगा

इस लेख में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सर्विस टैक्स की दर बढ़ाने से केंद्र को अतिरिक्त राजस्व हासिल करने में मदद मिलेगी.

सूत्रों का कहना है, 'जीएसटी को लागू न किए जाने की भले जो वजह रही हों, लेकिन सर्विस टैक्स को बढ़ाने से टैक्स का कलेक्शन बढ़ेगा और जीएसटी के लिए रास्ता तैयार होगा.'

जानकारों को भी सर्विस टैक्स बढ़ने की बहुत संभावना दिखाई देती है. लेकिन वे यह भी कहते हैं कि सरकार को सर्विस टैक्स बढ़ाने के बारे में तुरंत अधिसूचना जारी करनी होगी, जैसा कि केंद्रीय आबकारी और कस्टम ड्यूटी के मामले में होता है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi