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देश में अमन-चैन के लिए हम मिलकर 2019 का चुनाव लड़ेंगे: सिंधिया

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा 'मध्य प्रदेश में शिवराज को 15 साल का मौका मिला तो उनके कामों की वजह से नहीं, कांग्रेस में फूट की वजह से मिला

FP Staff Updated On: Aug 07, 2018 04:42 PM IST

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देश में अमन-चैन के लिए हम मिलकर 2019 का चुनाव लड़ेंगे: सिंधिया

'News18 इंडिया' के खास मंच 'बैठक' के दूसरे सेशन में 'राहुल लाएंगे कांग्रेस के अच्छे दिन' में कांग्रेस के दो दिग्गज नेता सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिरकत की. इस दौरान आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस की तैयारियों पर सिंधिया ने कहा, 'राहुल ने एक तरफ सरकार को कटघरे में खड़ा किया, दूसरी तरफ कांग्रेस की विचारधारा को पेश किया है. ऐसा लग रहा है कि 2019 का शंखनाद पिछले चार साल से चल रहा है. धरातल पर ये सरकार शून्य है.' सिंधिया ने कहा, 'देश में अमन-चैन लाने के लिए हम सब मिलकर 2019 का चुनाव लड़ेंगे.'

'कांग्रेस में फूट की वजह से शिवराज सिंह चौहान को मिला मौका'

कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, 'राजस्थान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट हैं, प्रदेश कमेटी की ज़िम्मेदारी होती है, सभी लोगों को साथ में ले कर चलना होगा, जब सभी लोग साथ चलते हैं तभी नतीजे आते हैं. 2019 का चुनाव हम लोग साथ मिलकर लड़ेंगे और देश में अमन-चैन, सुरक्षित वातावरण और आर्थिक विकास वापस लाएंगे.'

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस दौरान कहा, 'मध्य प्रदेश में शिवराज को 15 साल का मौका मिला तो उनके कामों की वजह से नहीं, कांग्रेस में फूट की वजह से मिला. इतने साल बाद कांग्रेस एक हो गई है, हमें अक्ल आ गई है. मैं मानता हूं एमपी में कांग्रेस को सुधरने में 15 साल लगे. कांग्रेस जब एक हो गई है, तो लोग तंज क्यों कस रहे हैं.' इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'हम मध्य प्रदेश में अपनी गलतियों से सीख रहे हैं. शिवराज सिंह असमंजस में हैं. वह विदाई यात्रा पर निकले हैं.'

परिवारवाद पर क्या बोले सिंधिया?

वहीं, परिवारवाद को बढ़ावा दिए जाने के सवाल पर सिंधिया ने कहा, 'मैं अपने काम और गलतियों से पहचाना जाऊंगा, अपने नाम से नहीं. मैं 16 साल से सियासत में हूं, क्या एक सिंधिया होना मेरा जुर्म है? क्या मेरे काम का अवलोकन नाम के आधार पर होगा या काम के आधार पर. वसुंधरा राजे के बेटे सांसद हैं, रमन सिंह के बेटे सांसद हैं. आप उनसे सवाल नहीं करते. शिवराज सिंह चौहान ने राजा शब्द का इस्तेमाल मेरी दादी या मेरी बुआ के लिए क्यों नहीं किया, जो राजस्थान की मुख्यमंत्री हैं, मेरी एक बुआ उनकी कैबिनेट में मंत्री हैं.'

सिंधिया ने कहा, 'चुनाव में हम अग्निपरिक्षा से गुजरते हैं, सांसद लोगों के वोट से बनता है, परिवार से नहीं. आप काम नहीं करेंगे तो जनता आपका बटन नहीं दबाएगी, जनता का आशीर्वाद साथ रहता है तो हमें काम करना चाहिए.'

बीजेपी को नकार रही है जनता

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'राजस्थान में, मध्य प्रदेश में उप-चुनाव में बीजेपी का सफाया हो गया. आम तौर पर सत्ताधारी पार्टी उप-चुनाव जीतती है. लेकिन यहां तो बीजेपी का सूपड़ा साफ हो गया. देश में पहली बार सरकार में बैठी पार्टी उपचुनाव हार रही है. उपचुनाव में हार ये संकेत है कि जनता बीजेपी को नकार रही है.

लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल के पीएम मोदी को गले लगाने के सवाल पर सिंधिया ने कहा, 'राहुल गांधी ने गले लगाने की कोशिश की तो प्रधानमंत्री असमंजस में थे. राहुल की झप्पी से पहले पीएम मोदी का कठोर चेहरा देखिए'. वहीं इस झप्पी के बाद आंख मारने के सवाल पर सिंधिया ने कहा, 'आज आंतरिक सुरक्षित नहीं, महिला सुरक्षा महत्वपूर्ण नहीं, लेकिन आंख मारना महत्वपूर्ण क्यों है. लोकसभा अध्यक्ष के ऊपर भी कहीं न कहीं से दबाव होता ही है. स्पीकर ने प्रेशर के चलते इस मामले में कमेंट किया होगा.'

(न्यूज 18 से साभार)

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