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यूपी से भीम राव अंबेडकर होंगे BSP के राज्यसभा उम्मीदवार, ऐसे हो सकती है जीत!

भीमराव अंबेडकर इटावा के पूर्व विधायक रह चुके हैं. अभी तक कयास लगाए जा रहे थे कि मायावती या तो खुद राज्यसभा जाएंगी या अपने भाई आनंद कुमार को प्रत्याशी बनाएंगी

FP Staff Updated On: Mar 06, 2018 09:58 PM IST

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यूपी से भीम राव अंबेडकर होंगे BSP के राज्यसभा उम्मीदवार, ऐसे हो सकती है जीत!

बीएसपी की तरफ से राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार की घोषणा कर दी गई है. पार्टी ने इटावा के पूर्व विधायक भीमराव अंबेडकर को प्रत्याशी घोषित किया है. इसके साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि मायावती खुद राज्यसभा नहीं जाएंगी.

भीमराव अंबेडकर इटावा के पूर्व विधायक रह चुके हैं. अभी तक कयास लगाए जा रहे थे कि मायावती या तो खुद राज्यसभा जाएंगी या अपने भाई आनंद कुमार को प्रत्याशी बनाएंगी. बीएसपी ने इस तरह की खबरों के लिए मीडिया की आलोचना की है. भीम राव अंबेडकर ने प्रत्याशी बनाए जाने पर मायावती के प्रति आभार जताया है.

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की दस सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए नामांकन पत्र 5 से 12 मार्च तक दाखिल किए जाएंगे. 13 मार्च को इनकी जांच होगी और 15 मार्च तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. 23 मार्च को मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी.

दरअसल फूलपुर और गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में बीएसपी द्वारा एसपी के उम्मीदवार को समर्थन दिए जाने के बाद से ही यह कयास लगाया जा रहा था कि एसपी मायावती या बीएसपी को राज्यसभा चुनाव में समर्थन दे सकती है. यूपी में कुल 10 सीटों के लिए चुनाव होना है और वर्तमान दलीय स्थिति के अनुसार बीजेपी के 8 और एसपी के 1 प्रत्याशी की जीत तय है. 10 वें सीट पर अगर बीएसपी को एसपी के बचे वोटों के साथ कांग्रेस और कुछ निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिल जाता है तो बीएसपी के प्रत्याशी भी राज्यसभा जा सकते हैं.

यूपी में राज्यसभा चुनाव का गणित

- राज्यसभा सदस्य के निर्वाचन का अधिकार विधानसभा सदस्य को होता है. यूपी में 403 विधानसभा सीटें हैं. यहां राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है.

- चुनाव का फॉर्मूला है, खाली सीटें में एक जोड़ से विधानसभा की सदस्य संख्या से भाग देना. निष्कर्ष में भी एक जोड़ने पर जो संख्या आती है. उतने ही वोट एक सदस्य को राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए चाहिए.

- यूपी विधानसभा में सदस्यों की संख्या 403 है. राज्यसभा की खाली सीट है 10. यानी 10 सीटों में 1 को जोड़ा तो हुए 11. अब 403 को 11 से भाग देते हैं तो आता है 36.63. इसमें 1 जोड़ा जाए तो आते हैं 37.63. यानी यूपी राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए एक सदस्य को औसतन 38 विधायकों का समर्थन चाहिए.

- इस लिहाज से आकड़े की बात करें को बीजेपी गठबंधन के खाते में 8, जबकि एसपी के खाते में एक सीट जा रही है क्योंकि एसपी के पास 47 विधायक हैं. वहीं, बची एक सीट के लिए विपक्ष का एकजुट होना जरूरी है क्योंकि एसपी की बची 10, बीएसपी की 19 और कांग्रेस की 7 सीटें मिलाकर ही अपने संयुक्त उम्मीदवार को राज्यसभा भेज सकते हैं.

- 8 सीट पर जीत के बाद बीजेपी गठबंधन के पास बचेंगे- 21 विधायक एसपी की 1 सीट पर जीत के बाद बचेंगे- 9 विधायक महागठबंधन होने की स्थिति में बीएसपी के 19, एसपी के 9, कांग्रेस के 7 मिलाकर कुल 35 विधायक हो जाएंगे

इसमें 3 निर्दलियों और लोकदल का एक विधायक विपक्ष के गठंधन के लिए अहम साबित हो सकता है.

उत्तर प्रदेश विधानसभा में पार्टियों की स्थिति

बीजेपी- 312 एसपी- 47 बीएसपी- 19 अपना दल (सोने लाल)- 9 कांग्रेस- 7 सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी- 4 आरएलडी- 1 निर्बल इंडिया शोषित हमारा आम दल - 1 निर्दलीय- 3 नाम निर्देशित- 1

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