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वो वाकया जब 'अटल' बोले- 'भीड़ से घिरे होने के बावजूद अकेला हूं'

अटल ने कहा था, पहाड़ मन में दो तरह की भावना पैदा करते हैं, एक ऊंचाई की और दूसरी अकेलेपन की.

Updated On: Aug 17, 2018 07:02 PM IST

FP Staff

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वो वाकया जब 'अटल' बोले- 'भीड़ से घिरे होने के बावजूद अकेला हूं'

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार को दिल्ली एम्स में निधन हो गया. शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया. अटल जब तक भौतिक दुनिया में रहे, तब तक अपनी कविताओं और कुशल राजनीति से देश की सेवा करते रहे.

आजतक को दिए एक इंटरव्यू में अटल ने अपनी जिंदगी से जुड़ा एक दिलचस्प वाकया बताया था. वह गर्मी की छुट्टी मनाने के लिए हर साल  मनाली  जाया करते थे. इस दौरान उन्होंने कहा था कि वह भीड़ से चारों ओर घिरे रहने के बावजूद अकेलापन महसूस करते हैं. 2001 में अटल ने यह बात खुद कही थी.

अटल ने कहा था, 'पहाड़ मन में दो तरह की भावना पैदा करते हैं, एक ऊंचाई की और दूसरी अकेलेपन की. पहाड़ की चोटी पर जितना अकेलापन होता है, उसे इंसान सहन नहीं कर सकता. इसलिए एवरेस्ट पर पहुंचने के बाद लोग जल्दी से नीचे उतरना चाहते हैं.'

उन्होंने यह भी कहा था कि जो बात पहाड़ पर लागू होती है, वही बात इंसान पर भी लागू होती है. पहाड़ की तरह इंसान भी जितना ऊंचाई पर पहुंच जाता है, उतना ही अकेला हो जाता है.

अटल का जन्म ग्वालियर में हुआ था. उनके पिता का नाम कृष्ण बिहारी वाजपेयी और माता का नाम कृष्णा देवी था. उनके पिता टीचर थे और मां घर संभालती थीं. अटल के परिवार में तीन भाई और तीन बहनें थीं. भाइयों के नाम क्रमश: अवध बिहारी, सदा बिहारी और प्रेम बिहारी थे.

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