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मैं उम्मीदवार: फ़र्स्टपोस्ट हिंदी की दिलचस्प चुनावी श्रृंखला

नेता बताएंगे अपने मन की बात

FP Staff Updated On: Feb 07, 2017 10:49 PM IST

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मैं उम्मीदवार: फ़र्स्टपोस्ट हिंदी की दिलचस्प चुनावी श्रृंखला

चुनावी नारों, वादों और दावों के शोर के बीच एक आवाज जनता जनार्दन यानी मतदाता की भी होती है.

पांच साल के हिसाब का बहीखाता उसके जेहन में होता है. वो पुराने अनुभव के आधार पर नए उम्मीदवार पर भरोसा जताता है. नया उम्मीदवार नई योजनाओं और नए वादों के साथ चुनावी मैदान में उतरता है. हर प्रत्याशी अपनी बात को जनता तक अलग अलग जरियों से पहुंचाने की कोशिश करता है.

पार्टी के घोषणापत्र से अलग उम्मीदवार की अपनी पहचान और सोच भी मतदाता के लिये मायने रखती है. लेकिन चुनावी शोर में सारे उम्मीदवारों के दावे और वादे एक से ही सुनाई देते हैं. जबकि कई उम्मीदवार अपने क्षेत्र के लिये कुछ हटकर भी योजनाएं रखते हैं जिन्हें वो जीतने के बाद पूरा करने का इरादा भी रखते हैं.

हमारी कोशिश है कि हम चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार की दिल की बात उसकी जनता के सामने रखें. जनता से उम्मीदवार अपने विचारों को साझा करें.

जनता क्यों वोट दे

उम्मीदवार ये बताए कि आखिर उसे ही क्यों जनता अपना वोट दे. हमारी कोशिश है कि हमारे मंच पर जनता और उम्मीदवार का सीधा संवाद हो. प्रत्याशी अपनी बात को पूरे विवेक और ईमानदारी के साथ अपनी ही लेखनी के माध्यम से सामने रखे.

हमारा मकसद किसी व्यक्ति विशेष का प्रचार करना नहीं है. हम चाहते हैं कि जो भी उम्मीदवार चुनाव मैदान में खड़ा है वो अपनी भावी योजनाओं के बारे में बात करे. वो ये बताए कि उसके पास जनता की समस्याओं का क्या समाधान है ?

वो ये बताए कि पांच साल में वो क्या ऐसा खास अपने इलाके में करके दिखाएगा जिस वजह से जनता उसे वोट करे. ये सीधा सवाल है ताकि जनता के प्रतिनिधि बनने से पहले जनता खुद भी अपने इलाके के उम्मीदवार की बातों का वजन तौल सके.

यह एक निष्पक्ष विचार होगा. इस मंच पर आरोप-प्रत्यारोप की जगह नहीं होगी. यहां उम्मीदवार स्वतंत्र रूप से अपनी बात लिखेगा जो कि उसके निजी विचार होंगे. उन विचारों से फर्स्टपोस्ट का कोई लेना देना नहीं होगा.

केवल ये मंच एक नई पहल के तौर पर उम्मीदवारों को अपनी बात कहने के लिये मिलेगा.

इस लेख के जरिये हम अपने दर्शकों पर किसी के विचार नहीं थोपेंगे. दर्शकों का अपना नजरिया और स्वतंत्रता उनके विवेक पर आधारित होता है. उम्मीदवारों के लिये प्रचार का मंच नहीं बल्कि विचार का मंच होगा.

ताकि किसी भी उम्मीदवार के बौद्धिक और सामाजिक विश्लेषण को आम जनता तक पहुंचाया जा सके.

बहुत जल्द फ़र्स्टपोस्ट हिंदी पर ये श्रृंखला शुरू की जा रही है. जिसमें उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उतरे उम्मीदवार अपनी बात लिख सकते हैं. ये लेख उनके पूर्णता निजी विचार होंगे.

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