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Rajasthan Election Result 2018: इन सीटों पर टिकी हैं सबकी नजरें

राज्य में मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है और लगभग 130 सीटों पर इन दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों में सीधी टक्कर है

Updated On: Dec 11, 2018 08:59 AM IST

FP Staff

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Rajasthan Election Result 2018: इन सीटों पर टिकी हैं सबकी नजरें

राजस्थान विधानसभा चुानव नतीजों के लिए वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है. राजस्थान में 200 विधानसभा सीटों में से 199 विधानसभा सीटों के लिए 189 महिला उम्मीदवारों सहित 2274 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमानमे मैदान में उतरे हैं.

राज्य में मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है और लगभग 130 सीटों पर इन दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों में सीधी टक्कर है. वहीं 50 सीटों पर मुकाबला त्रिकोणिय माना जा रहा है जिनमें से 45 सीटों पर दोनों पार्टियों के बागी उम्मीदवारों ने मुकाबले को रोचक बना दिया है. वहीं जाट नेता हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोक तांत्रिक पार्टी ने 58 सीटों पर उम्मीदवार खड़े करके दोनों पार्टियों को चुनौती दी है.

इन 199 विधानसभा सीटों में कुछ ऐसी हॉट सीटें हैं जहां बड़े नेताओं की साख दांव पर लगी है. इनमें मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और मानवेंद्र सिंह के मुकाबले वाली झालरापाटन सीट और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट और बीजेपी सरकार में नंबर दो मंत्री यूनुस खान के मुकाबले वाली टोंक सीट भी शामिल है. हैं. जानिए कौनसी हैं वो अहम सीटें जहां होगा कड़ा मुकाबला.

कौन सी हैं अहम सीटें?

इनमे पहली सीटे है झालरापाटन जहां बीजेपी की तरफ से वसुंधरा राजे 3 बार जीत चुकी है और चौथी बार मैदान में उतरी हैं. वहीं कांग्रेस की तरफ से मानवेंद्र सिंह इस सीट पर वसुंधरा राजे को टक्कर दे  रहे हैं. मानवेंद्र सिंह- बाड़मेर-जैसलमेर से एक बार सांसद, शिव सीट से विधायक है

दूसरी है चूरू सीट जहं से बीजेपी के पंचायत राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ और कांग्रेस से रफीक मण्डेलिया चुनाव लड़ रहे हैं. राजेंद्र राठौड़ का चूरू जिले से छह बार चुनाव जीत चुके हैं. तीसरे नंबर पर है उदयपुर सीट. यहां कांग्रेस का बड़ा चेहरा गिरिजा व्यास के रूप में बीजेपी के गुलाब चंद कटारिया के सामने बड़ी चुनौती है. कटारिया यहां गिरजा से एक बार विधानसभा और एक बार लोकसभा का चुनाव हार चुके हैं.

इसके बाद है नाथद्वारा सीट: चार बार विधायक रहे सीपी जोशी यहां से 2008 में 1 वोट से हार गए थे. इसबार उनके सामने महेश प्रताप सिंह हैं. महेश 11 साल बाद बीजेपी में लौटे हैं और वे बीजेपी सरकार में मंत्री रहे शिवदान सिंह के भतीजे हैं. शिवदान ने 1990 में जोशी को हरा दिया था.

पांचवे नंबर पर है सांगानेर सीट जहां से भारत वाहिनी पार्टी बनाने वाले घनश्याम तिवाड़ी मैान में उतरे हैं. तिवाड़ी ने बीजेपी से अलग होकर ये पार्टी बनाई थी. वहीं उनके सामने बीजेपी से अशोक लोहाटी और कांग्रेस से पुष्पेंद्र भारद्वाज मैदान में उतरे हैं.

इसके बाद टोंक सीट जहां से कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट और बीजेपी सरकार में नंबर दो मंत्री यूनुस खान के बीच सीधा मुकाबला है.

सातवें नंबर पर है डीग सीट जहां से कांग्रेस के विश्वेंद्र सिंह और बीजेपी से डॉ. शैलेष सिंह मैदान में हैं. पिछला चुनाव विश्वेंद्र सिंह ने शैलेंद्र के पिता स्व. दिगंबर सिंह को 11 हजार से अधिक मतों से शिकस्त दी थी.

इसके बाद है सरदारपुरा सीट. यहां से राजस्थान में दो बार मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत पांचवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं. उनके सामने बीजेपी के शंभू सिंह खेतासर हैं जिन्होंने पिछले चुनाव में 59 हजार से अधिक वोट हासिल किए थे.

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