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आखिर केजरीवाल के एक और विश्वासपात्र को क्यों छोड़नी पड़ी आम आदमी पार्टी?

पहले कुमार विश्वास फिर आशुतोष और अब आशीष खेतान की पार्टी से दूरी के बाद अरविंद केजरीवाल और उनकी टीम पर गंभीर आरोप लगने लगे हैं

Updated On: Aug 22, 2018 07:41 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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आखिर केजरीवाल के एक और विश्वासपात्र को क्यों छोड़नी पड़ी आम आदमी पार्टी?
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अरविंद केजरीवाल की नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी से एक और पत्रकार की विदाई हो गई है. पत्रकार से नेता बने आशीष खेतान ने भी पार्टी से नाता तोड़ लिया है. इससे पहले पत्रकार से नेता बने आशुतोष ने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. ताज्जुब की बात यह है कि पार्टी से दूरी बनाने वाले दोनों नेताओं ने इस्तीफे का निजी कराण बताया है. ऐसे में कहा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी से नेताओं का लगातार मोहभंग होना पार्टी के लिए शुभ संकेत नहीं है.

बुधवार को आशीष खेतान ने पार्टी से दूरी बनाने के बाद ट्वीट करते हुए कहा,  ‘मेरा पूरा ध्यान लीगल प्रैक्टिस पर है और इसलिए मैं सक्रिय राजनीति छोड़ रहा हूं. मैंने दिल्ली डायलॉग कमिशन से अप्रैल महीने में ही इस्तीफा दे दिया था. मैं वकालत के पेशे के साथ जुड़ना चाह रहा हूं. अफवाहों में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है.’

पार्टी से खफा चल रहे थे खेतान

बेशक आशीष खेतान पार्टी छोड़ने की वजह को सार्वजनिक नहीं करना चाह रहे हों, लेकिन ‘आप’ सूत्रों की माने तो आशीष खेतान पार्टी में अपनी उपेक्षा से परेशान और नाराज चल रहे थे. कुछ महीने पहले ही दिल्ली में राज्यसभा सांसद की तीन सीटों के लिए हुए चुनाव से लेकर नई दिल्ली सीट से आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी की तरफ से प्रत्याशी नहीं बनाए जाने को लेकर खेतान काफी नाराज चल रहे थे.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक नई दिल्ली लोकसभा सीट के लिए पार्टी किसी नए चेहरे की तलाश कर रही है. दिल्ली सरकार के वरिष्ठ वकील और आप नेता राहुल मेहरा को अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली सीट से मैदान में उतारना चाह रहे हैं. हालांकि, राहुल मेहरा ने नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ने से फिलहाल मना कर दिया है. आशीष खेतान ने इसी नाराजगी की वजह से अप्रैल महीने में दिल्ली डायलॉग कमीशन के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था.

पार्टी को नजदीक से जानने वाले एक पत्रकार फर्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए कहते हैं, ‘एक समय था जब आशीष खेतान की पार्टी में बड़ा रुतबा हुआ करता था. आशीष खेतान की अरविंद केजरीवाल के खास विश्वासपात्रों में गिनती होती थी. खेतान के सुझाव और नए-नए आइडियाज को अरविंद केजरीवाल काफी पसंद करते थे. इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि आशीष खेतान पार्टी के पूर्व संस्थापक सदस्य प्रशांत भूषण की हर गतिविधि के बारे में अरविंद केजरीवाल को चुपके से बताते रहते थे. अपनी इस कला के जरिए आशीष खेतान ने धीरे-धीरे अरिवंद केजरीवाल का विश्वास हासिल कर लिया. आपको यहां पर यह भी बता दूं कि पार्टी में आशीष खेतान की एंट्री प्रशांत भूषण के जरिए हुई थी, लेकिन आशीष खेतान ने पाला बदल लिया. अब शायद आशीष खेतान की उपयोगिता अरविंद केजरीवाल के लिए कुछ भी नहीं रह गई हो. इसलिए उनको किनारे कर दिया गया.’

वापस वकालात की प्रैक्टिस पर लौटेंगे खेतान 

आशीष खेतान ने बुधवार को अपने ट्वीट्स में साफ किया कि वह लीगल प्रैक्टिस पर हैं. आशीष खेतान के इन ट्वीटस के बाद ही मीडिया में अटकलों का बाजार गर्म है. नई दिल्ली लोकसभा सीट से उम्मीदवार नहीं बनाया जाना भी उनमें से एक कारण बताया जा रहा है. आशीष खेतान फिलहाल इस मामले पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं.

बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट से आशीष खेतान ने चुनाव लड़ा था. नई दिल्ली सीट पर चुनाव लड़ते हुए आशीष खेतान को लगभग 3 लाख वोट मिले थे. आशीष खेतान यह सीट बीजेपी की मीनाक्षी लेखी से डेढ़ लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से हार गए थे. इस चुनाव में कांग्रेस के अजय माकन 1.82 लाख वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे.

खेतान के ट्वीट्स से भी झलकता है कि अब उनकी सक्रिय राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं बची है. इसके बावजूद सोशल मीडिया में खेतान के इस्तीफे को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है.

बीते 15 अगस्त के दिन ही पार्टी के एक और नेता आशुतोष ने भी पार्टी छोड़ने का एलान किया था. आशुतोष ने भी पार्टी छोड़ते हुए साफ कहा था कि उनका पार्टी छोड़ना निहायत ही निजी मामला है. आशुतोष के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा था कि आशुतोष का  इस्तीफा इस जन्म में तो स्वीकार नहीं किया जाएगा. सूत्र बता रहे हैं कि अभी तक आशुतोष का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है.

खामोश हैं पार्टी के अन्य नेता

आशुतोष के इस्तीफे के बाद आशीष खेतान को लेकर भी पार्टी का कोई भी नेता मीडिया के सामने कुछ बोलना नहीं चाह रहा है. फर्स्टपोस्ट हिंदी ने पार्टी के कई नेताओं से संपर्क कर इस्तीफे का कारण जानने की कोशिश की लेकिन किसी भी नेता ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. पार्टी के मीडिया कॉर्डिनेटर विकास ने फर्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए कहा, ‘आशीष खेतान का पार्टी से दूरी बनाना उनका निजी फैसला है. मीडिया रिपोर्ट्स में जो कुछ कहा या दिखाया जा रहा है वह सारी बातें मनगठंत और बेबुनियाद  है.’

दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के ही एक नेता फर्स्टपोस्ट हिंदी से बातचीत में कहते हैं, ‘भले ही आशीष खेतान अपना निजी कारण बता रहे हों, लेकिन पिछले कुछ दिनों से पार्टी की हर गतिविधियों से वह गायब रहते थे. जब से नई दिल्ली सीट से खेतान की उम्मीदवारी के दावे को नकार दिया गया तब से ही वह नाराज चल रहे हैं. पिछले कुछ दिनों से पार्टी में उनकी कम गतिविधि को लेकर अरविंद केजरीवाल ने आशीष खेतान को कई बार चेतावनी भी दी थी, लेकिन आशीष खेतान पर इसका कोई असर नहीं पड़ा.’

पिछले कुछ दिनों से पार्टी के कई दिग्गजों को पार्टी नेतृत्व से नाराजगी देखने को मिल रही है. पहले कुमार विश्वास फिर आशुतोष और अब आशीष खेतान की पार्टी से दूरी के बाद अरविंद केजरीवाल और उनकी टीम पर गंभीर आरोप लगने लगे हैं. ये वही लोग हैं जो पार्टी के शुरुआती दिनों से पार्टी के साथ जुड़े हुए थे.

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