S M L

ओवैसी को क्यों लगता है मुसलमानों को भड़काकर ही वो अपनी पार्टी का विस्तार कर सकते हैं

एआईएमआईएम यानी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार कहा था कि इस्लाम ही सभी लोगों का घर है और अगर दूसरे धर्म के लोग इस्लाम अपनाते हैं तो यह उनके लिए घर वापसी जैसा होगा.

Updated On: Aug 06, 2018 09:13 PM IST

Kinshuk Praval Kinshuk Praval

0
ओवैसी को क्यों लगता है मुसलमानों को भड़काकर ही वो अपनी पार्टी का विस्तार कर सकते हैं

एआईएमआईएम यानी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार कहा था कि इस्लाम ही सभी लोगों का घर है और अगर दूसरे धर्म के लोग इस्लाम अपनाते हैं तो यह उनके लिए घर वापसी जैसा होगा. अब ओवैसी ने धर्मांतरण को लेकर नया विवादास्पद बयान दिया है और कहा है कि ‘हम आपको इस्लाम धर्म कबूल करने और दाढ़ी रखने के लिए मजबूर कर देंगे.’

दरअसल हरियाणा के गुरुग्राम में मुस्लिम युवक की जबरदस्ती दाढ़ी बनाए जाने को लेकर ओवैसी का गुस्सा फूटा. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा. ‘आप भले हमारा गला ही क्यों न काट दें लेकिन मैं आपको बता देना चाहता हूं कि देश में इस्लाम जिंदा रहेगा और मुसलमान मुसलमान ही रहेगा.’

ओवैसी ने कहा कि, ‘हमारा गला काटने से भी हम मुस्लिम ही रहेंगे लेकिन तुम को जरूर मुस्लिम बना कर दाढ़ी रखने पर मजबूर कर देंगे.’

ओवैसी ने आखिर वही कहा जिसके लिये वो जाने जाते हैं. गुरुग्राम में हुए दाढ़ी कांड के जरिये ओवैसी ने अपनी सांप्रदायिक सियासत में धार तेज करते हुए हिंदुत्व को खुली धमकी दे डाली है. इससे पहले भी वो छह दिसंबर को बाबरी विध्वंस की बरसी पर बोल चुके हैं कि अयोध्या में ही बाबरी मस्जिद बनेगी.

जब कभी ओवैसी को ये लगा कि वो मुसलमानों से जुड़े मुद्दों पर दूसरे मुस्लिम रहनुमाओं के बरक्स अप्रासंगिक या फिर दूर नजर आ रहे हैं तो वो तुरंत ही विवाद की नई तस्वीर बना कर खुद को अलग तरह से पेश करने की कोशिश करते हैं. सियासत में सुलगते बयान ही उनके लिये संजीवनी का काम करते आए हैं. तभी ओवैसी ने गुरुग्राम में हुए जबरन दाढ़ी कटाने के मामले में जबरन इस्लाम कबूल करवाने की धमकी दे डाली है.

Asaduddin_Owaisi

दरअसल, साल 2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए अब असदउद्दीन ओवैसी फ्रंट पर खेलने की पूरी तैयारी कर चुके हैं. औवैसी ये जानते हैं कि अभी भी हैदराबाद से बाहर राष्ट्रीय मुस्लिम नेता के तौर पर उनकी मुकम्मल पहचान नहीं बन सकी है. ऐसे में हिंदू-मुसलमानों को लेकर भड़काऊ बयान की ही बदौलत उनकी पार्टी के लिये वोटों का ध्रुवीकरण हो सकेगा.

केंद्र सरकार ने जब हज यात्रियों की सब्सिडी खत्म कर दी थी तो उन्होंने हिंदू तीर्थयात्रियों को दी जा रही सब्सिडी को खत्म करने की चुनौती दी थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि देश के कई राज्यों में धार्मिक आयोजनों और तीर्थयात्राओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किये जाते हैं.

ओवैसी ये जानते हैं कि किस मौके पर वो ऐसा क्या बोलें ताकि एक ही झटके में दक्षिण से लेकर उत्तर भारत के मुसलमानों को अपने शब्द-जाल में फंसा सकते हैं.

‘भारत माता की जय’ बोलने को लेकर ओवैसी ने कहा कि संविधान में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि किसी को भारत माता की जय बोलनी चाहिये. वहीं तीन तलाक के मुद्दे पर उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा था कि दरअसल तीन तलाक के जरिये शरीयत को निशाना बनाया जा रहा है.

ओवैसी की राजनीति दरअसल हर उस मामले को इस्लाम से जोड़ने की रहती है जिससे कि उनका वोटबैंक पक्का हो सके. नोटबंदी के दौर में भी ओवैसी ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार मुस्लिम बहुल इलाकों के बैंकों और एटीएम में पैसे नहीं भिजवा रही है जिससे मुसलमानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

Parliament Session

ओवैसी को लगता है कि मुस्लिम भावनाओं को भड़का कर ही देश में वो अपनी पार्टी का विस्तार कर सकते हैं. पार्टी के विस्तार के लिये ही ओवैसी ने यूपी-बिहार के विधानसभा चुनाव में मुस्लिम बहुल इलाकों में अपने उम्मीदवार भी उतारे.  दरअसल तीन बार से सांसद ओवैसी की सियासी बेचैनी उनके बयानों से समझी जा सकती है. वो ये बखूबी जानते हैं कि हिंदू विरोध और मुस्लिम परस्त सियासत  ही उनकी राजनीति के सफर की उम्र तय करेगी. वो ये भी जानते हैं कि इस देश में हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा कभी ठंडे बस्ते में नहीं जा सकेगा. तभी मौके बेमौके और गाहे-बगाहे ओवैसी की जुबान से सांप्रदायिकता की लपटें निकलती रहती हैं और ये तस्दीक करती हैं कि उन्हें देश के कानून पर भरोसा करने से बेहतर जबरन इस्लाम कबूल करवाने का हजारों साल पुराना फॉर्मूला सही लगता है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi