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राहुल गांधी के न्यौते पर इसलिए वापस चले आए अरविंदर सिंह लवली!

अजय माकन के साथ मनमुटाव के बाद अरविंदर सिंह लवली ने बीजेपी का दामन थामा था, लेकिन राहुल गांधी के न्यौते के बाद उन्होंने दोबारा कांग्रेस का हाथ थाम लिया

FP Staff Updated On: Feb 17, 2018 07:46 PM IST

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राहुल गांधी के न्यौते पर इसलिए वापस चले आए अरविंदर सिंह लवली!

शीला दीक्षित के वफादार अरविंद सिंह लवली का कांग्रेस में वापस आना पार्टी के लिए काफी खुशनुमा क्षण था. अप्रैल 2017 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था. साल 2014 का लोकसभा चुनाव और साल 2015 का दिल्ली विधानसभा चुनाव पार्टी के लिए बड़ी हार लेकर आया. दिल्ली विधानसभा चुनाव में तो कांग्रेस अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही. इसके बाद 4 बार विधायक रह चुके लवली का इस तरह से पार्टी छोड़ देना कांग्रेस के लिए किसी अपमान से कम नहीं था.

पार्टी छोड़ते वक्त लवली ने शीला दीक्षित को कांग्रेस पर बोझ बताया था. उन्होंने दिल्ली कांग्रेस प्रमुख अजय माकन को आलसी और आरामतलब कहा था. माना जा रहा है राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी ने अपनी रणनीति बदल ली है. राहुल ने मैसेज भेजा कि पार्टी के दरवाजे खुले हैं. उन्होंने ये स्पष्ट किया है कि चुनाव जीतना ज्यादा महत्वपूर्ण है और जो लोग वापस आना चाहते हैं उनके लिए आपसी मतभेद को दूर करना होगा.

New Delhi: DPCC President Ajay Maken greets Arvinder Singh Lovely as he returns to Congress party leaving BJP, at AICC office in New Delhi, on Saturday. PTI Photo by Ravi Choudhary   (PTI2_17_2018_000065B)

अजय माकन के साथ अरविंदर सिंह लवली

गुजरात में ये चीज सामने भी आई थी जब राहुल गांधी ने कहा था कि सभी खेमों को एक साथ मिलना चाहिए. इसके अलावा ये बात तब भी देखी गई जब परस्पर विरोधी अजय माकन और शीला दीक्षित ने एक साथ मंच साझा किया. माकन पहले शीला से मिले और फिर पार्टी के अभियान के लिए उन्हें न्यौता दिया.

लोकसभा और दिल्ली चुनाव के दौरान माकन और दीक्षित के बीच काफी मनमुटाव था. पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए शीला ने माकन को जिम्मेदार ठहराया था जबकि माकन ने कहा था कि उनका युग अब खत्म हो चुका है. लेकिन आक्रामक बीजेपी और आप का सामना करने के बाद राहुल गांधी ने ये साफ कर दिया था कि कोई भी खेमेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

इसलिए जब माकन को दिल्ली इकाई का प्रमुख बनाया गया तो अरविंद सिंह लवली ने पार्टी छोड़ दी. एमसीडी चुनावों के लिए टिकट देते समय पार्टी ने उनके सुझावों पर ध्यान नहीं दिया था. लेकिन बीजेपी में शामिल होने के बाद भी लवली को काफी निराशा हुई क्योंकि बीजेपी नेता जैसे विजय गोयल और मनोज तिवारी उन पर भारी पड़ रहे थे. इस वजह से जब राहुल गांधी ने उनसे वापस आने को कहा तो उन्होंने घरवापसी कर ली.

(न्यूज़18 के लिए पल्लवी घोष की रिपोर्ट)

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