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जानिए सोमवार रात 12 बजे क्या हुआ था अरविंद केजरीवाल के घर में

डीसीपी नॉर्थ को लिखा गया चीफ सेक्रेटरी का शिकायत पत्र

FP Staff Updated On: Feb 20, 2018 07:36 PM IST

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जानिए सोमवार रात 12 बजे क्या हुआ था अरविंद केजरीवाल के घर में

मंगलवार सुबह की शुरुआत आम आदमी पार्टी के लिए नींद उड़ाने वाली रही. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के चीफ सेक्रेटरी अंशु प्रकाश ने आम आदमी पार्टी के एमएलए पर मारपीट करने का आरोप लगाया है. प्रकाश का आरोप है कि सोमवार देर रात जब सीएम आवास पर बैठक हो रही थी तब आप के एमएलए ने उनके साथ कथित तौर पर हाथापाई की. अंशु प्रकाश ने इसकी शिकायत लिखित तौर पर की है. नीचे पढ़िए उन्होंने डीसीपी नॉर्थ को भेजे अपने शिकायत पत्र में क्या लिखा है.

अंशु प्रकाश का पत्र

कल यानी 19.2.2018 को शाम 8.45 पर चीफ मिनिस्टर के सलाहकार श्री वी के जैन ने फोन पर बताया कि मुझे रात 12 बजे तक सीएम निवास पहुंचना है. वहां मुझे चीफ मिनिस्टर और डिप्टी चीफ मिनिस्टर के साथ सरकार के तीन साल पूरे होने पर टीवी विज्ञापन जारी करने से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करनी थी. मुझे ऐसा लगा कि बैठक 20.2.2018 की सुबह होगी. हालांकि सीएम के एडवाइजर ने रात 9 बजे और फिर 10 बजे यह दोहराया कि सीएम ने रात 12 बजे ही मीटिंग रखी है. इससे पहले सीएम के एडवाइजर का मुझे मैसेज आया था. डिप्टी सीएम ने मुझे करीब शाम 6.55 पर कॉल किया था. मुझे यह सूचना दी गई कि अगर टीवी विज्ञापन से जुड़ा मुद्दा शाम तक हल नहीं होता है तो मुझे इस मामले पर बातचीत करने के लिए रात 12 बजे आना होगा. मैंने पहले ही डिप्टी सीएम को कह दिया था कि कोई भी विज्ञापन सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइंस के खिलाफ नहीं होना चाहिए.

2. सीएम के एडवाइजर ने फिर रात 11.20 पर मुझे कॉल करके यह कंफर्म किया कि मैं मीटिंग के लिए निकला या नहीं. उसके बाद मैं अपनी ऑफिशियल कार में घर से अपने ड्राइवर और पीएसओ के साथ निकला और आधी रात को सीएम निवास पहुंचा.

3. सीएम आवास पर पहुंचने के बाद मैं मुख्यमंत्री के एडवाइजर श्री वी के जैन से मिला. उसके बाद हम दोनों को आगे वाले (फ्रंट रूम) कमरे में ले जाया गया जहां चीफ मिनिस्टर (श्री अरविंद केजरीवाल) और डिप्टी सीएम (श्री मनीष सिसोदिया) और करीब 11 एमएलए मौजूद थे. सीएम ने मुझसे कहा कि इस कमरे में मौजूद लोग एमएलए हैं और वे सरकार के तीन साल पूरे होने पर पब्लिसिटी प्रोग्राम के बारे में जानना चाहते हैं. एमएलए में से एक ने दरवाजा बंद कर दिया. एक थ्री सीटर सोफा पर मुझे अमानतुल्लाह खान और एक अन्य शख्स/एमएलए के बीच में बिठाया गया. सीएम ने मुझे एमएलए के सवालों का जवाब देने को कहा और यह बताने को कहा गया कि टीवी कैंपेन रिलीज होने में देरी की क्या वजह है. मैंने उन्हें बताया कि अफसर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस में बंधे हुए हैं और कोई भी विज्ञापन इन गाइडलाइंस के मुताबिक ही होना चाहिए.

4. कई विधायक मुझ पर चिल्लाने लगे और अपशब्द कहने लगे. मुझ पर आरोप लगाया और यह कहा कि नौकरशाही सरकार की पब्लिसिटी के लिए कुछ नहीं कर रही है. एक विधायक ने (जिसे मैं पहचान सकता हूं) मुझे धमकी दी कि जब तक मैं टीवी पर प्रचार की अनुमति नहीं दूंगा तब तक वो मुझे नहीं छोड़ेंगे और कमरे में पूरी रात बंद रखेंगे. मुझे यह भी धमकी दी गई कि वे मेरे ऊपर SC/ST एक्ट के तहत झूठा केस भी करेंगे. एक और विधायक ने (जिसे मैं पहचान सकता हूं) काफी गुस्से में मुझे और अपशब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी. इसके बाद अचानक विधायक श्री अमानतुल्लाह खान और मेरे बाईं ओर खड़े एक विधायक/कोई शख्स ने (जिसे मैं पहचान सकता हूं) मेरी तरफ से बिना किसी उकसावे के मुझपर हमला कर दिया और मारने लगे. उन्होंने मुक्के से मेरे सिर पर कई बार मारा. मेरा चश्मा जमीन पर गिर गया. मैं सदमे में आ गया. मैं बहुत मुश्किल से रूम से निकला और किसी तरह अपनी ऑफिशियल कार में बैठकर सीएम आवास से निकल गया. मैंने किसी भी वक्त अपनी तरफ से उस कमरे में उपस्थित किसी भी व्यक्ति को, बंदी बनाए जाने और जान से मारने तक की धमकी मिलने के बावजूद, न उकसाया और न ही किसी का प्रतिरोध किया जबकि उस वक्त मैं अपनी आधिकारिक ड्यूटी कर रहा था.

5. मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप कानून के अनुसार कार्रवाई करें क्योंकि मुझपर सोची-समझी साजिश की तरह हमला किया गया था और वहां पर मौजूद सभी लोग इसमें शामिल थे. मुझे मेरी कानूनी ड्यूटी करने से रोकने के लिए धमकी दी गई और मुझे गैर-कानूनी काम करने के लिए मजबूर करने की कोशिश की गई. कमरे मौजूद किसी भी व्यक्ति ने मुझे बचाने की कोई कोशिश नहीं की.

अंशु प्रकाश, मुख्य सचिव

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