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रात में बैठक बुलाने की क्या जरूरत थी? मनोज तिवारी ने उठाया सवाल

उन्होंने कहा ये एक तरह का आतंक है. दिल्ली के इतिहास में यह काला दिन है और यहां संवैधानिक संकट पैदा हो गया है

Updated On: Feb 20, 2018 02:59 PM IST

FP Staff

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रात में बैठक बुलाने की क्या जरूरत थी? मनोज तिवारी ने उठाया सवाल

दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ धक्का-मुक्की की घटना के बाद राजनीति गरमा गई है. विपक्षी पार्टियों ने आप और उसके मुखिया अरविंद केजरीवाल को निशाने पर ले लिया है. दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी ने कहा है कि यह केजरीवाल सरकार का आतंक है.

उन्होंने कहा, 'मुझे यह लगता है मुख्य सचिव के साथ हुई मारपीट पूर्व नियोजित थी. मुख्य सचिव को 12 बजे रात में बुलाने की क्या जरूरत थी. इस हिंसक घटना की शीर्ष स्तर पर जांच होनी चाहिए. केजरीवाल सरकार को बैठक से जुड़ी सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करनी चाहिए. ये एक तरह का आतंक है. दिल्ली के इतिहास में यह काला दिन है और यहां संवैधानिक संकट पैदा हो गया है.'

माकन ने किया विरोध, आप ने कहा गलत हैं आरोप 

वहीं बीजेपी विधायक विजेंदर गुप्ता ने कहा है कि बैठक में सीएम के साथ 9 विधायक मौजूद थे, जहां आईएएस को लात मारी, थप्पड़ मारा और गाली दी गई. वहीं दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि उपराज्यपाल को तुरंत दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करनी चाहिए. आईएएस अधिकारियों को भरोसा दिलाना होगा.

खबरों के मुताबिक केजरीवाल के आवास पर हुई बैठक के दौरान आप के दो विधायकों ने मुख्य सचिव के साथ बदसलूकी की. इस बीच, मुख्य सचिव ने उप-राज्यपाल अनिल बैजल को इस घटना से अवगत कराया है.

इधर आम आदमी पार्टी ने इसका खंडन किया है. पार्टी के आशीष खेतान ने कहा है कि उन पर भीड़ ने हमला किया है.

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