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बदले-बदले से केजरीवाल, पीएम मोदी पर हमले की रणनीति में किया बदलाव

पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए केजरीवाल ने कहा था कि लोग मनमोहन सिंह जैसे पढ़ा-लिखा प्रधानमंत्री’ की कमी देख रहे हैं

Bhasha Updated On: Jun 04, 2018 11:26 AM IST

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बदले-बदले से केजरीवाल, पीएम मोदी पर हमले की रणनीति में किया बदलाव

आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं और राजनीतिक जानकारों का कहना है कि 2019 के आम चुनाव के लिए माहौल बनने की शुरुआत के साथ ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है. केजरीवाल सावधानी के साथ हर कदम बढ़ा रहे हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलों की अपनी रणनीति में भी बदलाव कर लिया है.

साल 2017 में पंजाब में आप के खराब प्रदर्शन और यूपी में बीजेपी की ओर से अन्य पार्टियों का सूपड़ा साफ कर दिए जाने के बाद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपने हमलों की तेजी कम करने का फैसला किया था.

बीजेपी की हार ने दी 'संजीवनी'

केजरीवाल एक साल से अधिक समय तक अपनी इस रणनीति पर कायम रहे लेकिन हाल में बीजेपी की कई चुनावी हार और केंद्र सरकार के खिलाफ धीरे-धीरे ‘बढ़ रही’ सत्ता विरोधी लहर को देखते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री ने एक बार फिर मोदी पर अपने हमलों की धार तेज करने का फैसला कर लिया है.

आप के एक वरिष्ठ नेता ने पीटीआई से कहा, ‘उत्तर प्रदेश के चुनावी नतीजे के बाद 2017 में केजरीवाल ने जब अपनी रणनीति में बदलाव किया तो तब मोदी का करिश्मा बरकरार था. आप ऐसे नेता पर हमले नहीं करते जो लोकप्रिय हो क्योंकि उसका उल्टा असर होता है लेकिन अब जब वह (मोदी) लोकप्रिय नहीं रहे हैं तो रणनीति बदल गई है.’

Arvind Kejriwal

उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी के चलते मोदी सरकार के खिलाफ लोगों के गुस्से, हालिया उपचुनावों में बीजेपी की हार और बीजेपी के खिलाफ विपक्ष के एकजुट होने की वजह से केजरीवाल ने रणनीति बदल ली है.

बीते 31 मई को आए उपचुनाव नतीजों में बीजेपी महज एक लोकसभा सीट पर जीती थी. विधानसभा सीटों में से भी उसके खाते में केवल एक सीट आई थी.

फिर याद आए डॉ. मनमोहन सिंह

इसके बाद केजरीवाल ने सावधानी के साथ एक ट्वीट कर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तारीफ की थी जिन्हें उन्होंने 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान अपने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत निशाना बनाया था. उसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी केजरीवाल ने मनमोहन को निशाना बनाया था.

मोदी पर हमला बोलते हुए केजरीवाल ने कहा था कि लोग मनमोहन सिंह जैसे ‘पढ़ा-लिखा प्रधानमंत्री’ की कमी देख रहे हैं. उपचुनाव नतीजे आने के बाद केजरीवाल ने कहा था कि नतीजे प्रधानमंत्री के खिलाफ लोगों के गुस्से को दिखाते हैं.

लोकप्रियता घटने-बढ़ने का खेल?

राजनीतिक विश्लेषक संजय कुमार ने कहा, ‘जब कोई नेता लोकप्रिय हो तब उस पर हमला करने का उल्टा असर होगा. अब जब विपक्ष मोदी के खिलाफ एकजुट हो रहा है, उपचुनाव नतीजे जब सत्ता विरोधी लहर दिखाते हैं, तो उन्हें (केजरीवाल) फायदा दिख रहा है और वह हमले कर रहे हैं.’

arvindkejriwal

पुलिसिया हमले का जवाब जुबानी हमले से?

आप की दिल्ली इकाई के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि केजरीवाल इंसान हैं और वह जवाबी हमला करेंगे ही. दिल्ली सरकार को काम नहीं करने दिया गया है. भारद्वाज ने कहा, ‘हमने अपने हमलों को कम करने और काम पर ध्यान देने की रणनीति अपनाने की कोशिश भी की लेकिन पिछले एक साल में हुई घटनाएं दिखाती हैं कि इस रणनीति ने काम नहीं किया है.’

वह दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के घर पर सीबीआई के छापे, मुख्यमंत्री अंशु प्रकाश पर आप विधायकों के कथित हमले में मुख्यमंत्री केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से पूछताछ किए जाने, दिल्ली सरकार के सलाहकारों को हटाए जाने और पीडब्ल्यूडी के काम में धांधली के मामले में केजरीवाल के रिश्तेदार की गिरफ्तारी के बारे में बोल रहे थे.

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