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विकास मॉडल’ को छलावा बता दुष्प्रचार कर रही है कांग्रेस: जेटली

अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में जो दो महत्वपूर्ण बिंदु गौर करने योग्य हैं, उनमें से एक संवैधानिक तौर पर असंभव दिखता है, तो दूसरा वित्तीय तौर पर असंभव नजर आता है

Updated On: Dec 09, 2017 07:46 PM IST

Bhasha

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विकास मॉडल’ को छलावा बता दुष्प्रचार कर रही है कांग्रेस: जेटली

वरिष्ठ बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने गुजरात चुनावों में कांग्रेस पर राज्य के ‘विकास मॉडल’ को छलावा बताकर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया है.

उन्होंने कहा कि गुजरात अकेला ऐसा राज्य रहा है जिसका सकल घरेलू उत्पाद पिछले पांच वर्षों के दौरान लगातार 10 फीसद से ज्यादा रहा है. ‘गुजरात में कांग्रेस के प्रचार का मिथक’ शीर्षक से लिखे अपने ब्लॉग में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि विकास मॉडल को छलावा बता कांग्रेस दुष्प्रचार कर रही है. आंकड़े कांग्रेस के दावों को खारिज करते हैं.

उन्होंने कहा कि 2012 से 2017 के बीच लगातार पांच वर्षों तक 10 फीसदी से ज्यादा सकल घरेलू उत्पाद देने वाला गुजरात पहला राज्य है. आर्थिक अस्थिरता के दौरान भी गुजरात की विकास दर दो अंकों में रही.

उन्होंने कहा कि ऐसी विकास दर को बनाए रखना गुजरात के विकास के उस मॉडल की सफलता का प्रमाण है, जिसे कांग्रेस नकार रही है. उन्होंने कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में राज्य में 49 फीसद से ज्यादा आरक्षण दिये जाने के कांग्रेस के वादे को लेकर भी उसपर निशाना साधा.

उन्होंने कहा, 'सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि 50 फीसद से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जा सकता. कांग्रेस और पीएएएस ने गुजरात के लोगों को 50 फीसद से ज्यादा आरक्षण देने का वादा किया है. यह वादा एक छलावा है और संवैधानिक तौर पर असंभव.' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुजरात में कांग्रेसी घोषणा पत्र में किये गये कई वादे आर्थिक हकीकत की अनदेखी करते हैं और हवा हवाई हैं. उन्होंने लिखा है, 'गुजरात की कुल राजस्व आय 90 हजार करोड़ रुपए प्रतिवर्ष है, जबकि कांग्रेस ने 20 हजार करोड़ के कर माफ़ी की घोषणा की है. इसके कारण गुजरात की कुल राजस्व आय 70 हजार करोड़ तक कम होजाएगी.'

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में जो दो महत्वपूर्ण बिंदु गौर करने योग्य हैं, उनमें से एक संवैधानिक तौर पर असंभव दिखता है, तो दूसरा वित्तीय तौर पर असंभव नजर आता है.

जेटली ने ब्लॉग में लिखा कि गुजरात की जनता सामाजिक विभेद और ध्रुवीकरण के एजेंडे से अब आगे बढ़ चुकी है. केंद्रीय मंत्री ने ब्लॉग में लिखा, '....कांग्रेस सामाजिक विभेद और ध्रुवीकरण का एजेंडा अपना चुकी है. ऐसे ही एजेंडों की कीमत गुजरात को 80 के दशक में चुकानी पड़ी थी. आज का गुजरात उस संकीर्ण जातिवादी सोच से आगे बढ़ चुका है, इसलिए अब यहां की जनता उस प्रयोग को स्वीकार नहीं करेगी.'

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने प्रदेश नेतृत्व को पूरी तरह निष्क्रिय और समाप्त कर दिया है. एक तरह से देखा जाए तो कांग्रेस ने अपने नेतृत्व और मुद्दों को ऐसे लोगों को आउटसोर्स कर दिया है, जिनका कांग्रेस से परंपरागत रूप से कोई जुड़ाव नहीं रहा है.

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