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चंद्रबाबू नायडू की जानकारी में हो रहा है करप्शन, केंद्र सरकार करे जांच: पवन कल्याण

पवन कल्याण ने कहा कि मैंने कई बार आंध्रप्रदेश में चल रहे भ्रष्टाचार के बारे में चंद्रबाबू नायडू को सावधान करने की कोशिश की, लेकिन वो करप्शन खत्म करने को लेकर गंभीर नहीं हैं.

Updated On: Mar 19, 2018 12:35 PM IST

FP Staff

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चंद्रबाबू नायडू की जानकारी में हो रहा है करप्शन, केंद्र सरकार करे जांच: पवन कल्याण

टॉलीवुड सुपरस्टार और जनसेना पार्टी के अध्यक्ष पवन कल्याण ने चंद्रबाबू नायडू सरकार के भ्रष्टाचार की जांच के लिए केंद्र सरकार से कार्रवाई करने की मांग की है. न्यूज 18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में पवन कल्याण ने खुलासा किया है कि चंद्रबाबू नायडू को भ्रष्टाचार की सारी जानकारी है और खुद टीडीपी के कुछ मंत्रियों और करीब 40 विधायकों ने उन्हें चंद्रबाबू नायडू के बेटे लोकेश और टीडीपी नेताओं के भ्रष्टाचार में शामिल होने की जानकारियां दी हैं. पवन कल्याण कहते हैं-

चंद्रबाबू नायडू को है करप्शन की सारी जानकारी

‘मैंने अचानक चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ बोलना शुरू नहीं किया. मैं 4 साल से चुप नहीं बैठा था. मैंने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को कई बार आंध्रप्रदेश में चल रहे भ्रष्टाचार के बारे में सावधान करने की कोशिश की, लेकिन वो करप्शन खत्म करने को लेकर गंभीर नहीं हैं. चंद्रबाबू नायडू की जानकारी में सारा भ्रष्टाचार चल रहा है.

पोलावरम प्रोजेक्ट के निर्माण का काम प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर को इसी वजह से दिया जा रहा है. चंद्रबाबू नायडू केंद्र को गुमराह करते रहे हैं. आंध्र प्रदेश के लोगों को भ्रष्टाचार साफ दिख रहा है. मैं भी कोई बाहरी नहीं हूं. मुझे भी समझ आता है. कुछ मंत्रियों और 30-40 विधायकों ने आकर खुद आंध्र प्रदेश में चल रहे भयानक भ्रष्टाचार की शिकायत की थी. वो चाहते थे कि मैं सीएम को समझाऊं. मैंने कोशिश भी की, लेकिन चंद्रबाबू नायडू भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर बिलकुल गंभीर नहीं हैं. इसलिए मुझे बोलना पड़ा. अब केंद्र सरकार को हरकत में आना चाहिए. फंड्स की धांधली की जांच होनी चाहिए’.

पवन कल्याण के मुताबिक आंध्रप्रदेश को जो धन मिला है, उसका जबरदस्त दुरुपयोग किया गया है. पैसों का सही इस्तेमाल नहीं हुआ. आंध्र की नई राजधानी को लेकर सही काम नहीं हुआ. पवन कल्याण का आरोप है कि नई राजधानी बनाने के नाम पर बहुत सारा पैसा उड़ा दिया गया. लेकिन सवाल यह है कि इस कथित भ्रष्टाचार की जानकारी पवन कल्याण ने केंद्र सरकार या फिर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्यों नहीं दी. जबकि 2014 में आंध्र में टीडीपी-बीजेपी सरकार के लिए वोट जुटाने वाले पवन कल्याण की खासी भूमिका रही थी और तभी से पवन कल्याण पीएम मोदी के करीबी माने जाते रहे हैं.

पहले क्यों नहीं दी केंद्र सरकार को जानकारी?

पवन कल्याण का कहना है कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मैं बहुत करीब से जानता हूं. लेकिन पहली बात कि मेरी भी सीमाएं हैं. मैं कोई सांसद नहीं हूं. दूसरी बात टीडीपी बीजेपी के रिश्ते हमेशा ऊपर नीचे होते रहे हैं. मैं बीच में नहीं पड़ना चाहता था. लेकिन अब जब मैंने मुंह खोला है, तो टीडीपी के नेता कहते हैं कि मेरे पीछे बीजेपी का दिमाग काम कर रहा है. कुछ दिनों पहले तक वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष कहते थे कि मेरे पीछे चंद्रबाबू नायडू का दिमाग काम कर रहा है. दरअसल दोनों की बातें गलत हैं. मेरे पीछे सिर्फ जनता का दिमाग काम कर रहा है’.

पवन कल्याण ने फिलहाल बीजेपी के साथ किसी भी तरह के समझौते की संभावना को खारिज कर दिया है. पवन कल्याण का कहना है कि आंध्र प्रदेश में लोग बीजेपी से बहुत ज्यादा नाराज हैं.

आंध्र प्रदेश की जनता क्यों है बीजेपी से नाराज?

‘आंध्र प्रदेश की जनता का भरोसा फिलहाल बीजेपी से हिल गया है. आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग सिर्फ भावनात्मक मांग नहीं, बल्कि जरूरत है. राज्य के 7 जिले बुंदेलखंड की तरह हैं. हालत बहुत ज्यादा खराब हैं. लोगों के जीवन में सुधार लाने के लिए केंद्र से ज्यादा आर्थिक मदद चाहिए. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उसे स्पेशल स्टेटस नाम दिया जाता है या फिर कोई और नाम दिया जाता है. नाम से कोई फर्क नहीं पड़ता. मुद्दा ज्यादा आर्थिक मदद का है और वो मिलना ही चाहिए.

पवन कल्याण ने कहा,  जब तक यह नहीं होता, तब तक बीजेपी से किसी समझौते का सवाल पैदा ही नहीं होता. फिलहाल जनसेना एकला चलेगी. चुनाव करीब आने पर फैसला लेंगे कि चुनाव में अकेले जाना है या फिर गठबंधन करके जाना है’.

3rd फ्रंट को लेकर क्या सोचते है पनव कल्याण

थर्ड फ्रंट को लेकर पवन कल्याण ज्यादा उत्साहित हैं. हालांकि उनका कहना है कि ऐसे किसी थर्ड फ्रंट का हिस्सा बनने का फैसला करना फिलहाल जल्दीबाजी होगी.

कल्याण कहते हैं, ‘कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियां क्षेत्रीय जरूरतों को समझने में नाकाम रही हैं. यही वजह है कि क्षेत्रीय दलों के नेता थर्ड फ्रंट बनाने और उसकी अगुवाई करने को आगे आ रहे हैं. लेकिन रिजनल पार्टियों की सोच राष्ट्रीय होनी चाहिए. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव से मैंने बोला कि थर्ड फ्रंट एक बेहतर आइडिया है. लेकिन इसपर विस्तार से बातचीत नहीं हुई है. तेलंगाना सीएम से मिलकर इसपर बाचतीत करनी है’.

पवन कल्याण ने चंद्रबाबू नायडू की सरकार को फेल सरकार बताया है. पूछने पर कि 10 में से नायडू और केसीआर सरकार को कितने नंबर देंगे, तो पवन कल्याण ने चंद्रबाबू नायडू को ढाई नंबर और केसीआर को 6 नंबर दिए हैं.

(न्यूज 18 के लिए संजय तिवारी की रिपोर्ट)

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