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अमित शाह की युवा हुंकार रैली : बाइक रैली से 2019 के लिए माहौल बनाने की कोशिश

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने हरियाणा के जींद से लोकसभा चुनाव 2019 के लिए हुंकार भर दी है.

Amitesh Amitesh Updated On: Feb 15, 2018 06:25 PM IST

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अमित शाह की युवा हुंकार रैली :  बाइक रैली से 2019 के लिए माहौल बनाने की कोशिश

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने हरियाणा के जींद से लोकसभा चुनाव 2019 के लिए हुंकार भर दी है. जींद में युवा हुंकार रैली को संबोधित करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कांग्रेस की पिछली सरकारों पर हमला बोला. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी निशाने पर लिया. हरियाणा में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर फिर से कांग्रेस सरकार के दौर की याद भी दिलाई.

कोशिश हरियाणा के युवाओं में फिर से वही जोश भरने की थी, जिसकी बदौलत 2014 में बीजेपी केंद्र और राज्य में कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर सत्तासीन हुई थी.

युवा हुंकार रैली में अमित शाह के निशाने पर कांग्रेस रही और एक बार फिर से हरियाणा की खट्टर सरकार से लेकर केंद्र की मोदी सरकार के काम-काज की तुलना कांग्रेस की पहले की सरकार से कर शाह ने अभी से ही माहौल बनाना शुरू कर दिया है.

2014 में हरियाणा में पहली बार पूर्ण बहुमत से बीजेपी की सरकार बनी थी जिसके बाद मनोहर लाल खट्टर की अगुआई में हरियाणा में बीजेपी सत्ता पर भी काबिज है. अगले साल लोकसभा चुनाव और फिर उसके बाद विधानसभा के चुनाव होने हैं, तो अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं में फिर से उत्साह भरने की कोशिश कर दी है.

पिछले साढ़े तीन सालों में हरियाणा की राजनीति में कई बार उतार-चढ़ाव आए हैं. बाबा राम रहीम के समर्थकों का उत्पात हो या फिर जाट आरक्षण का मुद्दा. दोनों मौकों पर सरकार की नाकामी को लेकर खट्टर की क्षमता पर ही सवाल उठते रहे हैं. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सुस्ती हमेशा सवालों के घेरे में रहती है. अक्सर यही कहा जाता है जब पानी सर से ऊपर चला जाता है तब खट्टर की नींद खुलती है.

जाट आरक्षण को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन के वक्त भी मामला इस तरह उलझ गया कि पूरी तरह से इस मामले में हरियाणा में लड़ाई जाट बनाम गैर-जाट में तब्दील हो गई थी.

शायद यह बीजेपी की रणनीति का हिस्सा है जिसमें वो हरियाणा के ताकतवर जाट समुदाय के सामने गैर-जाट सभी जातियों को एकजुट कर नया समीकरण बना रही है. गैर-जाट मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाकर बीजेपी ने इसका संकेत दे भी दिया था. अब उसी बात को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह एक बार फिर से दोहरा रहे हैं.

अमित शाह ने जींद की रैली में कहा कि ‘खट्टर सरकार ऐसी है जिसकी कोई जाति नहीं है. हम सबका साथ, सबका विकास के मंत्र में विश्वास रखते हैं.’

उनके इस बयान का मतलब  और मकसद दोनों साफ था. अमित शाह हरियाणा में गैर जाट जातियों के बड़े वोट बैंक को यह संदेश देना चाह रहे थे कि उनकी पार्टी ने उनका ख्याल रखा है. यानी अबतक कांग्रेस और आईएनएलडी जाट राजनीति को ही केंद्र में रखकर अपनी रणनीति बनाती है वहीं बीजेपी बाकी तबके का हमदर्द बनना चाह रही है.

हरियाणा के किसानों को लुभाने के लिए अमित शाह ने इस बार के बजट में किसानों के लिए की गई घोषणाओं का जिक्र किया. किसानों के लागत मूल्य का डेढ़ गुना एमएसपी देने और दस करोड़ गरीब परिवारों को पांच लाख तक मेडिकल बीमा देने के प्रावधान को प्रमुखता से उठाया.

जींद में बड़ी रैली को संबोधित करने से पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बाईक रैली में भाग लिया. हरियाणा के अलग-अलग क्षेत्रों से युवा बाईक पर सवार होकर रैली में पहुंचे थे. शाह खुद हरियाणा के बीजेपी अध्यक्ष की बाईक पर सवार थे.

हालाकि अमित शाह की रैली का विरोध करने के लिए कांग्रेस ने भी तैयारी कर ली थी. लेकिन, शाह को काले झंडे दिखाने जा रहे हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर को पुलिस ने पहले ही हिरासत में ले लिया.

अमित शाह की रैली से पहले जाटों की तरफ से भी ट्रैक्टर से घेराव करने की धमकी दी गई थी. लेकिन, जाट नेताओं के साथ बैठक के बाद जाटों ने विरोध करने का अपना फैसला वापस ले लिया था. सरकार की तरफ से जाटों के उपर आंदोलन के दौरान लगाए गए कई केस वापस भी लेने का फैसला किया गया है.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अलग-अलग राज्यों के दौरे पर लगातार जा रहे हैं. लेकिन, हरियाणा में जहां फिलहाल विधानसभा के चुनाव भी नहीं हैं वहां अमित शाह का पहुंचकर हुंकार भरना 2019 की तैयारी की झलक दिखा रहा है.

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