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अमित 'सर' की क्लास के बाद अब सुधरेंगे बीजेपी सांसद?

उनकी पार्टी के सांसद महोदय हैं जो कि अपनी पार्टी आलाकमान की ही सुनने को तैयार नहीं लगते

Amitesh Amitesh Updated On: Aug 01, 2017 05:03 PM IST

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अमित 'सर' की क्लास के बाद अब सुधरेंगे बीजेपी सांसद?

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अपनी पार्टी के सांसदों से नाराज हैं. उनकी नाराजगी सांसदों के उस रवैये को लेकर है जो बार-बार चेतावनी के बावजूद नहीं बदल रहा है. प्रधानमंत्री मोदी से लेकर खुद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कई बार अपनी पार्टी के सांसदों को सदन के भीतर हमेशा मौजूद रहने को कहा है. लेकिन, उनकी पार्टी के सांसद महोदय हैं जो कि अपनी पार्टी आलाकमान की ही सुनने को तैयार नहीं लगते.

पार्टी आलाकमान की चेतावनी को दरकिनार कर सांसद सदन से गायब रहते हैं. वो भी तब, जबकि किसी खास मुद्दे पर सदन के भीतर चर्चा हो रही हो.

New Delhi: BJP president Amit Shah with External Affairs Minister Sushma Swaraj, and Union Law and IT Minister Ravi Shankar Prasad among others at the BJP parliamentary party meeting, in New Delhi on Tuesday. PTI Photo by Shahbaz Khan (PTI8_1_2017_000052B)

अब एक बार फिर से सांसदों के इसी ‘कैजुअल एप्रोच’ के चलते राज्यसभा में सरकार को परेशानी का सामना करना पड़ा. राज्यसभा में संविधान संशोधन बिल पर चर्चा के बाद वोटिंग के दौरान सरकार हार गई और विपक्ष का एक संशोधन पास हो गया.

दरअसल, राज्यसभा में पिछड़े वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिए जाने के मामले में संविधान संशोधन बिल पास किया गया. लेकिन, उस वक्त एनडीए के अधिकतर सांसदों के नदारद होने के चलते विपक्ष अपना संशोधन पास कराने में सफल हो गया.

New Delhi: BJP President Amit Shah, Parliamentary Affairs Minister Ananth Kumar (L), and MoS SS Ahluwalia (R) arrive to attend BJP parliamentary party meeting, in New Delhi on Tuesday. PTI Photo by Shahbaz Khan (PTI8_1_2017_000051B)

दरअससल, पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए राज्यसभा में पेश 123 वें संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा हो रही थी. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत की तरफ से संविधान संशोधन विधेयक पेश हुआ था, जिसके बाद कांग्रेस सदस्य दिग्विजय सिंह, बीके हरिप्रसाद और हुसैन दलवई ने प्रस्तावित पिछड़े आयोग की सदस्य संख्या तीन से बढ़ाकर पांच करने के साथ-साथ कुछ और प्रावधान भी लागू करने के लिए संशोधन पेश कर दिए.

संशोधन प्रस्ताव के मुताबिक, एक महिला सदस्य और एक अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य को शामिल करने का प्रस्ताव था. मतदान में संशोधन प्रस्ताव के पक्ष में 75 और विरोध में 54 मत मिलने पर सरकार की किरकिरी हो गई. उस वक्त बीजेपी के कई सांसदों समेत एनडीए के 30 सांसद सदन राज्यसभा में मौजूद नहीं थे.

अब इसी किरकिरी से नाराज प्रधानमंत्री ने सांसदों की क्लास लेने का फैसला किया है. हालाकि, प्रधानमंत्री असम में बाढ़ के हालात की समीक्षा करने के लिए गए थे, लिहाजा बीजेपी संसदीय सांसदों की राज्यसभा में गैरमौजूदगी से नाराज हुए अमित शाह की बैठक में वो शामिल नहीं थे. लेकिन, उनकी गैर-मौजूदगी में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने उनकी भावना से सभी सांसदों को अवगत करा दिया. अब किसी तरह का कोई कैजुअल एप्रोच नहीं चलने वाला.

इसी के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सांसदों की क्लास लगाई. बीजेपी संसदीय दल की बैठक में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने सांसदों की क्लास लेते हुए चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सभी सांसदों को सदन के भीतर मौजूद रहना चाहिए था.

New Delhi: BJP President Amit Shah with senior party leader Sakshi Maharaj at the BJP parliamentary party meeting, in New Delhi on Tuesday. PTI Photo by Shahbaz Khan (PTI8_1_2017_000049B)

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी के सभी सांसदों को निर्देश दिया कि जब भी व्हिप जारी हो उस दौरान व्हिप का पालन करना होगा. बीजेपी संसदीय दल की बैठक में संसदीय कार्य राज्य मंत्री एस.एस.अहलुवालिया ने पार्टी सांसदों को व्हिप के बारे में जानकारी भी दी.

बीजेपी राज्यसभा से गैरहाजिरी रहने वाले सभी सांसदों को अब अलग से बुला रही है. उनकी अलग से क्लास लगेगी. सदन में गैरहाजिरी पर लताड़ लगेगी. क्योंकि प्रधानमंत्री नाराज हैं. उनकी नाराजगी का कारण है कि बार-बार उनकी चेतावनी के बावजूद पार्टी सांसद ऐसी गलती क्यों कर रहे हैं.

अमित शाह ने संसदीय दल की बैठक में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आप सभी सांसद जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं. ऐसे में सदन से बाहर जाना गलत संदेश देता है.

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