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कश्मीर में बहा जवानों का खून नहीं जाएगा बेकार: अमित शाह

शाह ने कहा, '70 साल तक जो भी सरकारें आईं, उन्होंने किसानों को वोट बैंक समझकर टुकड़ों में काम किया, लेकिन पहली बार नरेंद्र मोदी की सरकार ने टेक्नोलॉजी के आधार पर विकास करना शुरू किया.'

Updated On: Feb 23, 2019 08:05 PM IST

Bhasha

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कश्मीर में बहा जवानों का खून नहीं जाएगा बेकार: अमित शाह

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पुलवामा आतंकी हमले पर कहा कि कश्मीर की धरती पर जवानों का बहा खून व्यर्थ नहीं जाने वाला है. शाह ने गोरखपुर में पार्टी के किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन में कहा, 'पुलवामा पर पूरे देश में रोष है, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि आपके जरिए बनाई गई बीजेपी की सरकार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पर काम कर रही है.'

उन्होंने कहा, 'आप चिन्ता मत करना. जवानों का जो खून कश्मीर की धरती पर बहा है, वह व्यर्थ नहीं जाने वाला है.' शाह ने कहा कि पांच साल में मोदी सरकार ने आतंकवाद का जवाब दिया है, चाहे कूटनीतिक क्षेत्र हो, या गोली का जवाब गोले से देना हो, या फिर सर्जिकल स्ट्राइक हो, मोदी सरकार ने जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि पुलवामा के शहीदों के परिवारों के साथ पूरा देश खड़ा है.

शाह ने कहा, '70 साल तक जो भी सरकारें आईं, उन्होंने किसानों को वोट बैंक समझकर टुकड़ों में काम किया, लेकिन पहली बार नरेंद्र मोदी की सरकार ने टेक्नोलॉजी के आधार पर विकास करना शुरू किया.' उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, 'राहुल बाबा हमें सलाह देंगे, जिन्हें ये नहीं पता कि आलू खेत के नीचे होता है या ऊपर. मैं कहता हूं वो मुझे खरीफ फसल के नाम लिखकर दे दें, हम मान जाएंगे. देश भर में किसान अगर बदहाल था तो इसमें एक पार्टी कांग्रेस का योगदान रहा.'

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, 'पहले किसान का यूरिया कारोबार में चला जाता था और उसे यूरिया नहीं मिलता था. किसानों पर लाठियां चलती थीं. कांग्रेस के राज में यूरिया के लिए लाइन लगती थी. लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने इसे नीम कोटेड कर दिया. अब कालाबाजारी नहीं हो पाती है.' उन्होंने कहा, 'एक छोटे से प्रयोग ने अरबों-खरबों की कालाबाजारी खत्म कर दी और सरकार का यह प्रयोग किसानों के लिए बहुत लाभप्रद रहा.'

शाह ने कहा, 'हमारा देश कृषि प्रधान देश है. हमारे देश की पहचान ही कृषि और किसान हैं. देश की 60 फीसदी आबादी कृषि पर ही निर्भर है और देश की जीडीपी का 15 फीसदी कृषि क्षेत्र से आता है, किसान के पसीने से आता है.' उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों की सहायता राशि बढ़ाई और सहायता की पात्रता भी बढ़ाई है. किसानों को ज्यादा से ज्यादा सहायता मिले, ये प्रयास हमारी सरकार ने किए. शाह ने कहा कि यूपीए की एक संस्कृति है- झूठ बोलना और बार-बार बोलना. 'राहुल बाबा गांव-गांव जाकर झूठ बोलने का काम कर रहे हैं. मैं राहुल बाबा से पूछना चहता हूं कि कर्नाटक में कितने किसानों का ऋण माफ किया. आपकी सरकार 10 साल तक थी, आपने किसानों के लिए क्या किया.'

उन्होंने कहा, 'मैं राहुल बाबा और कंपनी को खुली चुनौती देता हूं कि आंकड़े लेकर मैदान में आ जाएं. जिसको चर्चा करनी है करे, बीजेपी सरकार ने जितने समर्थन मूल्य से फसल की खरीद की है, इतना मूल्य अन्य किसी भी सरकार ने नहीं दिया.' शाह ने कहा, 'आजादी के बाद पांच साल के कार्यकाल में कृषि बजट में 80 फीसदी तक की वृद्धि करने का काम केवल और केवल मोदी सरकार ने किया है.' बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस सरकार थी, तो उसने तीन करोड़ किसानों का 53 हजार करोड़ रुपए का ऋण माफ़ किया. अब मोदी जो योजना लेकर आए हैं, वह देश के 13 करोड़ किसानों के लिए है. इसके अंतर्गत प्रति वर्ष 75 हजार करोड़ रुपये किसानों को दिए जाएंगे.

इससे पहले शाह ने लखनऊ में सहकारिता सम्मेलन में कहा, 'उत्तर प्रदेश का प्रशासनिक ढांचा जो एसपी-बीएसपी सरकार में चरमरा गया था, आज योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तेजी से मजबूत हो रहा है.' उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार किसानों की आय दोगुना करने वाला प्रधानमंत्री देश को मिला. हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसका लक्ष्य 2022 का रखा है. शाह ने कहा कि सोनिया-मनमोहन की सरकार के समय सहकारिता के माध्यम से किसानों को मात्र 23,635 करोड़ रुपए दिए गए थे, लेकिन मोदी सरकार के जरिए सहकारिता के माध्यम से 73,051 करोड़ रुपए की धनराशि वितरित की गई.

उन्होंने कहा कि सहकारिता समितियों के माध्यम से किसानों को ज्यादा दाम दिलाने का काम नरेंद्र मोदी की सरकार कर रही है. कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय भी शामिल हुए.

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