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अमित शाह का जम्मू दौरा: पीडीपी से अलग होने के बाद पुरानी रणनीति पर लौटने की कोशिश में बीजेपी

राज्यपाल शासन लागू होने के बाद आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन और तेज किया जा रहा है, बीजेपी को लगता है कि इसका फायदा उसे पूरे देश में मिलेगा

Updated On: Jun 20, 2018 10:31 PM IST

Amitesh Amitesh
विशेष संवाददाता, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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अमित शाह का जम्मू दौरा: पीडीपी से अलग होने के बाद पुरानी रणनीति पर लौटने की कोशिश में बीजेपी

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह 23 जून को जब जम्मू में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के मौके पर पहुंचेंगे तो ज्यादा खुलकर अपने पार्टी कैडर्स के बीच पार्टी की विचारधारा और कश्मीर को लेकर अपने एजेंडे को रख पाएंगे. कश्मीर को लेकर बीजेपी की रणनीति पहले से ही काफी आक्रामक रही है.

बीजेपी डॉ. मुखर्जी की पुण्यतिथि को बलिदान दिवस के तौर पर मनाती रही है. लेकिन, इस बार कार्यक्रम जम्मू में होगा और पार्टी अध्यक्ष के सामने अपने लोगों के बीच संदेश देने का बड़ा मौका होगा कि हम अपनी विचारधारा और सिद्धांतों पर अडिग है, जिसके कारण ही पीडीपी से अलग होने का फैसला किया गया है.

पीडीपी से अलग होने के बाद बीजेपी अब जम्मू-कश्मीर में फिर से अपने-आप को पुराने रंग में रंगने की कोशिश में है. पीडीपी के साथ सरकार में बने रहते हुए बीजेपी खुलकर अपने एजेंडे को लेकर नहीं बोल पा रही थी. लेकिन, अब पार्टी ने कमर कस लिया है. खासतौर पर अपने जनाधार वाले जम्मू क्षेत्र में संगठन को दुरुस्त करने को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है और इसकी शुरुआत पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के जम्मू दौरे से होगी.

अमित शाह 23 जून को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी फाउंडेशन के तत्वाधान में आयोजित एक पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम में जा रहे हैं जिसका नाम है A saga of sacrifices….praja parishad movement in jammu & Kashmir. लेकिन, अब बदले राजनीतिक हालात में इस पुस्तक विमोचन के बाद एक रैली की भी तैयारी की जा रही है. अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच नई परिस्थिति में उर्जा का संचार करने और जम्मू से लेकर घाटी तक में बड़ा संदेश देने के लिए अमित शाह का दौरा महत्वपूर्ण हो सकता है.

आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन से पार्टी को पूरे देश में होगा फायदा

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की नजर लोकसभा चुनाव पर भी है. राज्यपाल शासन लागू होने के बाद अब आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन और तेज किया जा रहा है. बीजेपी को लगता है कि इसका फायदा उसे जम्मू के अलावा पूरे देश में भी मिलेगा. लेकिन, बीजेपी अध्यक्ष के दौरे में संगठन को मजबूत करने पर भी चर्चा होगी. अपने दो दिवसीय दौरे में बीजेपी अध्यक्ष की संघ परिवार के लोगों के साथ भी बैठक होगी. इस बैठक में संघ के प्रांत कार्यवाह से लेकर वीएचपी और दूसरे संगठनों के भी नेता शामिल होंगे.

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बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह अपने दौरे में बीजेपी सांसदों की कार्यशैली पर संघ के नेताओं से भी फीडबैक लेंगे. इस दौरान उनकी बीजेपी नेताओं के साथ-साथ बीजेपी चुनाव प्रबंध कमिटी के लोगों के साथ भी बैठक होगी. शाह के इस दौरे में बीजेपी के संगठन महामंत्री रामलाल भी मौजूद रहेंगे.

आने वाले दिनों में कश्मीर में आक्रामक अंदाज में नजर आएगी बीजेपी

अब बदले हुए सियासी हालात में बीजेपी ने शक्ति प्रदर्शन भी करने का फैसला कर लिया है. पीडीपी से अलग होने के बाद अब फिर से पार्टी संगठन में नई जान फूंकने के लिए अमित शाह के रोड शो की तैयारी भी की जा रही है. बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, जम्मू एयरपोर्ट से लेकर उस कंवेंशन सेंटर तक अमित शाह के बड़े रोड शो की तैयारी की जा रही है, जहां पार्टी संगठन को लेकर बैठक होनी है.

यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: राष्ट्रवाद का एजेंडा भले आसमान छुए, कश्मीर वहीं ठिठका रह जाएगा?

बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि ‘आने वाले दिनों में बीजेपी जम्मू-कश्मीर में काफी आक्रामक अंदाज में नजर आएगी. पार्टी किसी भी कीमत पर राष्ट्रीयता, देश की सुरक्षा और संप्रभुता से समझौता नहीं करने वाली और पीडीपी से अलग होकर इसका संदेश भी दे दिया गया है.’

बीजेपी के लिए असली चुनौती अब शुरू होगी. बीजेपी को भी इस चुनौती का एहसास है, लेकिन, उसे भरोसा है कि राज्यपाल शासन के दौरान कश्मीर में सरकार और सेना की कार्रवाई और विचारधारा के स्तर पर पार्टी की आक्रामकता से आने वाली चुनौती का सामना किया जा सकता है.

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