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जम्मू में बोले अमित शाह- राहुल गांधी बताएं कि कांग्रेस और लश्कर में क्या रिश्ता है

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 65वें बलिदान दिवस के मौके आयोजित एक रैली में अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के नेता ऐसा ऐसा बयान देते हैं कि मैं उन्हें बोल भी नहीं सकता

Updated On: Jun 23, 2018 07:06 PM IST

FP Staff

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जम्मू में बोले अमित शाह- राहुल गांधी बताएं कि कांग्रेस और लश्कर में क्या रिश्ता है

दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कश्मीर पहुंचे. यहां पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता ऐसे-ऐसे बयान देते हैं जिन्हें मैं बोल भी नहीं सकता. उन्होंने कहा कि गुलाम नबी आजाद ने जो बयान दिया उसका समर्थन लश्कर-ए-तैयबा भी करता है.

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 65वें बलिदान दिवस के मौके आयोजित एक रैली में अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर आज अगर भारत से जुड़ा है तो इसके पीछे श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान मुख्य कारण हैं.

कांग्रेस के नेताओं द्वारा लगातार हो रही बयानबाजी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि गुलाम नबी आजाद के बयान का लश्कर समर्थन कर रहा है. राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए कि कांग्रेस और लश्कर के बीच में किस तरह का रिश्ता है. सैफुद्दीन सोज पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी कभी कश्मीर को भारत से अलग नहीं होने देगी. जम्मू-कश्मीर हिंदुस्ता का अटूट हिस्सा है. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपने खून से इस धरती को सींचा है.

उन्होंने कहा कि पिछले साल जब मैं यहां आया था तो हमारी गठबंधन की सरकार थी. पीडीपी से अलग होने के बाद राज्य में राज्यपाल शासन लग चुका है. राजनीतिक दल सरकार गिरने पर निराशा जाहिर करते हैं लेकिन बीजेपी एक ऐसी पार्टी है जिसने भारत माता की जय का नारा लगाया, यह बीजेपी के राष्ट्रभक्ति को दिखाता है.

अमित शाह ने कहा कि जो 70 साल में नहीं हुआ वह मोदी सरकार ने जम्मू और कश्मीर के विकास के लिए करने का प्रयास किया लेकिन राज्य की सरकार द्वारा कोई विकास के कार्य को आगे नहीं बढ़ाया गया. उन्होंने कहा कि बीजेपी के लिए सरकार नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर का विकास और उसकी सुरक्षा एक मात्र उदेश्य है. शाह ने आरोप लगाया कि महबूबा सरकार ने लद्दाखा के साथ भेदभाव किया.

शाह ने कहा कि हमने पश्मीना के विकास के लिए 40 करोड़ और पाम्पोर हाट के विकास के लिए 45 करोड़ रुपए दिए. राज्य में नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के परिवारों के तीन पीढियों ने राज किया लेकिन उन्होंने पश्मीना और पाम्पोर हाट के लिए कुछ नहीं किया.

अमित शाह ने साफ कहा कि जब जम्मू और कश्मीर में समान विकास के लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सका तो बीजेपी के लिए सत्ता में रहने का कोई मतलब नहीं था. मोदी सरकार ने तमाम प्रयास किए लेकिन जम्मू और लद्दाख से भेदभाव होता रहा. इसीलिए हमने फैसला किया कि हमें विपक्ष में रह कर इसका विरोध करना चाहिए.

जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की 'दोस्ती' टूटने और महबूबा सरकार गिरने के अमित शाह पहली बार जम्मू पहुंचे हैं. इस दौरे पर उनके साथ बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव संगठन राम लाल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक डॉ. अनीरबन गांगुली भी गए हुए हैं.

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