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बीजेपी के टिकट बंटवारे में परिवारवाद नहीं: अमित शाह

अमित शाह ने कहा बीजेपी में टिकट पाने से लेकर कुछ भी बनने का पैमाना सिर्फ काबिलियत होती है

Updated On: Jan 30, 2017 11:27 AM IST

Amitesh Amitesh

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बीजेपी के टिकट बंटवारे में परिवारवाद नहीं: अमित शाह

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी की तरफ से भी नेताओं के बेटे-बेटियों और रिश्तेदारों को जमकर टिकट बांटे गए हैं. कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत दूसरे दलों के उपर परिवारवाद का आरोप लगाने वाली बीजेपी इस पर सवालों के घेरे में है.

सवाल इसलिए भी पूछे जा रहे हैं क्योंकि दूसरों को नसीहत देनेवाली पार्टी ने खुद इस बार टिकट रेवड़ियों की तरह बांटे हैं. वो भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नसीहत के बावजूद, जिसमें मोदी ने बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से अपने रिश्तेदारों के लिए टिकट न मांगने की अपील की थी.

लेकिन, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने परिवारवाद के लग रहे आरोपों को सिरे से नकार दिया है.

बीजेपी में नहीं है परिवारवाद

अमित शाह ने नेटवर्क 18 के ग्रुप एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए इंटरव्यू में परिवारवाद के आरोपों का जवाब देते हुए कहा है कि हम जिस परिवारवाद की बात करते हैं उसकी व्याख्या भी स्पष्ट कर देता हूं. मुलायम सिंह यादव के बाद अखिलेश बाकी सारे नेताओं को दरकिनार कर मुख्यमंत्री बनते हैं, ये परिवारवाद है. फ़ारुख़ अब्दुल्ला जी के बाद इनके बेटे मुख्यमंत्री बनते हैं, ये परिवारवाद है. जवाहर लाल नेहरु, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी ये परिवारवाद है.

amit shah live

अमित शाह ने कहा कि बीजेपी के किसी नेता का बच्चा चुनाव लड़ता है तो वह एमएलए बनेगा, एमपी बनेगा, सालों तक काम करेगा मगर मुख्यमंत्री नहीं बन सकेगा, अगर उसमें काबलियत नहीं है. ये केवल बीजेपी में ही देखने को मिलता है.

बीजेपी और दूसरी पार्टियों में अंतर

अपने इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी को अगर बेटा होता है या बेटी होती है तो इसमें कोई कन्‍फ्यूजन नहीं है कि अगला कांग्रेस अध्यक्ष कौन होगा. क्‍या आप बता सकते हैं कि बीजेपी का अगला अध्यक्ष कौन होगा? ये अंतर है बीजेपी और बाकी परिवारवादी पार्टियों के बीच में.

परिवारवाद के सवाल पर अपने बचाव में अमित शाह ने वो हर जवाब दिए जिसके जरिए बीजेपी को दूसरी पार्टियों से अलग दिखाया जा सके और अपनी पार्टी के नेताओं के रिश्तेदारों को दिए गए टिकट को जायज ठहराया जा सके.

इसके लिए अमित शाह ने बीजेपी के भीतर शीर्ष पर बैठे लोगों के सफर का हवाला दिया. अमित शाह ने इंटरव्यू में कहा कि एक आदमी गरीब घर से उठकर देश का प्रधानमंत्री बन जाता है. मेरे जैसा बूथ कार्यकर्ता बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाए, ऐसी पार्टी में कभी भी परिवारवाद नहीं आ सकता.

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