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राष्ट्रीय एकता के लिए डोकलाम और कश्मीर के मुद्दे पर सरकार का साथ देगा विपक्ष

सरकार ने शुक्रवार को चीन के साथ चल रहे सिक्किम सीमा विवाद और कश्मीर के हालात पर विपक्ष के नेताओं को जानकारी दी

Updated On: Jul 15, 2017 11:50 AM IST

FP Staff

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राष्ट्रीय एकता के लिए डोकलाम और कश्मीर के मुद्दे पर सरकार का साथ देगा विपक्ष

सरकार ने शुक्रवार को चीन के साथ चल रहे सिक्किम सीमा विवाद और कश्मीर के हालात पर विपक्ष के नेताओं को जानकारी दी. गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, रक्षा मंत्री अरुण जेटली, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल औरदेश सचिव एस जयशंकर समेत शीर्ष अधिकारियों ने सोमवार से शुरू हो रहे संसद के सत्र से पहले विपक्ष के नेताओं को इन दोनों मुद्दों पर सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया.

सरकार ने विपक्ष के नेताओं को इन खास बातों की जानकारी दी:

-सरकार ने कहा कि चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सड़कों का निर्माण कर देश के रणनीतिक हितों को बाधित कर रहा है और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस महीने के अंत में अपने चीनी समकक्ष के सामने नई दिल्ली का पक्ष रखेंगे.

-सरकार ने विपक्षी दलों के सामने प्रजेंटेशन देकर यह बताया कि भारतीय सेना का भारत-भूटान-चीन ट्राईजंक्शन में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ गतिरोध चल रहा है.

-शीर्ष मंत्रियों ने विपक्ष के नेताओं को बताया कि डोभाल 26-27 जुलाई को चीन जाएंगे और चीन के वार्ताकारों के सामने भारत का पक्ष रखेंगे.

-इस ब्रीफिंग में कूटनीति के माध्यम से भारत और चीन के साझेदारी रखने के महत्व को भी रेखांकित किया गया.

-विपक्षी नेताओं को आतंकवादियों द्वारा सात अमरनाथ यात्रियों की हत्या किए जाने के मद्देनजर जम्मू कश्मीर के मौजूदा हालात और सरकार की कार्रवाई के बारे में भी बताया गया.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा, ‘‘बैठक में शामिल हुए सभी दलों ने भारत के रुख का पूरा समर्थन किया और राष्ट्रीय एकता की जरूरत पर जोर दिया.'

इससे पहले विपक्षी नेताओं ने चीन और कश्मीर मुद्दों से निपटने में सरकार के तौर तरीकों की आलोचना की थी.

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि उनकी पार्टी ने सरकार की नीति को लेकर कुछ संदेह प्रकट किये हैं लेकिन स्पष्ट किया कि ‘राष्ट्र प्रथम है-चीन हो या कश्मीर.’

दोनों नेताओं ने यह भी कहा कि चीन के साथ बहुत तनाव है और कूटनीति के जरिए इसे कम किया जाना चाहिए. हम संसद में भी इस मुद्दे को उठाएंगे.

शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने अपना रुख साफ किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता में है और सरकार को राजनीति से ऊपर उठकर कूटनीतिक तरीके से हालात से निपटना चाहिए.

तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन ने कहा कि उनकी पार्टी ने कुछ गंभीर सवाल उठाए और दावा किया कि सरकार के पास इस तरह की घटनाओं की तैयारी पर उनके सवाल का कोई जवाब नहीं है.

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि सभी ने सरकार को समर्थन देने का वादा किया.

बैठक में कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, एसपी के मुलायम सिंह यादव, एनसीपी के तारिक अनवर. सीपीएम के सीताराम येचुरी और जदयू के शरद यादव और के सी त्यागी ने भी भाग लिया.

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