विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

बाबूगिरी को दुरुस्त करने में मोदी का ऑनलाइन फॉर्मूला कितना कारगर?

केंद्र सरकार ने आईएएस, आईपीएस अधिकारियों से रिपोर्ट कार्ड ऑनलाइन जमा करने पर राय मांगी

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Mar 02, 2017 05:02 PM IST

0
बाबूगिरी को दुरुस्त करने में मोदी का ऑनलाइन फॉर्मूला कितना कारगर?

अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को अपना सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट कार्ड अब खुद ही देना होगा.

केंद्र सरकार ने आईएएस, आईपीएस सहित अखिल भारतीय सेवा के तमाम अधिकारियों से रिपोर्ट कार्ड ऑनलाइन जमा करने पर राय मांगी है. अभी अधिकारियों के अप्रेजल रिपोर्ट कार्ड उनके सीनियर्स देते रहे हैं.

सरकार के सूत्र के अनुसार अफसरशाही पर लगाम लगाने और भाई-भतीजावाद से बचने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है. अधिकारियों के द्वारा अब ऑनलाइन ही रिपोर्ट कार्ड सौंपे जांएगें, और ऑनलाइन ही उस पर रिपोर्ट भी मिलेंगे.

सीनियर्स देते थे ब्यूरोक्रेट्स के रिपोर्ट कार्ड

ब्यूरोक्रेट्स अपने सीनियर्स पर सालाना रिपोर्ट कार्ड देने में देरी और फेवर करने के आरोप लगाते रहे हैं. केंद्र सरकार ने किसी भी विवाद और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई से बचने के लिए यह निर्णय लिया है.

New Delhi: President Pranab Mukherjee (not in pic) being received by Vice President Hamid Ansari, Prime Minister Narendra Modi and Lok Sabha Speaker Sumitra Mahajan ahead of his address to the joint session of Parliament on the first day of Budget session in New Delhi on Tuesday. PTI Photo by Shahbaz Khan(PTI1_31_2017_000026B)

केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद से ही ब्यूरोक्रेसी में सुधार के कई पहल किए गए हैं. समय-समय पर प्रधानमंत्री और अधिकारियों के साथ मीटिंग भी होती रहती है. मोदी सरकार के केंद्र में आने के बाद आईएएस और आईपीएस की तरह ही आईएफएस और आईआरएस अधिकारियों को भी केंद्र के कई मंत्रालयों में सचिव बनाया गया है.

यह भी पढ़ें: बयान बहादुरों को हेमवती नंदन बहुगुणा से सीख लेनी चाहिए

मोदी सरकार से पहले की सरकारों ने विभिन्न मंत्रालयों में सचिव और ज्वाइंट सचिव स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति में आईएएस और आईपीएस अधिकारी ही प्राथमिकता में होते थे, जिसको मोदी सरकार आने के बाद खत्म कर दिया गया.

सरकार ने यह बदलाव कार्मिक विभाग के द्वारा सिस्टम को और पारदर्शी बनाने के लिए किया गया है. कार्मिक विभाग के मसौदे के अनुसार अब अधिकारियों को खुद ही अपना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट तैयार करना होगा. मसौदा तैयार करने के बाद ऑनलाइन ही अधिकारियों के द्वारा समीक्षा और प्रतिक्रिया मिल जाएगी.

कार्मिक विभाग ने अफसरशाही के लिए सालाना रिपोर्ट भेजने की समय सीमा भी निर्धारित कर दी है. अब से अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा के सभी अधिकारी 15 जनवरी तक अपना रिपोर्ट दाखिल कराएंगे.

सिस्टम में आएगी पारदर्शिता

हम आपको बता दें कि कार्मिक विभाग ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से भी इस बारे में रिपोर्ट देने को कहा है. यह रिपोर्ट 15 मार्च तक देने हैं.

यह भी पढ़ें: भारतीय रेलवे में फिर से 'नीतीश मॉडल' लाने की तैयारी

रिपोर्ट दाखिल करने के संबंध में कहा गया है कि अगर आपके तरफ से सरकार के इस निर्णय पर कोई राय नहीं आई तो, ये समझा जाएगा कि सरकार के इस नए प्रावधान पर राज्यों को कोई आपत्ति नहीं है.

नरेंद्र मोदी लगातार सिस्टम को पारदर्शी और सुलभ बनाने की कवायद में एक से बढ़ कर एक निर्णय ले रहे हैं. पिछले साल और इस साल भी पीएम मोदी ने अपने मंत्रियों से रिपोर्ट कार्ड मांगा था. सरकार की इस नई पहल से उम्मीद की जा रही है कि ब्यूरोक्रेसी को इससे फायदा होगा.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi