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थर्ड फ्रंटः ओवैसी के बाद ममता, हेमंत सोरेन भी आए KCR के साथ

झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने भी कहा कि अगर थर्ड फ्रंट की बात होती है, तो वह उसके साथ जाना चाहेंगे

FP Staff Updated On: Mar 04, 2018 10:20 PM IST

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थर्ड फ्रंटः ओवैसी के बाद ममता, हेमंत सोरेन भी आए KCR के साथ

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने शिगूफा क्या छोड़ा, एक बार फिर देश की राजनीति में थर्ड फ्रंट की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है. केसीआर ने कहा था कि देश की राजनीति में बदलाव की जरूरत है. कांग्रेस और बेजीपी के इतर विकल्प तैयार करने की जरूरत है.

रविवार को सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने उनका समर्थन करते हुए कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में रीजनल पार्टियां अहम भूमिका अदा करेंगी. उन्होंने केसीआर की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि इसके बारे में गंभीरता से सोचा जाना चाहिए.

ममता, हेमंत ने कहा नेतृत्व कीजिए, हम साथ हैं 

न्यूज 18 में छपी खबर के मुताबिक अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनकी सुर में सुर मिलाया है. उन्होंने सीएम चंद्रशेखर राव को फोन कर कहा कि 'हम आपसे एक मत हैं. आपके साथ रहेंगे'. यही नहीं उनके साथ झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने भी कहा कि अगर थर्ड फ्रंट की बात होती है, तो वह उसके साथ जाना चाहेंगे. इस कड़ी में महाराष्ट्र के भी कुछ सांसद शामिल हैं.

वहीं हेमंत सोरेन ने कहा कि आप कह सकते हैं कि एक नए पकवान की तैयारी हो रही है. जब तैयार हो जाएगा, आपके सामने रखा जाएगा. हर कोई बीजेपी से लड़ने में सक्षम है. सभी राज्यों में बीजेपी के खिलाफ लड़नेवाले लोग हैं. सभी को साथ आने की जरूरत है.

इधक सीएम के चंद्रशेखर राव ने कहा कि उनकी पहल के बाद कई राजनेताओं के फोन उनके पास आए हैं. इसमें ममता बनर्जी से लेकर कई अन्य नेता शामिल हैं. उन्होंने कहा 'सुबह से मुझे भारत के विभिन्न स्थानों से कई कॉल आ रहे हैं.  दोपहर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फोन पर बात की. उन्होंने मुझे कहा कि मैंने सही फैसला लिया है और वह मेरी मदद करेंगी. हम साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे.'

इससे पहले शनिवार को तेलंगाना के सीएम ने कहा था कि '2019 के चुनावों के लिए लोग भारत में बदलाव चाहते हैं. राष्ट्रीय राजनीति में गुणात्मक परिवर्तन की आवश्यकता है. मैं एक समान विचाराधार वाले लोगों की बात कर रहा हूं. यदि आवश्यक हो तो मैं आंदोलन का नेतृत्व करने को तैयार हूं.'

उन्होंने कहा कि 'यदि लोग नरेंद्र मोदी से गुस्‍सा हो गए तो राहुल गांधी या कोई और गांधी नया प्रधानमंत्री बन जाएगा. इससे क्‍या फर्क पड़ेगा. हमने पहले भी दशकों तक उनकी सरकार को देखा है. बीजेपी आती है तो दीनदयाल उपाध्‍याय या श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी की चर्चा करती है. कांग्रेस की सत्‍ता हो तो वे राजीव गांधी और इंदिरा गांधी की चर्चा करते हैं. दोनों पार्टियां बड़बोलेपन की शिकार हैं.'

इधर बीजेपी ने इस राजनीतिक पहलकदमी को सिरे से खारिज कर दिया है. छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह ने कहा कि थर्ड फ्रंट बने चाहे कोई और फ्रंट, अब बीजेपी को कोई रोक नहीं सकता. उन्होंने कहा थर्ड फ्रंट? अब जितने भी फ्रंट हो जाएं, बीजेपी को दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकती.

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