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सरकार बनने पर कैराना के विस्थापितों की होगी घर वापसी: केशव प्रसाद मौर्य

मुलायम सिंह हों या शिवपाल यादव... अखिलेश यादव हों या मायावती... जो भी दोषी साबित होंगे, सरकार बनने पर उन्हें जेल भेजने से नहीं हिचकेंगे

Amitesh Amitesh Updated On: Feb 02, 2017 04:48 PM IST

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सरकार बनने पर कैराना के विस्थापितों की होगी घर वापसी: केशव प्रसाद मौर्य

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी की तरफ से उन सभी मुद्दों को उठाया जा रहा है जिसके दम पर पार्टी अपने पक्ष में माहौल बना सके. पार्टी ने एक बार फिर से विधानसभा चुनावों के वक्त कैराना से पलायन के मुद्दे को गरमा दिया है.

यूपी बीजेपी अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने फ़र्स्टपोस्ट के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में साफ किया कि हमारी सरकार बनने पर टास्क फोर्स का गठन कर कैराना समेत किसी भी गांव से पलायन के मामले की जांच कराई जाएगी. साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कारवाई भी होगी.

मौर्या ने कहा कि 'जो लोग अपना जीवन खतरे में देखकर. व्यापार खतरे में देखकर पलायन के लिए मजबूर हुए. उन सबकी घर वापसी की जाएगी.’

दरअसल, बीजेपी के उपर पश्चिमी यूपी में ध्रुवीकरण की कोशिश के आरोप लग रहे हैं. फर्स्टपोस्ट के साथ बातचीत में केशव प्रसाद मौर्य ने मुज़फ़्फ़रनगर दंगों के लिए सीधे-सीधे समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री आज़म ख़ान को जिम्मेदार ठहरा दिया.

(फोटो साभार: केशव प्रसाद मौर्य फेसबुक पेज)

(फोटो साभार: केशव प्रसाद मौर्य फेसबुक पेज)

मौर्य ने कहा कि ‘पश्चिमी यूपी में गुंडागर्दी है, वहां से लोग पलायन कर रहे हैं. लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. अगर मुज़फ़्फ़रनगर जैसे दंगे के जिम्मेदार एसपी सरकार के वरिष्ठ मंत्री आज़म ख़ान हों और उनके खिलाफ कोई कारवाई न हो तो स्वाभाविक रूप से लोगों के मन में गुस्सा होगा. ऐसे में हिंदू तो साथ में होंगे ही साथ में अच्छे मुसलमान भी हमारी पार्टी के पक्ष में खड़े होंगे’.

बीजेपी ने पश्चिमी यूपी के यांत्रिक कत्लखाने बंद करने का वादा किया है. इसके बाद बीजेपी अपने विरोधियों के निशाने पर आ गई है.

हालांकि, केशव प्रसाद मौर्य का मानना है कि ‘हमारा प्रयास गरीबों को फायदा पहुंचाना है. दुधारू पशु अगर उनके पास रहते हैं तो इससे उनकी आमदनी होगी और उनका विकास होगा. अगर एसपी-बीएसपी को लगेगा कि कत्लखाने के बंद होने से उनके वोट बैंक प्रभावित हो रहे हैं तो वो देखेंगे, हमें इससे कोई परेशानी नहीं है‘.

एसपी-बीएसपी के भ्रष्टाचार की जांच कराएंगे

बीजेपी ने अपने एजेंडे में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे को भी काफी उपर रखा है. एसपी-बीएसपी की 15 साल की सरकारों के दौर के भ्रष्टाचार को बीजेपी मुद्दा बना रही है.

केशव प्रसाद मौर्य ने साफ किया कि 15 साल के सभी मामलों के लिए अलग से टास्क फोर्स बना कर जांच भी कराएंगे.

चाहे मुलायम सिंह यादव हों या शिवपाल यादव... अखिलेश यादव हों या मायावती... जो भी दोषी साबित होगा उन्हें जेल भेजने से बीजेपी की सरकार नहीं हिचकेगी.

यूपी बीजेपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यूपी में भ्रष्टाचार और गुंडाराज का बोलबाला है. कानून-व्यवस्था चरमरा गई है. उन्होंने कहा कि वहां क्या विकास होगा जहां जान की सुरक्षा को खतरा होगा और माफियाओं को संरक्षण दिया जाएगा.

Keshav Prasad Maurya

(फोटो साभार: केशव प्रसाद मौर्य फेसबुक पेज)

हालांकि, उनका दावा है कि राहुल और प्रियंका गांधी के एसपी के साथ गठबंधन कर चुनाव प्रचार करने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. मौर्य इसे कोई चुनौती नहीं मान रहे हैं. उनका दावा है कि बीजेपी हर हाल में 300 से ज्यादा सीटें जीतकर उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएगी.

विनय कटियार सरीखे बीजेपी के नेताओं के बयान पर पूछे गए सवाल पर मौर्य ने इस तरह के बयान देने से बचने की सलाह दी.

साबित हो सकते हैं डार्क हॉर्स

फूलपुर से सांसद और यूपी बीजेपी अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य इस वक्त बीजेपी की पूरी लड़ाई के केंद्र में हैं. पिछड़ी जाति से आने वाले मौर्य को बीजेपी ने काफी माथापच्ची के बाद प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी है.

बीजेपी को कल्याण सिंह के बाद प्रदेश में पिछड़ी जाति के एक बड़े नेता की तलाश थी. मौर्य उस कमी को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं. अगर चुनाव बाद बीजेपी सरकार बनाने की स्थति में आई तो पिछड़ी जाति से आने वाले केशव प्रसाद मौर्य 'डार्क हॉर्स' साबित हो सकते हैं.

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