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आदर्श घोटाला: अशोक चव्हाण को बड़ी राहत, नहीं चलेगा केस

जब महाराष्ट्र में आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाला हुआ तो चव्हाण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे. इसके बाद उन्हें सीएम पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था

Updated On: Dec 22, 2017 01:24 PM IST

FP Staff

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आदर्श घोटाला: अशोक चव्हाण को बड़ी राहत, नहीं चलेगा केस

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण को आदर्श हाउसिंग सोसाइटी केस में बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने चव्हाण के खिलाफ केस चलाने की राज्यपाल की मंजूरी को रद्द कर दिया है. अब इस मामले में चव्हाण के खिलाफ कोई केस नहीं चलेगा.

न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति साधना जाधव की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि हालांकि सीबीआई ने मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगते वक्त दावा किया था कि उसके पास चव्हाण के खिलाफ नए सबूत हैं, लेकिन वह ‘कोई नया सबूत पेश करने में असफल रही.’ पीठ ने कहा कि सीबीआई ने राज्यपाल सी विद्यासागर राव के समक्ष जो सामग्री पेश की है, उसे चव्हाण के खिलाफ नए प्रामाणिक सबूत के तौर पर नहीं माना जा सकता.

कोर्ट ने कहा, ‘स्वीकृति प्राधिकार एक स्वतंत्र इकाई है जो कि किसी की राय से खुद को प्रभावित नहीं होने दे सकती.’ पीठ आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा चलाने के लिए फरवरी 2016 को राज्यपाल से मिली मंजूरी को चुनौती देने वाली चव्हाण की याचिका पर सुनवाई कर रही थी.

चव्हाण ने राव के आदेश को चुनौती देते हुए इसे ‘मनमाना, अवैध और औचित्यहीन’ करार दिया था और कहा था कि यह ‘दुर्भावनापूर्ण इरादे’ से पारित किया गया है.

चव्हाण उन 13 लोगों में शामिल थे, जिनके नाम सीबीआई ने आदर्श घोटाले में चार्जशीट में दाखिल किया था. सीबीआई का कहना था कि 13 मंत्रियों, नौकरशाहों और सेना के अधिकारियों ने दक्षिणी मुंबई के कोलाबा में आदर्श हाउसिंग सोसाइटी में सस्ती कीमत पर फ्लैट खरीदने के लिए सांठगांठ की थी. विडंबना ये कि ये सोसाइटी रक्षा मंत्रालय ने शहीदों की विधवाओं के लिए बनवाई गई थी.

जब महाराष्ट्र में आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाला हुआ तो चव्हाण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे. इसके बाद उन्हें सीएम पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा. संविधान के मुताबिक, उनके खिलाफ केस चलाने के लिए राज्यपाल की अनुमति की जरूरत थी. इसी साल मार्च में राज्य के राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने चव्हाण के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी दी थी.

अशोक चव्हाण महाराष्ट्र में पार्टी के बड़े मराठा चेहरे हैं. 2014 में जब राज्य में एनडीए की लहर चल रही थी तो वो पार्टी ओर से जीतने वाले दो नेताओं में से एक थे. उन्हें लातूर से जीत मिली थी.

चव्हाण की राहत कांग्रेस के लिए दोहरी खुशी हो सकती है. अभी गुरुवार को ही कांग्रेस के दामन पर लगे दाग जैसे 2G घोटाले में सारे आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट ने बरी कर दिया था.

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