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अबु आजमी का विवादित बयान- इलाज के नाम पर सिर्फ मुस्लिमों की दाढ़ी काटी जाती है

समाजवादी पार्टी की इस मांग को लेकर सत्ता पक्ष समेत विपक्ष ने भी चौतरफा हमला बोला है

Updated On: Jan 04, 2019 08:14 PM IST

FP Staff

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अबु आजमी का विवादित बयान- इलाज के नाम पर सिर्फ मुस्लिमों की दाढ़ी काटी जाती है

समाजवादी पार्टी ने मुंबई में बीएमसी हॉस्पिटल्स से अजीब मांग की है. पार्टी ने सरकारी अस्पतालों में मुस्लिम मरीजों की सर्जरी के वक्त उनकी दाढ़ी शेव करने पर आपत्ति जताई है. पार्टी ने बीएमसी कमिश्नर को पत्र लिख कर ऑपरेशन के दौरान मुस्लिमों की दाढ़ी न काटने की मांग की है. अपनी पार्टी के पार्षद की मांग का महाराष्ट्र के एसपी अध्यक्ष अबु आजमी ने भी पुरजोर समर्थन किया है.

उन्होंने आरोप लगाया है कि सिर्फ मुस्लिमों की ही दाढ़ी को इलाज के नाम पर काटा जाता है. किसी साधु संत और अन्य धर्मों के लोगों की दाढ़ी नहीं काटी जाती. अक्सर विवादित बयान देने वाले अबू आज़मी ने इस मुद्दे को धर्म से जोड़ते हुए डॉक्टरों को कसाई बता दिया.

दरअसल मुंबई से समाजवादी पार्टी के पार्षद रईस शेख ने बीएमसी कमिश्नर को पत्र लिख मांग की है कि छोटे से छोटे ऑपरेशन या सर्जरी के दौरान मुस्लिमों की दाढ़ी काट दी जाती है, जो गलत है. इस पर रोक लगे. इस्लाम में दाढ़ी का महत्व है. ऐसे में इलाज के नाम पर मुस्लिमों की भावनाएं आहत न की जाएं.

समाजवादी पार्टी से मुंबई के पार्षद रईस शेख ने कहा कि चौकाने वाली बातें सामने आईं हैं. प्राइवेट अस्पतालों में बड़े ऑपरेशन के दौरान भी दाढ़ी नहीं निकाली जाती है पर बीएमसी के अस्पतालों में छोटी-छोटी बात पर दाढ़ी निकाल दी जा रही है.

महाराष्ट्र के एसपी अध्यक्ष अबू आजमी ने कहा कि ये डॉक्टर कसाई हैं. बीएमसी अस्पतालों में मुस्लिम पुरुषों की दाढ़ी जानबूझकर काटी जा रही है, जबकि प्राइवेट अस्पतालों में जब जरूरत होती है तब ही दाढ़ी काटी जाती है.

वहीं बीजेपी नेता और राज्य के मेडिकल शिक्षा मंत्री गिरीश महाजन ने इस मांग को गलत और राजनीति से प्रेरित बताया है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य को धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए, डॉक्टर के निर्णय में धर्म को नहीं लाना चाहिए.

बीएमसी में बीजेपी के नेता भी समाजवादी पार्टी की मांग को लेकर उनके बुद्धिमत्ता पर सवाल उठा रहे हैं. बीजेपी ने इस मांग को सिर्फ चुनाव सामने देख मजहब के नाम राजनीति करना और पब्लिसिटी के लिए स्टंट करना बताया है. बीजेपी नेता मनोज कोटक ने कहा कि, मेडिकल क्षेत्रों के लोगों से अगर चर्चा करते तो ऐसा खत नहीं लिखते. इस खत से मुसलमानों का ही नुकसान होगा. यह पब्लिसिटी स्टंट है. इस मामले को धर्म से जोड़कर बेवजह बवाल खड़ा किया जा रहा है.

समाजवादी पार्टी की इस मांग को लेकर सत्ता पक्ष समेत विपक्ष ने भी चौतरफा हमला बोला है. विपक्षी पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रवक्ता नवाब मलिक ने भी समाजवादी पार्टी की मांग को बेतुका कहा है और मुस्लिमों के नाम पर गलत राजनीति करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि जानकारी के आभाव में मुद्दा बनाया जा रहा है.

किसी भी अस्पताल में दाढ़ी निकालना अनिवार्य नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि हाशिए पर चल रहीं पार्टियां अपने आप को जिंदा करने की कोशिश कर रही हैं. बहरहाल समाजवादी पार्टी की इस मांग को न तो बीएमसी प्रशासन, न ही राज्य सरकार गंभीरता से ले रही है. फिर भी बात मुस्लिमों और उनकी दाढ़ी से जुड़ी है तो सियासी संग्राम छिड़ना लाजमी है.

(न्यूज18 के लिए अमन सैयद की रिपोर्ट)

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