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एमसीडी चुनाव 2017: पार्टी का भितरघात डुबा देगा 'आप' की नैया ?

टिकट बंटवारे में हो रही धांधली को लेकर पार्टी के भीतर ही सवाल किए जाने लगे हैं

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Mar 27, 2017 10:15 PM IST

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एमसीडी चुनाव 2017: पार्टी का भितरघात डुबा देगा 'आप' की नैया ?

साल 2017 का एमसीडी चुनाव आम आदमी पार्टी के लिए कई मायनों में अहम साबित होने वाला है. आम आदमी पार्टी भले ही अपने उम्मीदवारों की लिस्ट पहले जारी कर दूसरी पार्टियों की तुलना में बाजी मार ली हो, पर इस बार का एमसीडी चुनाव उसके लिए आसान नहीं होने वाला है.

आम आदमी पार्टी के अपने ही नेता आप का खेल बिगाड़ने में लग गए हैं. बवाना से आम आदमी पार्टी के विधायक वेद प्रकाश के बीजेपी में शामिल होने को इसी नजरिए से देखा जा रहा है. वेद प्रकाश ने तो खुलेआम पार्टी से बगावत कर बीजेपी ज्वाइन कर ली है पर अब भी ऐसे कई वेद प्रकाश हैं जो पार्टी में रह कर पार्टी का खेल बिगाड़ रहे हैं.

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बवाना से आम आदमी पार्टी के विधायक वेद प्रकाश मंच पर दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी के साथ. ( पिंक टीशर्ट में )

इस बार के एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी पर चौतरफा हमले हो रहे हैं. कांग्रेस, बीजेपी, स्वराज इंडिया पार्टी तो हमला कर ही रही हैं, पार्टी के भीतर भी असंतुष्ट नेताओं का एक बड़ा तबका है जो आम आदमी पार्टी के गणित को बिगाड़ने में लगा हुआ है.

आम आदमी पार्टी में अब भी कई असंतुष्ट विधायकों का जमावड़ा लगा हुआ है. पंकज पुष्कर तो खुल कर स्वराज इंडिया पार्टी का साथ दे रहे हैं. वहीं आप विधायक देवेंद्र सहरावत भी काफी दिनों से अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह के विरोध में खुल कर आवाज बुलंद कर रहे हैं.

पार्टी सूत्रों के अनुसार आप सरकार में भ्रष्टाचार और अन्य आरोप लगने से हटाए गए मंत्री असीम अहमद खान, संदीप कुमार और जीतेंद्र सिंह तोमर भी आप के क्रियाकलापों से नाराज चल रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी के अंदर इस समय 30 से 40 विधायक पार्टी से नाराज चल रहे हैं.

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पिछले एक साल से पार्टी को मिले चंदे का हिसाब मांग रहे आप के पूर्व नेता डॉ मुनीष रायजादा भी एमसीडी चुनाव में पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी करने वाले हैं.

पंजाब चुनाव में आम आदमी पार्टी के विरोध में डॉ. मुनीष रायजादा ने जबरदस्त कैंपेन किया था. डॉ. मुनीष रायजादा का कहना है कि उनका मकसद आप को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार विरोध के मूल मकसद से भटक चुकी पार्टी को रास्ते पर लाना है.

आम आदमी पार्टी से बीजेपी में शामिल हुए बवाना के विधायक वेद प्रकाश ने आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर चापलूसों से घिरे होने का आरोप लगाया है.

वेद प्रकाश ने अरविंद केजरीवाल पर सिर्फ पीएम मोदी और दिल्ली के उपराज्यपाल को बदनाम करने का आरोप लगाया है. वेद प्रकाश ने कहा कि मैं गलत लोगों के बीच फंस गया था अब बीजेपी के साथ मिल कर काम करना चाहता हूं.

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दूसरी तरफ पार्टी में टिकट बंटवारे का विरोध भी शुरू हो गया है. पार्टी में टिकट बंटवारे में हो रही धांधली को लेकर पार्टी के भीतर ही सवाल किए जाने लगे हैं. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें पार्टी के कार्यकर्ता धांधली का आरोप लगा रहे हैं. आप समर्थकों का कहना है कि जिस तरह से टिकट बांटने के बाद भी टिकट बदले जा रहे हैं उससे दाल में कुछ काला है की आशंका को बल मिल रहा है.

वहीं आप नेता संजय सिंह ने वेद प्रकाश के बीजेपी में शामिल होने पर कहा कि बीजेपी को लोकतंत्र में कोई यकीन नहीं है. बीजेपी देश में सरकारें बर्खास्त कर और तोड़-फोड़ कर राज चलाना चाहती है. गोवा, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में बीजेपी ने लोकतंत्र की हत्या की है. बीजेपी का एमसीडी चुनाव में भी वही हाल होगा जो साल 2015 में हुआ था.

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने भी मीडिया से बात करते हुए कहा है कि आम आदमी पार्टी से सब त्रस्त हो गए हैं. आम आदमी पार्टी के कई विधायक कांग्रेस के संपर्क में है, पर हमलोग अपने ही नेताओं और कर्यकर्ताओं पर विश्वास कर आगे बढ़ेंगे.

फिलहाल यह कहना थोड़ा मुश्किल होगा कि आम आदमी पार्टी अपने अस्तित्व की लड़ाई एमसीडी चुनाव में लड़ रही है. लेकिन जिस तरह से पार्टी के अंदर और बाहर दबाव देखा जा रहा है. वह निश्चित ही पार्टी को बहुत ही भारी पड़ने वाला है.

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