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अपने कारनामों को छिपाने के लिए राम मंदिर और लव जिहाद का मुद्दा उठाती है बीजेपी: AAP

संजय सिंह ने कहा दुनिया में बुराइयों को खत्म करने के लिए धर्म आया था. लेकिन बीजेपी ने अपनी बुराइयों और कुकर्मों को छुपाने के लिए मजहब का इस्तेमाल किया

Updated On: Jul 09, 2018 04:10 PM IST

Bhasha

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अपने कारनामों को छिपाने के लिए राम मंदिर और लव जिहाद का मुद्दा उठाती है बीजेपी: AAP

सोमवार को आम आदमी पार्टी ने केन्द्र की सत्ता में काबिज बीजेपी पर अपने कुकर्मों को छुपाने के लिए धर्म का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि दुनिया में बुराइयों को खत्म करने के लिए धर्म आया था. लेकिन बीजेपी ने अपनी बुराइयों और कुकर्मों को छुपाने के लिए मजहब का इस्तेमाल किया.

उन्होंने कहा कि अपने हर अपराध और गुनाह को छुपाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धर्म का बेजा इस्तेमाल करते हैं. राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी असल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए कभी गाय का, कभी मंदिर का, कभी लव जिहाद तो कभी किसी चीज का मुद्दा उठाती है.

मोदी और योगी के सारे वादे खोखले 

इसी के साथ आप प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी पर भी जम कर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के विकास के दावे धरातल पर झूठे साबित हो रहे हैं. मऊ के मोहम्मदाबाद से बलिया के बरौली के बीच 40 किलोमीटर की सड़क में सिर्फ गड्ढे ही गड्ढे हैं. योगीराज में गड्ढों का विकास हुआ है और विकास को गड्ढे में डालने का काम किया गया है.

राज्यसभा सदस्य ने बताया कि मुठभेड़ में अपराधियों के मारे जाने को लेकर योगी सरकार भले ही अपनी पीठ थपथपा रही हो. लेकिन सच्चाई यह है कि उत्तर प्रदेश अपराधियों की ऐशगाह बनता जा रहा है. अखबारों में आए दिन लूट, हत्या और बलात्कार की खबरें आती हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और संविदाकर्मियों को नौकरी देने का भरोसा देकर चुनाव जीतने वाली बीजेपी अब हक मांगने पर उन पर बर्बर लाठीचार्ज करा रही है.

गंगा आज भी मैली है

आप प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने चार साल पहले वाराणसी से चुनाव लड़ने के दौरान कहा था कि उन्हें गंगा मैया ने बुलाया है. उनकी सरकार ने अपने अब तक के कार्यकाल में गंगा की सफाई पर 3,600 करोड़ रुपए कागजों पर खर्च किए. इसी वजह से गंगा आज भी मैली ही है.

उन्होंने सरकारी कर्मियों की पुरानी पेंशन की बहाली की भी मांग की. उन्होंने कहा कि जब 40 दिन तक सांसद या विधायक रहने वाला कोई व्यक्ति आजीवन पेंशन का हकदार बन सकता है. तो 40 साल तक सेवा करने वाले कर्मचारी को पेंशन से महरूम क्यों कर दिया गया.

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