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कुमार विश्वास नीलकंठ बन जाएं या तांडव करें, यही दो विकल्प हैं!

दिल्ली में राज्‍यसभा की तीन सीटों के लिए 16 जनवरी को चुनाव होंगे. इसके लिए पार्टी ने तीन नामों पर मुहर लगा दी है. जिसमें कुमार विश्वास और आशुतोष का नाम शामिल नहीं है

Updated On: Jan 03, 2018 03:06 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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कुमार विश्वास नीलकंठ बन जाएं या तांडव करें, यही दो विकल्प हैं!
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दिल्ली की तीन राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनावों को लेकर आम आदमी पार्टी ने तीन उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. पार्लियामेंट्री अफेयर्स कमेटी की बैठक में संजय सिंह, एनडी गुप्ता और सुशील गुप्ता के नाम पर मुहर लगा दी गई और कुमार विश्वास को एक तरह से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.

गौरतलब है कि बुधवार को राज्यसभा उम्मीदवारों का नाम तय करने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर आप की बैठक हुई. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उम्मीदवार फाइनल करने के लिए 18 बड़े नामों पर विचार-विमर्श किया गया. जिसके बाद अंतिम तीन पर मुहर लगाई गई है.

इस बैठक में पार्टी के दो वरिष्ठ नेता संजय सिंह और कुमार विश्वास इसमें शामिल नहीं हुए हैं. पार्टी सूत्र से मिली जानकारी के मुताबिक कुमार विश्वास को इस बैठक में बुलाया ही नहीं गया.

सोशल मीडिया पर भी छाया रहा आम आदमी पार्टी का फैसला

मंगलवार को मीडिया रिपोर्ट्स में पार्टी की तरफ से तीन नाम सामने आए थे. इन तीन नामों के सामने आने के बाद ही टिकट की चाह रखने वाले नेताओं की धड़कनें अटक गईं थीं.

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जिन तीन नामों का ऐलान किया गया है उनकी चर्चा मंगलवार से ही शुरू हो गई थी. इन तीन नामों के सामने आने के बाद सोशल साइट्स पर आम आदमी पार्टी की किरकिरी भी होने लगी. देश के कई जाने-माने चेहरों ने अरविंद केजरीवाल के इस फैसले पर तंज कसते हुए अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं देना शुरू किया. कुछ लोगों ने तो पार्टी के इस फैसले को विनाशकारी तक करार दिया था.

सबसे पहले अरविंद केजरीवाल के पूर्व सहयोगी मयंक गांधी ने ट्वीट करते हुए सुशील गुप्ता के चयन पर सवाल उठाया. मयंक गांधी ने कुछ महीने पहले ही सुशील गुप्ता का एक पोस्टर ट्वीट किया, जिसमें सुशील गुप्ता अरविंद केजरीवाल और आप की सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं. मयंक का ट्वीट लगा दें.

इतिहासकार इरफान हबीब ने ट्वीट करते हुए कहा है कि कुमार विश्वास एक कुशल वक्ता के साथ पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं.

कुमार विश्वास का नाम राज्यसभा के उम्मीदवारों की सूची में नहीं होने से मैं हैरानी हुई. जिन दो नए नाम सामने आए हैं, उन पर अगर सहमति बनती है तो वह पार्टी के लिए विनाशकारी है.

वहीं अन्ना आंदोलन के समय अरविंद केजरीवाल के साथ मंच पर नजर आने वाले रंगमंच के जाने-माने चेहरे अरविंद गौड़ ने भी कुमार विश्वास को राज्यसभा नहीं भेजे जाने पर सवाल खड़े किए हैं.

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कौन हैं सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता

गुजरात में पटेल आंदोलन की अगुवाई करने वाले हार्दिक पटेल ने भी ट्वीट कर कुमार विश्वास को राज्यसभा नहीं भेजे जाने पर हैरानी जताई.

गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया नए साल का जश्न मनाकर मंगलवार को ही दिल्ली वापस आए हैं. दोनो के दिल्ली वापस आने से पहले ही संजय सिंह के अलावा जिन दो नामों को लेकर चर्चाएं शुरू हुईं थीं, उस पर पार्टी नेताओं और लोगों की अच्छी-खासी प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई थी.

मंगलवार को दो नए नाम सामने आए थे. पहला नाम एनडी गुप्ता का था जो पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और फिलहाल द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष हैं. एनडी गुप्ता के बारे में कहा जाता है कि इनकी भारतीय इकोनॉमी के बारे में अच्छी जानकारी है. वह आर्थिक मोर्चे पर एनडीए सरकार को अच्छी तरह घेर सकते हैं.

दूसरा जो नाम सामने आया था वह था सुशील गुप्ता का. सुशील गुप्ता के बारे में कहा जाता है कि वह एक बिजनेसमैन हैं, जो पार्टी के लिए फंड इकट्ठा करेंगे. सुशील गुप्ता इससे पहले कांग्रेस से जुड़े थे और कुछ ही दिन पहले उन्होंने आप की सदस्यता ली थी. इनके बारे में कहा जा रहा है कि पश्चिमी दिल्ली के एक आप विधायक के करीबी रिश्तेदार हैं. इनको लेकर कई दिनों से पार्टी का एक तबका लामबंदी में लगा था.

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राज्यसभा में उम्मीदवारी को लेकर पिछले कुछ दिनों में आप कई लोगों से संपर्क कर चुकी है. इनमें RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन, पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा, बीजेपी के ही एक और अंसतुष्ट नेता अरुण शौरी, पूर्व मुख्य न्यायाधीश टी.एस ठाकुर, गोपाल सुब्रमण्यम जैसे लोगों के नाम शामिल हैं. इन लोगों के बारे में कहा जा रहा है कि इन लोगों ने आम आदमी पार्टी के प्रपोजल को गंभीरता से नहीं लिया.

दिल्ली में राज्‍यसभा की तीन सीटों के लिए 16 जनवरी को चुनाव होंगे. वहीं इसके लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख पांच जनवरी है. 70 सदस्‍यों वाली दिल्‍ली विधानसभा में आप के 66 विधायक हैं. पार्टी के लगभग आधा दर्जन विधायक या तो पार्टी से निलंबित हैं या फिर नाराज चल रहे हैं. इसके बावजूद भी पार्टी को तीनों सीट जीतने में कोई कठिनाई नहीं होगी.

पिछले कुछ दिनों से कुमार विश्वास ने पूरी तरह से चुप्पी भी साध रखी है. दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल ने सभी आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए कुमार विश्वास को एक तरह से पार्टी से जाने के लिए कह दिया है. अब पार्टी में रहते हुए कुमार विश्वास नीलकंठ कहलाना पसंद करेंगे या फिर तांडव करेंगे?

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