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आप में बगावत: क्या पार्टी में अरविंद केजरीवाल की पकड़ ढीली पड़ रही है?

अपनी ही गलतियों से पार्टी के विधायकों का भरोसा खो रहे हैं अरविंद केजरीवाल, क्या होगा पार्टी का भविष्य

Amitesh Amitesh Updated On: May 01, 2017 05:05 PM IST

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आप में बगावत: क्या पार्टी में अरविंद केजरीवाल की पकड़ ढीली पड़ रही है?

आम आदमी पार्टी की अंदरुनी कलह थमती नजर नहीं आ रही है. पंजाब, गोवा की हार ने पार्टी में खलबली मचा दी थी. अब एमसीडी चुनाव की पटखनी के बाद आप के भीतर से बगावती सुर निकलने लगे हैं.

पहली बार इस बात का एहसास हुआ है कि पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आवाज उठ सकती है. शायद केजरीवाल का पार्टी पर पहले जैसा प्रभाव नहीं रहा है. वरना केजरीवाल जैसे तेवर वाले नेता के सामने पार्टी के विधायक इस कदर मुखर नहीं होते.

कुमार विश्वास ने क्यों खोला मुंह?

एमसीडी चुनाव की हार के बाद पार्टी के कद्दावर नेता कुमार विश्वास ने टिकट बंटवारे को लेकर सवाल उठाए थे. भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी बवाल हुआ. इसे कुमार की नाराजगी के तौर पर देखा गया था.

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अब पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह ने कुमार विश्वास को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है. अमानतुल्लाह ने कुमार विश्वास पर बीजेपी के एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप लगाया है. विश्वास पर पार्टी तोड़ने का भी आरोप जड़ दिया है.

पार्टी में होने वाला है विद्रोह!

अमानतुल्लाह के आरोप के बाद से ही पार्टी दो धड़ों में बंटती नजर आ रही है. एकतरफ दिल्ली के 37 आप विधायकों ने आप के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर अमानतुल्लाह को पार्टी से बाहर निकालने का मांग कर रहे हैं.

राजेश ऋषि, कपिल मिश्रा और अलका लांबा समेत 37 विधायकों ने इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं. अलका लांबा तो पहले से ही हमलावर हैं. कपिल मिश्रा के तेवर भी तल्ख दिख रहे हैं. ऐसे में 66 में से 37 विधायकों की इस मांग ने केजरीवाल के उपर दवाब बना दिया है.

पंजाब में भी बढ़ा दबाव 

लेकिन, यह दबाव केवल दिल्ली से नहीं है. दवाब पंजाब से भी है. पंजाब से आप के सभी 20 विधायकों ने पत्र लिखकर अरविंद केजरीवाल से अमानतुल्लाह को पार्टी से निकालने की मांग की है.

पंजाब से लेकर गोवा विधानसभा चुनाव तक कुमार विश्वास पार्टी में हाशिए पर थे. लेकिन, दिल्ली में नगर निगम के चुनाव ने पार्टी में कुमार विश्वास को मजबूत कर दिया.

केजरीवाल की बेरुखी के शिकार सभी विधायक अब विश्वास कुमार के साथ हैं. फिलहाल पार्टी में उठापटक के बीच आप के पीएसी की बैठक हो रही है. इसमें सभी मुद्दों पर चर्चा होगी. लेकिन, अमानतुल्लाह के निकाले जाने या पार्टी में रखे जाने के फैसले पर पीएसी में विवाद भी हो सकता है. शायद इस बार केजरीवाल के लिए चुनौती मुश्किल है.

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