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कैसे रहे योगी सरकार के 100 दिन?

उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार ने भारी बहुमत से सरकार बनाने केअपने 100 दिन पूरे कर लिए हैं

Updated On: Jun 27, 2017 03:31 PM IST

FP Staff

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कैसे रहे योगी सरकार के 100 दिन?

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 25 जून को 100 दिन पूरे कर लिए. इस मौके पर मंगलवार को आदित्यनाथ ने एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया. इसके जरिये उन्होंने सरकार द्वारा किये गए कार्यों का ब्योरा पेश किया.

उन्होंने कहा, 'केंद्र की मोदी सरकार के 'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्प की तर्ज पर राज्य सरकार भी यूपी के सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही दीनदयाल उपाध्याय के अन्त्योदय के लक्ष्य को साकार करने करने की दिशा में भी सरकार प्रयास कर रही है.'

उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था दुरुस्त कर देने का दावा किया और साथ ही कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के कड़े कदम उठाए गए हैं.

जहां एक ओर सरकार के मंत्री और बीजेपी नेता सरकार के कामों की सराहना कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर विपक्षी नेताओं ने कहा है कि सरकार का शुरुआती कार्यकाल निराशाजनक रहा है.

शुरुआत से ही चर्चा में रहे योगी के फैसले

अपने 100 दिनों के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश सरकार कई तरह के फैसले लिए हैं. योगी सरकार ने अपने चुनावी वादे के मुताबिक 4 अप्रैल को राज्य में किसानों का 36,000 करोड़ रुपयों का कृषि लोन माफ करने का ऐलान कर दिया. इससे राज्य के 86 लाख किसानों को फायदा पहुंचने का अनुमान था.

हालांकि स्क्रॉल के मुताबिक यह अभी तक लागू नहीं हो पाया है और कई किसानों को कर्ज चुकाने का नोटिस मिला है. इसके बाद सरकार ने तय किया है कि जुलाई में इसके लिए बजट से राशि आवंटित होने के बाद इसे लागू किया जाएगा.

पेट्रोल पंपों और बूचड़खानों पर कार्रवाई

अप्रैल महीने में सरकार द्वारा गठित स्पेशल टास्क फोर्स ने कई पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को मशीनों में हेराफेरी करते हुए पकड़ा. ऐसी मशीनों को सील कर दिया गया. इसके बाद पेट्रोल पंप मालिकों ने हड़ताल की चेतावनी दे दी. साथ ही इलाहबाद हाई कोर्ट ने कहा कि गड़बड़ी करने वाले पेट्रोल पंपों को क्यों सील नहीं किया गया.

योगी सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश में अवैध बूचड़खानों को बंद करने के निर्णय पर भारी हंगामा हुआ. राज्य के बूचड़खानों के असंगठित क्षेत्र में होने के चलते कई बूचड़खाने बंद हो गए. विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया कि इससे इन बूचड़खानों में काम करने वाले लोगों के रोजगार छिन गए.

सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए गठित किया गया 'एंटी-रोमियो स्क्वाड' भी खूब चर्चाओं में रहा. सरकार ने इसे महिला-सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया वहीं 'मोरल-पोलिसिंग' को लेकर इसकी आलोचना भी खूब हुई. बाद में पुलिस ने स्क्वाड द्वारा कपल्स के साथ व्यवहार को लेकर एडवाइजरी भी जारी की.

योगी आदित्यनाथ ने सरकार में आते ही राज्य की कानून व्यवस्था को दुरुस्त कर देने का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि आपराधिक तत्वों की अब खैर नहीं है. हालांकि इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक सहारनपुर दंगे को लेकर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं. इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और दलितों के लगभग दो दर्जन घर जला दिए गए थे.

विपक्ष ने कहा- कानून व्यवस्था खस्ताहाल

100 दिन पूरे होने पर विपक्षी नेताओं ने सरकार को जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने में असफल रही है. बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा कि सरकार अपने वादे तो पूरे नहीं कर पाई पर कानून व्यवस्था जरूर खराब हो गई.

कांग्रेस के प्रवक्ता ने भी योगी राज में कानून व्यवस्था के चरमरा जाने का आरोप लगाया.

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