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9 दिसंबर के बाद मंदिर निर्माण पर विरोधियों के भी विचार बदलेंगे: VHP

पांच हजार कार्यकर्ता दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में घर घर जाकर अगले सात दिनों तक मंदिर निर्माण का ‘संकल्प पत्र’ और ‘संकल्प पुष्प’ युक्त एक लिफाफा वितरित करेंगे

Updated On: Dec 03, 2018 08:06 PM IST

Bhasha

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9 दिसंबर के बाद मंदिर निर्माण पर विरोधियों के भी विचार बदलेंगे: VHP

विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने सोमवार को कहा कि कानून बनाकर अयोध्या में मंदिर निर्माण की मांग के समर्थन में दिल्ली में आगामी नौ दिसंबर रैली का आयोजन है. इस रैली के दूरगामी परिणाम होंगे और इसके बाद कानून के जरिए मंदिर निर्माण को गैरजरूरी मानने वालों के भी विचार बदलेंगे.

संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में मंदिर निर्माण के लिए विधेयक पेश किए जाने की संभावनाओं से बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह द्वारा इंकार करने के बयान पर विहिप के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त सचिव सुरेन्द्र जैन ने कहा कि ‘मैं व्यक्ति विशेष के बारे में टिप्पणी नहीं करूंगा. लेकिन जो लोग भी कहते है कि कानून के माध्यम से मंदिर बनाने की कोई जरूरत नहीं है, दिल्ली स्थित रामलीला मैदान की रैली के बाद उन सभी के विचार बदल जायेंगे.’

जैन ने दावा किया कि पूरे देश में राम विरोधी कोई नहीं है. यहां तक कि मुस्लिम भाई भी राम को ‘इमाम ए हिंद’ मानते हैं. दिल्ली में नौ दिसंबर की रैली के बाद मंदिर निर्माण के पक्ष में देशव्यापी जनभावनाओं को देखते हुए सभी दलों के विचार बदलेंगे कि कानून के जरिए मंदिर निर्माण हो और संसद में सभी दल इसका समर्थन करेंगे.

अगले सत्र में मंदिर निर्माण संबंधी विधेयक पेश किए जाने के सवाल पर जैन ने कहा, ‘हमें उम्मीद ही नहीं पूरा विश्वास है कि आगामी शीतकालीन सत्र में विधेयक पेश किया जायेगा. विधेयक कैसे पेश होगा, यह तय करना सरकार का काम है.’ उन्होंने कहा कि समूचे देश में मंदिर निर्माण हेतु जनजागरण के लिए अब तक 150 से अधिक सभाएं, बैठकें और अन्य कार्यक्रम हुए हैं .उनमें सर्वमान्य तौर पर कानून के माध्यम से मंदिर निर्माण पर सहमति उभर कर सामने आयी है.

रैली से लोगों के विचार बदल जाएंगे: जैन

जैन ने शाह का नाम लिए बिना कहा ‘जिन लोगों के मन में शंका है, दिल्ली की रैली के बाद उनके विचार भी बदलेंगे.’ उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में विहिप नेताओं की लगभग सभी दलों के नेताओं से मुलाकात भी हुई और सभी ने संसद में मंदिर निर्माण का विधेयक पेश होने पर इसका समर्थन करने का भी भरोसा दिलाया है.

Ayodhya Ram Mandir

इस सिलसिले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के सवाल पर जैन ने कहा, ‘गांधी से भी इस मुद्दे पर मुलाकात की जायेगी, उनके सहयोगियों ने बताया है कि वह विधानसभा चुनाव में व्यस्त हैं. चुनाव के बाद गांधी से मिलेंगे.'

रैली की तैयारियों के बारे में जैन ने बताया ‘मुंबई सहित देश के अन्य भागों में हुए कार्यक्रमों के बाद राष्ट्रीय स्तर पर समाज के प्रत्येक वर्ग में मंदिर निर्माण को लेकर माहौल बन गया है.’

इसकी तैयारियों के लिए संगठन की अब तक प्रांतीय स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक 2007 बैठकें हो चुकी है. पांच हजार कार्यकर्ता दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में घर घर जाकर अगले सात दिनों तक मंदिर निर्माण का ‘संकल्प पत्र’ और ‘संकल्प पुष्प’ युक्त एक लिफाफा वितरित करेंगे. रैली में आने वालों की संभावित संख्या के सवाल पर जैन ने कहा कि भोजन के तीन लाख पैकेट की व्यवस्था की जा रही है. साथ ही दिल्ली वालों से अपने साथ भोजन लेकर आने का भी आह्वान किया जा रहा है.

मुख्य वक्ता सुरेश जोशी होंगे:

उन्होंने बताया कि रैली में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर कार्यवाह सुरेश जोशी ‘भैया जी’ होंगे. उनके अलावा विहिप के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) वी एस कोकजे, साध्वी ऋतंभरा, अवधेशानंद गिरि, स्वामी हंसदेवाचार्य और ज्ञानानंद भी रैली को संबोधित करेंगे.

चुनाव आने पर ही मंदिर निर्माण की मांग उठाने के सवाल पर जैन ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से यह प्रयास जारी है. रामलीला मैदान की नौ दिसंबर को होने वाली रैली इस दिशा में जारी निर्णायक दौर साबित होगी. इसे चुनाव से जोड़ कर नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा ‘सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर नियमित सुनवाई पूरी होने तक हमने प्रतीक्षा की. लेकिन फैसला नहीं हो पाने के बाद कानून के माध्यम से मंदिर निर्माण की मांग का फैसला किया गया.'

जैन ने स्पष्ट किया कि मंदिर निर्माण के लिए विभिन्न चरणों में किए गए प्रयास दिल्ली की रैली के बाद भी कामयाब नहीं होने पर अगले साल प्रयाग कुंभ में 31 जनवरी और एक फरवरी को आयोजित धर्म संसद में इस मामले पर अंतिम फैसला किया जाएगा.

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