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नसीमुद्दीन को मायावती का जवाब, सबसे अहम 5 बातें

नसीमुद्दीन सिद्दीकी बहुत बड़ा ब्लैकमेलर है. टेप दिखाकर लोगों को डराता है

FP Staff Updated On: May 11, 2017 10:10 PM IST

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नसीमुद्दीन को मायावती का जवाब, सबसे अहम 5 बातें

बीएसपी ने निकाले गए नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मायावती पर पैसे मांगने का आरोप लगाया है. नसीमुद्दीन सिद्दीकी के आरोपों पर कटाक्ष करते हुए मायावती ने उन्हें टेपिंग ब्लैकमेलर कहा है. कभी मायावती के करीबी रहे नसीमुद्दीन ने मायावती पर पैसे मांगने का आरोप लगाया था.

नसीमुद्दीन टेपिंग ब्लैकमेलर है

नसीमुद्दीन सिद्दीकी बहुत बड़ा ब्लैकमेलर है. टेप दिखाकर लोगों को डराता है. टेप के जरिए लोगों को डराते रहे और लोगों से पैसा ठगते रहे. जो पश्चिमी यूपी के लोग कह रहे थे नसीमुद्दीन ब्लैकमेलर है. जब इसने मीडिया को टेप दिखाई तो विश्वास हो गया ये बहुत बड़ा ब्लैकमेलर है.

दूसरे लोगों को टिकट दिए जिससे वोट कटा

चुनाव होने से एक साल पहले हमारे टिकट फाइनल होने शुरू हो गए थे. तो मैंने कहा था दलितों का वोट तो मिल जाएगा, लेकिन जिन दूसरे लोगों को टिकट दिए जा रहे हैं. उनका वोट मिलेगा या नहीं मैं ये देखना चाहती थी. और यूपी चुनाव के नतीजों से साफ हो गया हमारा वोट खिसक गया. ये नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने जानकर किया है.

मुसलमानों को पार्टी से जोड़ने का दिया था दायित्व

मायावती ने कहा कि नसीमुद्दीन बीएसपी के हितैषी नहीं हैं. मैंने उन्हें पश्चिमी यूपी की जिम्मेदारी सौंपी थी और मुसलमानों को पार्टी से जोड़ने का दायित्व दिया था. मायावती ने कहा कि जब मैंने नसीमुद्दीन से कहा कि वो उन लोगों को साथ लेकर आएं जिनको उन्होंने मेंबरशिप की रसीद दी थी, लेकिन वो नहीं ला पाए तो मैंने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया. इससे साफ हो गया कि बाप और बेटे ने मिलकर पैसे खाए थे.

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नसीमुद्दीन नहीं हटाया तो पार्टी आगे बढ़ने की जगह पीछे जाती रहेगी

मैंंने नसीमुद्दीन को मुस्लिम होने के नाते चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी थी. लोगों ने मुझे बताया ईवीएम में गड़बड़ी तो हुई है, लेकिन आप नसीमुद्दीन को पार्टी से अलग नहीं करेंगी तो पार्टी आगे बढ़ने की जगह पीछे जाती जाएगी. नसीमुद्दीन ने लोगों से पैसे ले लिए लेकिन वो पार्टी को नहीं दिए.

वोट प्रतिशत कम नहीं हुआ, हमारी सीट कम हो गईं

ईवीएम के साथ मैंने पार्टी के जिन वरिष्ठ लोगों को पार्टी को जिताने की जिम्मेदारी दी हुई थी. ईवीएम में गड़बड़ी मुख्य कारण रहा है. वोट प्रतिशत कम नहीं रहा, लेकिन ईवीएम की वजह से सीटें कम हो गई हैं. मेरी जब नसीमुद्दीन से फोन पर बात हुई तो मैंने उसे कहा था मेरे फोन में रिकॉर्डर है.

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