Co Sponsor
In association with
In association with
S M L

ए. राजा: दक्षिण की राजनीति का एक मामूली नाम 2G घोटाले तक कैसे पहुंचा?

दक्षिण की राजनीति के एक सामान्य से नेता ए राजा कैसे बने देश के चर्चित नामों से एक, आइए डालें एक नजर

FP Staff Updated On: Dec 21, 2017 02:20 PM IST

0
ए. राजा: दक्षिण की राजनीति का एक मामूली नाम 2G घोटाले तक कैसे पहुंचा?

देश के सबसे बड़े घोटाले में फंसे डीएमके नेता ए. राजा को आखिरकार अदालत ने बरी कर दिया है. दक्षिण की राजनीति के एक सामान्य से नेता ए राजा कैसे बने देश के चर्चित नामों से एक, आइए डालें एक नजर-

- 54 साल के अंदिमुतु राजा का जन्म पेरम्बलूर के वेलूर में हुआ था. वो यहां से 3 बार सांसद रह चुके हैं.

- उन्होंने बैचलर ऑफ साइंस से ग्रेजुएशन और लॉ किया है. पॉलिटिक्स में उन्होंने छात्र राजनीति से एंट्री मारी. द्रविड़ मुनेत्र कणगम में वो दलित चेहरा होने की वजह से काफी जल्दी आगे बढ़े.

- ब्लॉक नेता रहने के बाद पेरम्बलूर से राजा पहली बार 1996 में सांसद बने. तब उन्हें ग्रामीण विकास राज्य मंत्री बनाया गया. 2000 में वो परिवार-कल्याण स्वास्थ्य राज्य मंत्री बने. 2004 में वो केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्री रहे. इसके बाद 2007 में वो सूचना व प्रसारण मंत्री बने, इस पद ने उनके लिए आगे आने वाले सालों में बड़ी मुश्किलें खड़ी कीं.

- 2007 के चुनावों में ए राजा ने चुनावी जुमला दिया था- ओरू किलो अरीसी ओरू रूपा, ओरू हैलो 50 पैसा यानी एक रुपए में एक किलो चावल, 50 पैसे में फोन पर कहिए हैलो.

- 2007 में टेलीकॉम मंत्री रहते हुए उन्होंने 2जी बैंडविड्थ के लाइसेंस जारी किए. इस पर काफी विवाद हुआ क्योंकि राजा ने इस फील्ड में नई कंपनियों को मौका देते हुए नीलामी की प्रक्रिया न अपनाकर पहले से मौजूद 'पहले आओ-पहले पाओ' की नीति पर लाइसेंस दिए थे.

-इसके बाद इनमें से लाइसेंस पाने वाली दो कंपनियों ने इक्विटी बहुत ऊंचे प्रीमियम पर विदेशी कंपनियों को बेच दिया, जिसने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया. इसे राजकोष में बड़े नुकसान के तौर पर देखा गया.

- सीबीईआई, सीवीसी और कैग ने इस मामले की जांच शुरू कर दी.

- कैग ने इस मामले में भारत सरकार को 2जी आवंटन मामले में अपनी रिपोर्ट दी और कहा कि इस मामले में 1.76 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है.

- राजा इस मामले में खुद पर आरोप लगने के साथ ही खुद को निर्दोष बताते रहे हैं. उनका कहना था कि उन्होंने उन्हीं नीतियों का पालन किया, जो उनके पहले पद पर रह चुके मंत्रियों ने बनाई थीं और अब कोर्ट ने उन्हें सारे आरोपों से बरी कर दिया है.

- ए राजा तमिल में कविताएं लिखते हैं.

- राजा डीएमके प्रमुख और दक्षिण की राजनीति के बड़े चेहरों में से एक एम करुणानिधि के काफी करीबी माने जाते हैं.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
AUTO EXPO 2018: MARUTI SUZUKI की नई SWIFT का इंतजार हुआ खत्म

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi