S M L

ये है इंडिया: उत्तर भारत की मकर संक्रांति दक्षिण का जलिकट्टू है

आस्था | FP Staff | Jan 10, 2018 01:08 PM IST
X
1/ 19
जनवरी के महीने में 13, 14 और 15 तारीख को पूरा देश कई त्याहारों के रंग में डूबा रहता है. पूरब में बिहू, उत्तर में मकर संक्रांति और पोंगल तो दक्षिण में पोंगल . (रॉयटर्स इमेज)

जनवरी के महीने में 13, 14 और 15 तारीख को पूरा देश कई त्याहारों के रंग में डूबा रहता है. पूरब में बिहू, उत्तर में मकर संक्रांति और पोंगल तो दक्षिण में पोंगल . (रॉयटर्स इमेज)

X
2/ 19
उत्तरी भारत में 14-15 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है. इस मौके पर श्रद्धालु सुबह-सुबह संगम पर स्नान कर सूर्यदेव की पूजा करते हैं. जो संगम नहीं जाते, वो भी अपने घरों में उस दिन नहाकर चावल और उड़द से पूजा कर ही कुछ खाते हैं. (रॉयटर्स इमेज)

उत्तरी भारत में 14-15 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है. इस मौके पर श्रद्धालु सुबह-सुबह संगम पर स्नान कर सूर्यदेव की पूजा करते हैं. जो संगम नहीं जाते, वो भी अपने घरों में उस दिन नहाकर चावल और उड़द से पूजा कर ही कुछ खाते हैं. (रॉयटर्स इमेज)

X
3/ 19
कहते हैं कि मकर संक्रांति का त्योहार फसलों का सीजन शुरू होने की खुशी में मनाते हैं. (रॉयटर्स इमेज)

कहते हैं कि मकर संक्रांति का त्योहार फसलों का सीजन शुरू होने की खुशी में मनाते हैं. (रॉयटर्स इमेज)

X
4/ 19
इस दौरान संगम पर हजारों साधु-संतों का मेला लगता है. यहां नागा साधु संगम में डुबकी लगाने आते हैं. (रॉयटर्स इमेज)

इस दौरान संगम पर हजारों साधु-संतों का मेला लगता है. यहां नागा साधु संगम में डुबकी लगाने आते हैं. (रॉयटर्स इमेज)

X
5/ 19
महज प्रयाग में ही नहीं देश भर में कई बड़े घाटों और तीर्थ स्थलों पर लोग डुबकी लगाने और सूर्यदेव की पूजा करने जाते हैं. (रॉयटर्स इमेज)

महज प्रयाग में ही नहीं देश भर में कई बड़े घाटों और तीर्थ स्थलों पर लोग डुबकी लगाने और सूर्यदेव की पूजा करने जाते हैं. (रॉयटर्स इमेज)

X
6/ 19
इस त्योहार की एक खास बात होती है- पतंगबाजी. ये दिन पतंगबाजी के शौकीनों का होता है. देशभर में पतंगबाजी प्रतियोगिता होती है. (रॉयटर्स इमेज)

इस त्योहार की एक खास बात होती है- पतंगबाजी. ये दिन पतंगबाजी के शौकीनों का होता है. देशभर में पतंगबाजी प्रतियोगिता होती है. (रॉयटर्स इमेज)

X
7/ 19
मकर संक्रांति को खिचड़ी भी कहते हैं क्योंकि इस दिन खिचड़ी बनाने का रिवाज है. साथ ही तिल, बाजरे जैसे अनाज से बने पकवानों के लिए भी ये त्योहार जाना जाता है. (विकीमीडिया)

मकर संक्रांति को खिचड़ी भी कहते हैं क्योंकि इस दिन खिचड़ी बनाने का रिवाज है. साथ ही तिल, बाजरे जैसे अनाज से बने पकवानों के लिए भी ये त्योहार जाना जाता है. (विकीमीडिया)

X
8/ 19
इसके अलावा इस दौरान लोहड़ी भी मनाई जाती है. मुख्यत: पंजाब का त्योहार आस-पास के कुछ इलाकों में भी मनाया जाता है. ये भी फसलों का ही त्योहार है. (रॉयटर्स इमेज)

इसके अलावा इस दौरान लोहड़ी भी मनाई जाती है. मुख्यत: पंजाब का त्योहार आस-पास के कुछ इलाकों में भी मनाया जाता है. ये भी फसलों का ही त्योहार है. (रॉयटर्स इमेज)

X
9/ 19
ये त्योहार ठंड खत्म होने और फसलों का सीजन शुरू होने की खुशी में मनाया जाता है. इसमें आग जलाकर उसमें अनाज फेंका जाता है. इस 'बॉनफायर' के किनारे बच्चियां और महिलाएं रंगीन कपड़े पहनकर नाचती और खुशियां मनाती हैं. (रॉयटर्स इमेज)

ये त्योहार ठंड खत्म होने और फसलों का सीजन शुरू होने की खुशी में मनाया जाता है. इसमें आग जलाकर उसमें अनाज फेंका जाता है. इस 'बॉनफायर' के किनारे बच्चियां और महिलाएं रंगीन कपड़े पहनकर नाचती और खुशियां मनाती हैं. (रॉयटर्स इमेज)

X
10/ 19
लोहड़ी का महत्व भी मकर संक्रांति जैसा ही है. (रॉयटर्स इमेज)

लोहड़ी का महत्व भी मकर संक्रांति जैसा ही है. (रॉयटर्स इमेज)

X
11/ 19
मकर संक्रांति की ही तर्ज पर इस दिन पतंग भी उड़ाए जाते हैं. (रॉयटर्स इमेज)

मकर संक्रांति की ही तर्ज पर इस दिन पतंग भी उड़ाए जाते हैं. (रॉयटर्स इमेज)

X
12/ 19
इसी तरह का दक्षिण का त्योहार है- पोंगल. मकर संक्रांति और लोहड़ी की तरह ही पोंगल भी सूर्य देव और खेती से जुड़ा हुआ त्योहार है. (रॉयटर्स इमेज)

इसी तरह का दक्षिण का त्योहार है- पोंगल. मकर संक्रांति और लोहड़ी की तरह ही पोंगल भी सूर्य देव और खेती से जुड़ा हुआ त्योहार है. (रॉयटर्स इमेज)

X
13/ 19
पोंगल पर भी श्रद्धालु सूर्य देव की पूजा करते हैं. देव को चावल की खीर चढ़ाते हैं.(रॉयटर्स इमेज)

पोंगल पर भी श्रद्धालु सूर्य देव की पूजा करते हैं. देव को चावल की खीर चढ़ाते हैं.(रॉयटर्स इमेज)

X
14/ 19
इस दौरान महिलाएं झूला झूलती हैं. उत्तर भारत में नाग पंचमी और सावन महीने के दौरान झूला झूलने का चलन है. (रॉयटर्स इमेज)

इस दौरान महिलाएं झूला झूलती हैं. उत्तर भारत में नाग पंचमी और सावन महीने के दौरान झूला झूलने का चलन है. (रॉयटर्स इमेज)

X
15/ 19
इस दौरान पुरुषों के आकर्षण का केंद्र होता है- जलीकट्टू. इसमें साड़ों को काबू करने का खेल खेला जाता है. (रॉयटर्स इमेज)

इस दौरान पुरुषों के आकर्षण का केंद्र होता है- जलीकट्टू. इसमें साड़ों को काबू करने का खेल खेला जाता है. (रॉयटर्स इमेज)

X
16/ 19
जलीकट्टू दक्षिण भारत का एक बहुत पुराना पारंपरिक खेल है. जिसपर पिछले साल सुप्रीम कोर्ट की ओर से रोक लगा देने की वजह से काफी विवाद हुआ था. (रॉयटर्स इमेज)

जलीकट्टू दक्षिण भारत का एक बहुत पुराना पारंपरिक खेल है. जिसपर पिछले साल सुप्रीम कोर्ट की ओर से रोक लगा देने की वजह से काफी विवाद हुआ था. (रॉयटर्स इमेज)

X
17/ 19
इसी तरह उत्तर-पूर्व भारत का त्योहार है- बीहू. असम में मनाए जाना वाला ये त्योहार भी ठंड के जाने और फसलों के सीजन शुरू होने का प्रतीक है. इस दौरान कई तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है. (रॉयटर्स इमेज)

इसी तरह उत्तर-पूर्व भारत का त्योहार है- बीहू. असम में मनाए जाना वाला ये त्योहार भी ठंड के जाने और फसलों के सीजन शुरू होने का प्रतीक है. इस दौरान कई तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है. (रॉयटर्स इमेज)

X
18/ 19
इस दौरान मछली पकड़ने की प्रतियोगिता, पारंपरिक वेश-भूषा में नाच-गाना बहुत ही प्रसिद्ध है. (रॉयटर्स इमेज)

इस दौरान मछली पकड़ने की प्रतियोगिता, पारंपरिक वेश-भूषा में नाच-गाना बहुत ही प्रसिद्ध है. (रॉयटर्स इमेज)

X
19/ 19
2016 में ब्रिटिश प्रिंस विलियम और डचेस ऑफ कैम्ब्रिज केट मिडिलटन बीहू महोत्सव के मेहमान बने थे. (रॉयटर्स इमेज)

2016 में ब्रिटिश प्रिंस विलियम और डचेस ऑफ कैम्ब्रिज केट मिडिलटन बीहू महोत्सव के मेहमान बने थे. (रॉयटर्स इमेज)

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Social Media Star में इस बार Rajkumar Rao और Bhuvan Bam

क्रिकेट स्कोर्स और भी